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Chhattisgarh utility news: बीएसपी सेक्टर 9 अस्पताल में इलाज होगा सस्ता, पढ़ें खबर

सेक्टर-9 हॉस्पिटल में बाहरी (गैर बीएसपी) मरीजों को राहत मिलने वाली है। बीएसपी प्रबंधन ने इलाज का शुल्क 17 फीसदी सस्ती करने की तैयारी की है।    

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BSP hospital

भिलाई. सेक्टर-9 हॉस्पिटल में बाहरी (गैर बीएसपी) मरीजों को राहत मिलने वाली है। पिछले तीन सालों में यह पहला मौका होगा, जब बीएसपी प्रबंधन ने इलाज का शुल्क 17 फीसदी सस्ती करने की तैयारी की है। बाहरी मरीजों के लिए इलाज 40 फीसदी महंगा कर दिए जाने से उनकी संख्या में तेजी से गिरावट आई थी। विशेषज्ञ चिकित्सकों की कमी और मरीजों की संख्या कम होने पर प्रबंधन ने इलाज की दरों में कटौती का मन बनाया है।

20 प्रतिशत तक कर दिया था इजाफा

बीएसपी प्रबंधन ने पहले वर्ष 2005-06 में दरों को ५ फीसदी तक कटौती किया गया था। इसके बाद लगातार इलाज महंगा होता गया। वित्तीय वर्ष 2014-15 और 2015-16 में 20 फीसदी तक शुल्क में इजाफा किया। पिछले तीन सालों के दौरान अस्पताल में इलाज की दरें दो बार में 20-20 फीसदी तक बढ़ाई गई थीं। इससे सेक्टर-9 अस्पताल में उपचार निजी अस्पतालों से भी महंगा हो गया था।

सेक्टर-9 में ह्दय रोग विशेषज्ञ रहेंगे उपलब्ध
अस्पताल में हृदय रोग विशेषज्ञ की सुविधा गुरुवार से पुन: शुरू कर दी गई है। जेएलएन के निदेशक प्रभारी डॉक्टर केएन ठाकुर ने इसके तहत कार्डियोलॉजी टोकन बुकिंग सुविधा शुरू की है। चिकित्सा विभाग के सी, एसएंडए विभाग ने टोकन बुकिंग सिस्टम प्रणाली के संचालन के लिए सॉफ्टवेयर निर्मित किया है। दो नए हॉस्पिटल-राम कृष्ण केयर व एनएचएमएमआई नारायणा, रायपुर से अनुबंध किया है। दोनों अस्पताल के हृदय रोग विशेषज्ञ क्रमश: सप्ताह में मंगलवार व शुक्रवार को अपनी सेवाएं देंगे। इस व्यवस्था के तहत निर्धारित दिन 25-25 सामान्य, 2-2 माइंस क्षेत्र व 1-1 आईपीडी (भर्ती मरीज) मेडिसिन विभाग व रेफर मरीजों को भी इन्हीं डॉक्टर्स से बेहतर चिकित्सा सुविधाएं मुहैया कराई जाएंगी।

सीईओ के निर्देश
बीएसपी सीईओ एम रवि के निर्देश पर इलाज का शुल्क निर्धारण करने टीम गठित की। इसमें संयुक्त निदेशक डॉक्टर एके गर्ग, एजीएम अग्रवाल, ओएंडएम के रजनीश चंद्राकर, वित्त विभाग से राजेश नायर, डॉक्टर रविंद्रनाथ, डॉक्टर राजीव पाल शामिल हैं। टीम ने करीब २५ फीसदी तक इलाज शुल्क को कम करने की अनुशंसा के साथ रिपोर्ट तैयार की है।

50 प्रतिशत रह गए बाहरी मरीज
सेक्टर-9 हॉस्पिटल में निजी मरीजों की संख्या में करीब ५० फीसदी तक कमी हो गई है। वहीं बीएसपी कर्मचारी भी विशेषज्ञ चिकित्सकों की कमी को देखते हुए दूसरे प्रदेश में मौजूद बड़े निजी हॉस्पिटल में रेफर करवाना बेहतर मान रहे हैं। प्रबंधन इसमें कमी लाने के लिए निजी हॉस्पिटलों से चिकित्सकों को हायर कर रहा है।