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बीएसपी, एनएसपीसीएल, रेलवे, निजी कॉलोनियों को 15 दिन में देना होगा उनके यहां डेंगू लार्वा नहीं होने का प्रमाण पत्र

डेंगू के कहर को रोकने के लिए बुलाई गई नगर पालिक निगम की विशेष सामान्य सभा में बड़ा फैसला लिया गया।

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भिलाई

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Bhuwan Sahu

Aug 12, 2018

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बीएसपी, एनएसपीसीएल, रेलवे, निजी कॉलोनियों को 15 दिन में देना होगा उनके यहां डेंगू लार्वा नहीं होने का प्रमाण पत्र

भिलाई . डेंगू के कहर को रोकने के लिए बुलाई गई नगर पालिक निगम की विशेष सामान्य सभा में बड़ा फैसला लिया गया। सदन के निर्णय के अनुसार अब निजी कॉलोनियों को १५ दिन के अंदर कूलर का पानी खाली कराना होगा। दवा का छिड़काव कर डेंगू फ्री कॉलोनी होने का प्रमाण पत्र निगम में जमा कराना होगा। एेसा नहीं करने पर निगम प्रशासन कानूनी कार्रवाई करेगा। इसके साथ ही डेंगू की रोकथाम को लेकर निगम प्रशासन के वित्तीय अधिकार आयुक्त केएल चौहान को देने का संकल्प पारित किया गया। इससे सफाई कार्य और जरूरत की सामग्री खरीदने में वित्तीय स्वीकृति की उलझन नहीं आएगी।
सदन में पार्षदों ने सुझाव दिया कि डेंगू का लार्वा कूलर मेंं मिल रहे हैं। इसे कंट्रोल करना बहुत जरूरी है। जब तक लार्वा खत्म नहीं होगा। लोगों को राहत नहीं मिलेगी। पार्षदों ने बीएसपी, एनपीसीएल, एफएसएनएल, रेलवे सहित अन्य निजी कॉलोनाइजर्स को कानूनी नोटिस जारी करने का सुझाव दिया। १५ दिन के अंदर सभी कालोनियों के आवासों के कूलर का पानी खाली कराने और दवा का छिड़काव कर सर्टिफिकेट निगम कार्यालय में जमा कराने का निर्णय लिया। सभापति पी श्याम सुंदर राव ने निगम आयुक्त केएल चौहान को सदन के निर्णय के अनुसार कार्रवाई के निर्देश दिए।

सभा बुलाने के सवाल पर गरमाया सदन, सदस्य के कथन पर मेयर ने जताया खेद

डेंगू के चलते आपात स्थिति बनने पर विशेष सभा बुलाने पर एमआइसी सदस्य दिवाकर भारती ने सवाल उठाया। दोपहर दो बजे सभा की शुरूआत में भारती ने बैठक के औचित्य पर सवाल उठाते हुए इसे महापौर की छवि बिगाडऩे की चेष्टा बताया। इस कथन पर सदन गरमा गया। भाजपा पार्षद पीयूष मिश्रा और वशिष्ठ नारायण मिश्रा ने आपत्ति दर्ज कराई। दोनों दलों के पार्षद एक-दूसरे पर डेंगू को लेकर आरोप-प्रत्यारोप की राजनीति नहीं करने की बात पर बहस में उलझ गए।

पार्षद वशिष्ठ ने की इस्तीफे की पेशकश

एमआइसी सदस्य के कथन पर आक्रोश जताते हुए पार्षद वशिष्ठ नारायण ने कहा कि इतने गंभीर मामले में सदन के आयोजन पर सवाल उठाना गलत है। शासन-प्रशासन अपना काम कर रहे हैं, लेकिन शहर के जनप्रतिनिधि के नाते निगम की कार्ययोजना पर बात नहीं हो सकती तो हमें इस्तीफा दे देना चाहिए। मैं इसके लिए तैयार हूं।

विवाद बढ़ता देखकर महापौर ने दिया दखल

महापौर देवेन्द्र यादव ने दोनों दलों के पार्षदों से विषय को पटाक्षेप करने का आग्रह किया। सदन के औचित्य के सवाल पर खेद भी जताया। उन्होंने कहा कि २२ वार्डों में फैल चुकी एडीज के लार्वा को खत्म करने और प्रभावित लोगों का उचित इलाज के विषय पर चर्चा के लिए सभी लोग यहां जुटे हैं। सभी अपना सुझाव दें। इसके बाद चर्चा शुरू हुई।

आयुक्त ने बताई परेशानी... 1000 अतिरिक्त श्रमिकों में से 30 फीसदी नहीं थे नाली साफ करने तैयार

बैठक में निगम आयुक्त केएल चौहान ने बताया कि सफाई व्यवस्था और कूलर से पानी खाली कराने एक हजार अतिरिक्त श्रमिकों की ड्यूटी लगाई गई थी। लेकिन इनमें से ३० फीसदी श्रमिक नाली की सफाई का कार्य देखकर वापस लौट गए। अब ऐसे मजदूर नहीं चाहिए। पार्षद अपने स्तर पर मजदूर की व्यवस्था कर सफाई करा सकते हैं। उनके प्रमाणित करने पर निगम भुगतान कर देगा। ज्ञात हो कि नगर निगम ने बीएसपी के टाउनशिप में घरों व स्ट्रीट से कचरा उठाने वाले श्रमिकों को दूसरी पाली दोपहर बाद 3 से रात 11 बजे तक सफाई के लिए बुलाया था।

पार्षदों का सुझाव... सर्व सम्मति से लिया निर्णय

निजी और प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों में आपातकालीन वार्ड बनाने के लिए शासन को प्रस्ताव भेजा जाएगा।
डेंगू प्रभावितों का संजीवनी कोष से इलाज के लिए आर्थिक सहायता की मांग का प्रस्ताव शासन को भेजेंगे।
मृतक परिवार को १०-१० लाख मुआवजा देने की मांग शासन से करने का निर्णय लिया गया।
पार्षद अपने वार्ड में जागरूकता अभियान चलाकर कूलर का पानी खाली कराने में सहयोग करेंगे।