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बीएसपी कर्मियों तनख्वाह में 32 फीसदी इजाफा

सत्तर के दशक में बीएसपी कर्मचारियों को न्यूनतम 70 और अधिकतम 365 रुपए पगार मिलता था। आज कर्मचारी लगभग डेढ़ लाख रुपए तक वेतन पा रहे हैं। न्यूनतम बेसिक 25,070 और अधिकतम 1,07,900 रुपए पहुंच चुका है।

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भिलाई

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Nirmal Sahu

Apr 07, 2022

बीएसपी कर्मियों तनख्वाह में 32 फीसदी इजाफा

बीएसपी कर्मियों तनख्वाह में 32 फीसदी इजाफा

निर्मल साहू
Bhilai भिलाई. भिलाई इस्पात संयंत्र के कर्मचारियों का दसवां वेतन समझौता जारी है। फिलहाल न्यूनतम निश्चित लाभ (एमजीबी), पक्र्स के बाद अब वेतनमान संरचना पर भी अंतिम सहमति बन गई है। इस तरह समझौते से संंबंधित महत्वपूर्ण पड़ाव पार कर लिए गए हैं। अब 39 महीने का एरियर्स, हाउस रेंट एलाउंस, नाइट शिफ्ट एलाउंस और सम्मानजनक पदनाम के मुद्दे रह गए हैं। यूनियन नेताओं के मुताबिक जल्द ही इन विषयों पर भी एनजेसीएस की सब कमेटियों की बैठक होगी। इसके बाद मसौदे पर अंतिम रूप से मुहर लगेगी।
यह एनजेसीएस द्वारा किए गए वेतन समझौते का ही नतीजा है कि कर्मचारियों की पगार बढऩे के साथ ही सुविधाएं भी बढ़ती गई। सत्तर के दशक में बीएसपी कर्मचारियों को न्यूनतम 70 और अधिकतम 365 रुपए पगार मिलता था। आज कर्मचारी लगभग डेढ़ लाख रुपए तक वेतन पा रहे हैं। न्यूनतम बेसिक 25,070 और अधिकतम 1,07,900 रुपए पहुंच चुका है।
संयंत्र में मान्यता प्राप्त स्टील एंप्लाइज यूनियन इंटक के नेताओं की मानें तो इस बार ( 1 जनवारी 2017 से 31 दिसंबर 2026 की अवधि ) का वेतन समझौता कई मायनों में अब तक का सबसे अधिक फायदेमंद है। कर्मियों के बेसिक में ही अब 1100 से 2500 रुपए की बढ़ोतरी हो जाएगी। इससे पक्र्स और डीए में भी वृद्धि होगी। इस तरह महीने की तनख्वाह अब 3000 से 7000 रुपए बढ़ जाएगी।
समझौते की सबसे खास बातें
1. वेरिएबल पक्र्स
यूनियनों ने 26.5 फीसदी वेरिएबल पक्र्स पर सहमति जताई है। इससे जूनियर और सीनियर दोनों कर्मियों को फायदा मिलेगा। पहले जूनियर कर्मियों को 16 से 21 और सीनियर को 14 से 16 प्रतिशत फिक्स पक्र्स का लाभ मिलता था। अब वेरिएबल होने से इन्क्रीमेंट के साथ पक्र्स में भी बढ़ोतरी होती जाएगी। इस तरह कम्यूलिटिव बढ़ोतरी होगी।
2. पे-स्केल में 15 स्पॉन
पहली बार पे स्केल में 15 स्पॉन दिया गया है। एक तरह से यह ओपन एंडेड पे स्केल है। इससे सभी कर्मियों को दिसंबर 2026 तक तीन प्रतिशत पूरा इन्क्रीमेंट मिलेगा। पहले स्पॉन कम होने से 2.25 से 2.50 प्रतिशत इन्क्रीमेंट ही मिल पाता था, क्योंकि कर्मी तय स्ट्रक्चर से आगे निकल जाते थे। अब स्पॉन बढऩे से पर्सनल पे (पीपी) के बजाए कम्यूलेटिव इफेक्ट होगा।
3. पेंशन में 9 फीसदी अंशदान-
कर्मचारियों को पेंशन में प्रबंधन की ओर से 6 प्रतिशत अंशदान दिया जा रहा था जबकि अफसरों को 9 प्रतिशत। इस तरह दोनों वर्गों में प्रबंधन के अंशदान में 3 प्रतिशत का अंतर था। कर्मचारियों के लिए वर्ष 2012 से लागू पेंशन स्कीम में अंशदान को लेकर यह अंतर लगातार विवादों में रहा है। सेल प्रबंधन ने अब कर्मियों को भी 9 प्रतिशत पेंशन अंशदान पर सहमति जता दी है।
पगार में 32 फीसद वृद्धि का अनुमान
1989 के वेतन समझौते में वेतन में 10 प्रतिशत से भी कम की बढ़ोतरी हुई थी।
1995 के एग्रीमेंट में वेतन में 10 फीसदी से नाममात्र अधिक की वृद्धि हुई।
2001 के समझौते से कर्मियेों की तनख्वाह में लगभग 20 फीसदी की बढ़ोतरी हुई।
2012 के एग्रीमेंट में लगभग 30 फीसदी वेतन वृद्धि का लाभ कर्मियों को मिला।
2017 के समझौते में तनख्वाह में लगभग 32 फीसद वृद्धि का अनुमान है।
1970 में वेज रिवीजन से पहले वेतनमान
ग्रेड- वेतनमान
डब्ल्यू-1- 70-85
एस-2- 75-85
डब्ल्यू- 2- 80-90
एस-3- 80-96
डब्ल्यू-3- 84-100
डब्ल्यू-4- 88-114
एस-4- 85-110
डब्ल्यू-5- 98-122
डब्ल्यू-6-113-147
डब्ल्यू-7-135-175
डब्ल्यू-8 -156-221
डब्ल्यू-9- 168-290
डब्ल्यू-10-210-365
(रुपए में)

दसवां वेतन समझौता (1 जनवरी 2017 से 31 दिसंबर 2026)
ग्रेड- वेतनमान
एस-1 - 25070- 35070
एस-2- 25810-36730
एस-3- 26600-38920
एस-4- 27080-42900
एस-5- 27390-47640
एस-6- 27710-53590
एस-7- 27870-60820
एस-8- 28030-68980
एस-9- 28180-80080
एस-10-28340-94870
एस-11- 28500-107900
(वेतनमान रुपए में)

इन पर भी जरूरी है बातें और फैसला
1. चिकित्सा
पंडित जवाहर लाल नेहरू चिकित्सालय एवं अनुसंधान केंद्र सेक्टर-9 व संयंत्र संचालित अन्य अस्पतालों में पर्याप्त डॉक्टर, नर्स, कंपाउंडर नहीं होने से इलाज सुविधाएं प्रभावित हो रही हैं। नई भर्ती की जाए। 25 वर्ष आयु तक के कर्मियों के बच्चों को जरूरत पडऩे पर रेफर की सुविधा मिले।
2. शिक्षा
यूनियन चाहती है कि अगर शिक्षा का आउटसोर्सिंग भी किया जाना है तो एक एडवाइजरी कमेटी बनाए और कर्मियों के हित को ध्यान में रखकर फैसला ले। शिक्षकों की नियमित भर्ती यहां कई साल से बंद है। ठेके के शिक्षकों से काम चला रहा है। कर्मचारी अपने बच्चों को प्राइवेट स्कूल में पढ़ाने मजबूर हैं। उन्हें न तो फीस में रियायत मिल रही है और न ही एजुकेशन एलाउंस मिल रहा है।
3. आवास
400 वर्गफीट वाले 22,000 आवासों को डिसमेंटल कर न्यूनतम 800 वर्गफीट वाले थ्री बीएचके आवास सुविधा। कंपनी आवास में नहीं रहने वाले कर्मियों को रिवाइज्ड बेसिक अनुसार हाउस रेंट एलाउंस। रिटायर्ड कर्मी जिस मकान में रह रहे है उन्हें उसी हाउस रेंट पर रहने कि सुविधा। रिटायर होनेे पश्चात कर्मियों को खुद का मकान बनाने 10 डिसमिल जमीन। हाउस लीज स्कीम का छठवां फेस एवं लीज आवासों का नियमितीकरण।
4. नागरिक सुविधाएं
टाउनशिप में नागरिक सुविधाएं दिनोंदिन खराब होती जा रही हैं। सीवर लाइन चोक होने की समस्या आम है। घरों में बिजली वायरिंग लटक रही है। दीवारों में सीपेज आता है। मेंटनेंसे ऑफिस बंद हो गए हैं। कर्मचारी हैं, न संसाधन। पार्क व अन्य पब्लिक प्लेस उजड़ रहे हैं। इस्पात क्लब आयोजन के लायक नहीं रहे।

कर्मचारियों की भावनाओं के अनुरुप समझौते किए जाएंगे

कर्मियों को बेहतर वेतनमान, भत्ते एवं सुविधाएं मिले यही हमारी यूनियन का प्रयास रहा है। न केवल कंपनी स्तर पर बात बननी चाहिए बल्कि स्थानीय मुद्दों को लेकर भी सार्थक चर्चा की जरूरत है। शेष मुद्दों पर भी कर्मचारियों की भावनाओं के अनुरुप समझौते किए जाएंगे।
संजय साहू, अतिरिक्त महासचिव स्टील एंप्लाइज यूनियन इंटक