11 जनवरी 2026,

रविवार

Patrika LogoSwitch to English
home_icon

होम

video_icon

शॉर्ट्स

catch_icon

प्लस

epaper_icon

ई-पेपर

profile_icon

प्रोफाइल

CG Assembly Election 2023 : नाम का शहर, सुविधाएं कस्बाई भी नहीं, सड़क पर गंदगी और मवेशी बने पहचान

CG Assembly Election 2023 : कांग्रेस के दिवंगत नेता मोतीलाल वोरा की यह कर्मभूमि रही है। यहीं से राजनीति का दांव-पेच सीखकर वोरा ने मुख्यमंत्री, राज्यपाल और केंद्रीय मंत्री तक का ओहदा हासिल किया।

2 min read
Google source verification
CG Assembly Election 2023 : नाम का शहर, सुविधाएं कस्बाई भी नहीं, सड़क पर गंदगी और मवेशी बने पहचान

CG Assembly Election 2023 : नाम का शहर, सुविधाएं कस्बाई भी नहीं, सड़क पर गंदगी और मवेशी बने पहचान

CG Assembly Election 2023 : दुर्ग जिले का राजनीतिक केंद्र... दुर्ग शहर विधानसभा क्षेत्र। यहां की राजनीति का दखल कभी दिल्ली तक हुआ करता था। कांग्रेस के दिवंगत नेता मोतीलाल वोरा की यह कर्मभूमि रही है। यहीं से राजनीति का दांव-पेच सीखकर वोरा ने मुख्यमंत्री, राज्यपाल और केंद्रीय मंत्री तक का ओहदा हासिल किया। ऐसे में चौमुखी विकास की उम्मीद जनता में स्वाभाविक है, लेकिन दिवंगत वोरा और उनके बाद भाजपा सरकार के कद्दावर मंत्री दिवंगत हेमचंद यादव तथा अब वोरा के सुपुत्र मौजूदा विधायक अरुण वोरा के नेतृत्व के बाद भी जनता की यह उम्मीद अधूरी ही रह गई। क्षेत्र के नाम के साथ शहर जरूर लग गया है, लेकिन यहां सुविधाएं कस्बाई भी मुहैया नहीं कराई जा सकी है।


आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर जनता का मूड टटोलने के प्रयास में स्थानीय मतदाताओं से बातचीत में लगभग यही निचोड़ सामने आया। 60 वार्डों वाले दुर्ग शहर विधानसभा सीट की घनी आबादी वाले गयानगर के पुराने मुक्तिधाम इलाके में सड़क सीमेंटीकरण का कार्य चल रहा है। यहां पर ठेकेदार के कार्य को लेकर असंतोष जाहिर करती हुई कुछ महिलाएं मिलीं। उनसे बातचीत में पता चला कि ठेकेदार सड़क की गंदगी, धूल और घरों के किनारे बजरी के ढेर को हटाए बिना ही सीमेंट की परत चढ़ाकर लीपापोती का प्रयास कर रहा है। ललिता कौशल, सुमित्रा सोनी, प्राची सोनी, गायत्री यादव, मधु शर्मा, इंदु सोनी ने बताया कि सीमेंटीकरण में जमकर गोलमाल किया जा रहा है। शहर सरकार और विधायक के काम व समस्याओं से जुड़े सवाल पर उन्होंने बताया कि आवारा मवेशियों से वे सबसे ज्यादा परेशान हैं।


विधायक-महापौर का दल एक, लेकिन काम नहीं


एडवोकेट राजकुमार गुप्त विधायक व महापौर दोनों के काम से संतुष्ट नहीं हैं। उनका कहना है कि विधायक व महापौर दोनों एक ही दल के हैं। प्रदेश में भी उनकी ही सरकार है, लेकिन दोनों के बीच सामंजस्य नहीं होने के कारण विकास को पर्याप्त गति नहीं मिल पा रही है। विधायक राशि स्वीकृति की जानकारी देते हैं, लेकिन धरातल पर उतने काम नजर नहीं आते। उनका कहना है कि सफाई, आवारा मवेशी, अमृत मिशन और वाटर ट्रीटमेंट प्लांट का मामला भी दोनों मिलकर नहीं सुलझा पाए।


सरकार बदली, लेकिन घरों में नहीं पहुंचा ‘अमृत’


सुमित्रा सोनी, गायत्री यादव व मधु शर्मा ने बताया कि गर्मी के दिनों में घरों में केवल दो से तीन घड़ा पानी मिल पाता है। अमृत मिशन से जुड़े सवाल पर उन्होंने बताया कि पूर्ववर्ती शहर सरकार के समय भी यही स्थिति थी। इसलिए लोगों ने सरकार बदल दी, लेकिन स्थिति जस की तस है। महिलाओं की मानें तो अब अमृत मिशन के चलते संकट की स्थिति में टैंकर उपलब्ध नहीं कराया जाता। ऐसे में हैंडपम्पों व कुओं का सहारा लेना पड़ता है।


सड़कों की दशा सुधरी, लेकिन गुणवत्ता पर संदेह


युवा दिनेश डोंगरे, मोहित साहू, ओम जांगड़े, विजय विश्वकर्मा और गोल्डी सोनकर ने बताया कि शहर में सड़कें तो बनी हैं, लेकिन गुणवत्ता को लेकर कुछ भी नहीं कहा जा सकता। जीई रोड के अलावा बड़ी सड़कों पर काम किया जा रहा है। इससे इन इलाकों का लुक बदला है। उन्होंने कहा कि सरकार की कई योजनाएं अच्छी हैं, लेकिन उनका क्रियान्वयन ईमानदारी से नहीं हो रहा।

CG election 2023

CG Vidhan Sabha Election

CG assembly election 2023

Assembly Elections 2023
[typography_font:14pt;" >CG vidhan sabha election 2023

elections 2023
[typography_font:14pt;" >छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव 2023