
राजनांदगांव. चुनावी साल में कांग्रेस के प्रदेश नेतृत्व ने राजनांदगांव में जिला और शहर में नया नेतृत्व तो दे दिया है लेकिन पार्टी के भीतर खेमेबाजी की स्थिति खत्म होती नहीं दिख रही है। हालांकि पार्टी के आला नेताओं ने सरकार के खिलाफ किसी भी तरह का मुद्दा मिलने पर सभी को एकजुट होकर आंदोलन करने के निर्देश दिए हैं लेकिन ऐसा होता नहीं दिख रहा है। हालत यह है कि पार्टी के आला नेताओं के दौरे पर भी कांग्रेसी एकजुट नजर नहीं आ रहे हैं। हालांकि शनिवार को घोषणा पत्र के लिए राय लेने यहां पहुंचे नेता प्रतिपक्ष टीएस सिंहदेव के कार्यक्रम में कांग्रेस का सभी धड़ा उनके साथ दिखा।
फेरबदल का असर पार्टी के कार्यक्रमों में साफ दिखाई देने लगा
हाल ही में प्रदेश कांग्रेस ने राजनांदगांव जिला ग्रामीण कांग्रेस अध्यक्ष पद पर डोंगरगढ़ क्षेत्र के युवा नेता नवाज खान की ताजपोशी की घोषणा की तो शहर अध्यक्ष पूर्व पार्षद दिनेश शर्मा बनाए गए। इससे पूर्व जिला ग्रामीण अध्यक्ष पद पर छुरिया क्षेत्र के अलालीराम यादव और शहर अध्यक्ष पद पर पूर्व विधायक स्व. उदय मुदलियार के पुत्र जीतेन्द्र मुदलियार काबिज थे। पार्टी में हुए इस फेरबदल का असर पार्टी के कार्यक्रमों में साफ दिखाई देने लगा है। हाल फिलहाल में पार्टी के नए नेतृत्व ने सरकार के खिलाफ कुछ मुद्दों में हल्ला बोला है लेकिन इस दौरान न ही यादव कहीं नजर आए और न ही मुदलियार समर्थन देने पहुंचे।
पार्टी ने दी एकजुटता दिखाने की नसीहत
पार्टी सूत्रों से पता चला है कि पार्टी के शीर्ष नेतृत्व ने यहां पार्टी नेताओं को नसीहत दी है कि चूंकि यह चुनावी वर्ष है, ऐसे में जनता के बीच पार्टी मेें खेमेबाजी का संदेश नहीं जाना चाहिए। इसके लिए सरकार के खिलाफ किसी भी तरह का मामला मिलने पर सभी नेता एक साथ एक मंच पर जमा होकर विरोध करें। हालांकि नेता ऐसा करते नहीं दिख रहे हैं।
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Published on:
07 Apr 2018 11:53 pm
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