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भारतीय रेल से जेएसपीसीएल को एक लाख टन रेलपांत का मिला आर्डर

बीएसपी की मोनोपल्ली टूटी, भारतीय रेलवे ने जिंदल स्टील एंड पॉवर कंपनी लिमिटेड (जेएसपीसीएल) को एक लाख टन का आर्डर दिया है।

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भिलाई

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Abdul Salam

Aug 02, 2018

BHILAI

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भिलाई. भारतीय रेल को रेलपांत सप्लाई करने का अधिकार अब तक सेल के भिलाई इस्पात संयंत्र के पास सुरक्षित था। यह रिकार्ड अब टूट गया है। भारतीय रेलवे ने जिंदल स्टील एंड पॉवर कंपनी लिमिटेड (जेएसपीसीएल) को एक लाख टन का आर्डर दिया है।

भारतीय रेल से जेएसपीसीएल को भारतीय रेलवे ने 1,00,000 टन रेलपांत सप्लाई का आर्डर दिया है। भारतीय रेल को अधिक से अधिक रेलपांत मरम्मत के दौरान बदने के लिए जरूरत है। यही वजह है कि स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड (सेल) के साथ-साथ दूसरी कंपनी को भी रेलपांत आपूर्ति का आर्डर दिया गया है। जेएसपीसीएल के आला अधिकारी ने नाम नहीं छापने की शर्त पर बताया कि भारतीय रेलवे से आर्डर मिलना एक बड़ी सफलता है।

बीएसपी को करना है हर माह 1,00,000 टन का उत्पादन
भिलाई इस्पात संयंत्र को वित्त वर्ष 2018-19 के दौरान हर माह एक लाख टन रेलपांत की सप्लाई करना है। ब्लास्ट फर्नेस में तकनीकि दिक्कत आने की वजह से इस टारगेट को पूरा करने में बीएसपी पिछड़ रहा है। बीएसपी के ब्लास्ट फर्नेस-8 की क्षमता हर दिन करीब 8000 टन हॉट मेटल उत्पादन करने की है। जिससे वर्तमान में 5,000 टन तक हॉट मेटल का उत्पादन किया जा रहा है।

बीएसपी के सामने बढ़ गई चुनौती
भारतीय रेल को रेलपांत सप्लाई करने का काम निजी कंपनी के हाथ में जाने से, बीएसपी के सामने चुनौती बढ़ गई है। यूआरएम व पुराने रेल मिल के सहारे बीएसपी अगस्त से रेलपांत उत्पादन के टारगेट को पूरा करने की तैयारी कर रहा है।

ईरान के आर्डर में भी बना था हिस्सेदार
इसके पहले केंद्र सरकार ने ईरान से मिले रेलपांत के आर्डर को भी ईरान को सौंप दिया था। इसके पीछे वजह सेल के पास भारतीय रेल से अधिक उत्पादन का दबाव होना बताया जा रहा है। जेएसपीसीएल समेत अन्य निजी कंपनी लगातार प्रयास कर रही है कि रेलवे से मिलने वाले आर्डर में उनको भी हिस्सा मिले, जिससे उनके हाथ भी भारतीय रेल को रेलपांत की सप्लाई का अनुभव आए।