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सीजी में सीमेंट के दाम बेतहाशा बढ़ गए, विपक्ष की चुप्पी ने सत्ता पक्ष का साहस बढ़ाया

जोगी कांग्रेस ने उठाए सवाल,

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भिलाई

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Abdul Salam

Mar 22, 2022

सीजी में सीमेंट के दाम बेतहाशा बढ़ गए, विपक्ष की चुप्पी ने सत्ता पक्ष का साहस बढ़ाया

सीजी में सीमेंट के दाम बेतहाशा बढ़ गए, विपक्ष की चुप्पी ने सत्ता पक्ष का साहस बढ़ाया

भिलाई. छत्तीसगढ़ में सीमेंट के उद्योग हैं, बावजूद इसके एक साथ दाम में करीब 50 रुपए का इजाफा कर दिया गया। यहां टीएमटी का उत्पादन भी होता है। तब भी उसके दाम हर दूसरे दिन बढ़ रहे हैं। मीडियम वर्ग के लोग जब जीवनभर के जमा पुंजी लगाकर एक घर बनाना चाहता है तो उसके लिए सालभर तक बजट तय करता है। वह घर बनाने के लिए काम शुरू करवाया और एक साथ टीएमटी और सीमेंट दोनों के दाम बढ़ गए। जिन्होंने काम शुरू करवा दिया था वे अब कर्जा लेकर काम पूरा कर रहे हैं। वहीं जो काम शुरू करवाने वाले थे, उन्होंने घर बनाने के फैसले को टाल दिया है। जिससे प्रदेश की जनता प्रभावित हो रही है, उस मामले में विपक्ष भारतीय जनता पार्टी के नेताओं ने चुप्पी साध ली है। सदन में इस विषय पर कांग्रेस की सरकार को घेर नहीं रहे हैं। जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ (जे) में कोर कमेटी के सदस्य जहीर खान ने यह बात कही।

20 लाख से अधिक बेरोजगार युवक सड़क पर
उन्होंने कहा कि प्रदेश में पंजीकृत 20 लाख से अधिक बेरोजगार युवक सड़क पर है। सरकार इनको रोजगार देने में असफल रही है। पढ़े लिखे युवा मजबूर होकर दूसरे राज्य में काम तलाशने पलायन कर रहे हैं। कांग्रेस नेताओं ने चुनाव के वक्त इसको लेकर बड़े वादे किए थे। आज सरकार को इस मामले में प्रमुख विपक्षी दल होने की वजह से भाजपा को घेरना चाहिए, उससे वह कोसो दूर है।

आदिवासियों के जल, जंगल और जमीन की रक्षा
उन्होंने बताया कि चुनाव के दौरान बस्तर में कांग्रेस के राष्ट्रीय नेता राहुल गांधी ने कहा था कि आदिवासियों के जल, जंगल, जमीन की रक्षा की जाएगी। चुनाव में जीतने के बाद कांग्रेस ने प्रदेश में सरकार गठित किया। इसके बाद माफियांओं और उद्यमियों को आदिवासी क्षेत्र में जमीन दिए। अब करीब 40 लाख आदिवासी अपनी जमीन को बचाने संघर्ष कर रहे हैं। इसका जीता जागता उदाहरण सेलगेवार है। छत्तीसगढ़ धान का कटोरा कहलाता था, अब यहां खेती का रकबा कम कर दिया गया है। इस विषय को प्रमुख विपक्षी दल ही उठाने से गुरेज कर रहा है।

शराब बंदी छोड़ सबसे अधिक खपाने वाले बने
उन्होंने बताया कि छत्तीसगढ़ में कांग्रेस ने चुनाव जीतने के बाद शराब बंदी की बात कही थी। अब तक शराब बंदी नहीं किए हैं। जिसकी वजह से महिलाओं में खासा रोष है। दूसरे राज्यों से अलग-अलग ब्रांड की शराब छत्तीसगढ़ में लाकर खपा दी जा रही है। देश में सबसे अधिक शराब जिन राज्यों में खप रही है, उस इंडेक्स में छत्तीसगढ़ दूसरे नंबर में आ रहा है। इस विषय को भी भाजपा के नेता सदन में दमखम से नहीं उठा रहे हैं।

रेत खनन पर पैर खींच रही सरकार
उन्होंने कहा कि रेत खनन को लेकर राज्य सरकार ने नई पॉलिसी बनाई। उसे तीन साल तक जारी रखा। इस दौरान ग्रामीण और ग्राम पंचायत के लोग नाराज थे। चुनाव सामने है तब प्रदेश सरकार पुरानी पॉलिसी को फिर अपनाने की बात कर रही है। इससे सरकार की अदूरदर्शिता जाहिर होती है। प्रदेश में अधिकारी हमेशा दहशत में रह रहे हैं, हर दो माह में ट्रांसफर लिस्ट जारी हो जाता है। एक तरह से कहा जा सकता है कि ट्रांसफर उद्योग संचालित हो रहा है।

एक सिक्के के दो पहलू
उन्होंने कहा कि कांग्रेस और भाजपा एक सिक्के के दो पहलू की तरह काम कर रहे हैं। कांग्रेस नेताओं ने चुनाव के दौरान सत्ता में आने से जिस तरह विपक्ष के नेताओं के खिलाफ कार्रवाई करने की बात कही थी। वह देखने को नहीं मिलती। इसी तरह से विपक्ष भी कांग्रेस को किसी बड़े इशू पर घेरता नजर नहीं आता है।