
CG बोर्ड परीक्षा का पैटर्न बदला, बनाया ऐसा ब्लू प्रिंट कि अब 12 वीं के छात्रों को नहीं सताएगा परीक्षा का डर
भिलाई. इस शिक्षा सत्र से 12 वीं में भी एनसीईआरटी का पाठ्यक्रम लागू करने के साथ ही माध्यमिक शिक्षा मंडल ने भी नए पैटर्न पर परीक्षा की तैयारी पूरी कर ली है। वार्षिक परीक्षा से पहले मंडल नए पाठ्यक्रम के अनुसार प्रश्नपत्र का ब्लू प्रिंट भी तैयार कर रहा है। इस वर्ष कला संकाय को छोड़कर सभी संकाय की परीक्षा एनसीईआरटी पाठ्यक्रम के अनुसार ही होगी।
इन विषयों को किया गया है शामिल
इसमें बारहवीं के साइंस, गणित, लेखाशास्त्र और अर्थशास्त्र विषय को शामिल किया गया है। माध्यमिक शिक्षा मंडल की ब्लू प्रिंट के अनुसार गणित विषय में 70 प्रतिशत और अन्य विषयों में 60 प्रतिशत औसत प्रश्न पूछे जाएंगे। बारहवीं में गणित, भौतिक, रसायन, जीव विज्ञान, लेखाशास्त्र और अर्थशास्त्र के विषय एनसीआरटी की किताबों से ही पढ़ाए जा रहे हैं।
ब्लू प्रिंट तैयार
ब्लू प्रिंट के अनुसार भौतिक, रसायन, जीव विज्ञान में सैद्धांतिक परीक्षा 70 अंकों की होगी। जबकि, 30 अंक के प्रायोगिक और प्रोजेक्ट होंगे। गणित में प्रायोगिक परीक्षा नहीं होगी। सैद्धांतिक परीक्षा पूरे 100 अंक की होगी। वहीं लेखाशास्त्र और अर्थशास्त्र में सैद्धांतिक 80 अंक तथा प्रायोगिक परीक्षा 20 अंक होगी। परीक्षार्थियों में परीक्षा के भय को खत्म करने के लिए परीक्षा पैटर्न को सरल बनाया गया है।
20त्नप्रश्न सरल और 20त्न प्रश्न कठिन होंगे। गणित में 15त्नसरल और 15त्न कठिन प्रश्न होंगे। जबकि, 70त्न प्रश्न औसत स्तर के पूछे जाएंगे। इसी तरह अति लघुउत्तरीय प्रश्न 4 और लघुउत्तीय प्रश्नों की संख्या 8 होगी।
60 फीसदी तक और रखा गया
पहली बार 12 वीं बोर्ड में एनसीईआरटी को कोर्स को शामिल करने के बाद होने वाली वार्षिक परीक्षा के डर को बच्चों में खत्म करने प्रश्नों के स्तर को 60 फीसदी तक औसत रखा है। ताकि औसत और कमजोर बच्चों को भी पेपर हल करने में दिक्कत ना हो। बोर्ड के अनुसार गणित को छोड़कर अन्य विषयों में प्रश्नों का स्तर 60 प्रतिशत तक औसत होगा। पाठ्यक्रम नया है, इसलिए माध्यमिक शिक्षा मंडल ने ब्लूप्रिंट वेबसाइट मे अपलोड कर दी है। जिससे विद्यार्थियों को परीक्षा की तैयारी करने में आसानी होगी।
बच्चों के लिए अलग कोचिंग की व्यवस्था
नए कोर्स को लेकर डीईओ ने तैयारी कर ली है। दिसंबर तक बोर्ड कक्षाओं के कोर्स को पूरा करने का टारगेट दिया है। ताकि जनवरी और फरवरी में रिवीजन, मॉडल पेपर सॉल्व कराए जाएंगे। साथ ही कमजोर और मेघावी बच्चों के लिए अलग-अलग कोचिंग की व्यवस्था भी की जाएगी।
डीईओ ने हाल ही में हुई प्राचार्यो की बैठक में साफ कर दिया था कि इस वर्ष जिले में अलग से ब्लू प्रिंट की कोई किताब नहीं प्रिंट कराई जाएगी। डीईओ हेमंत उपाध्याय ने बताया कि बोर्ड ने अगर अभी से ब्लू प्रिंट जारी कर दिया तो यह बच्चों के लिए काफी अच्छा है, क्योंकि इससे उन्हें पैटर्न को समझने का पूरा मौका मिलेगा और सीखने की क्षमता भी बढ़ेगी।
Published on:
04 Oct 2018 10:45 am
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