
भिलाई. सीएसवीटीयू पांच वर्षों से डीन के पदों को नजर अंदाज करता आ रहा है। विवि के पास इस वक्त ऐसे 10 डीन हैं, जिनका दो वर्ष का कार्यकाल बहुत पहले ही समाप्त हो चुका है, लेकिन उनकी सेवाएं जारी है। यहां सबसे बड़ी बात यह है कि यह वही डीन हैं, जिन्हें विवि ने कार्यपरिषद और विद्यापरिषद से बाहर किया।
11 डीन नियुक्त कर दिए
विवि इतने वर्षों में भी डीन के नए नामों का प्रस्ताव राजभवन तक नहीं पहुंचा पाया। विवि ने बोर्ड ऑफ स्टडी के चेयरमैन और सदस्य तो बदल दिए लेकिन डीन के लिए कोई दिलचस्पी नहीं दिखाई। विवि ने २०१२ के आखिरी महीने में डीन के नाम राजभवन भेजे थे।
३ अप्रेल २०१३ की तिथि से राजभवन ने तकनीकी विश्वविद्यालय के लिए ११ डीन नियुक्त कर दिए। शुरुआत के कुछ साल इन्हें ईसी और एसी में रखा गया, लेकिन बाद में विभिन्न कारणों ने विवि ने दोनों ही परिषदों से सभी डीन को हटा दिया।
नहीं जारी की अधिसूचना
दो वर्ष का कार्यकाल 2015 में समाप्त हो गया, लेकिन विवि में इनकी सेवाएं जारी रही। यह क्रम अभी वैसा ही है। विवि प्रशासन के मुताबिक डीन के नए नाम राजभवन भेजे जाने हैं, लेकिन अध्यादेश में विभिन्न संशोधनों के मद्देनजर पूरा मामला अटका है। कार्यकाल समाप्त होने के बावजूद विवि ने डीन के पदों को लेकर कोई अधिसूचना जारी नहीं की।
सेवाएं लेनी होंगी
2015 से अब तक डीन बिना किसी शासकीय आदेश के विवि के कार्यों में संलग्न हैं। रजिस्ट्रार, सीसवीटीयू डीएन सिरसांत ने बताया कि नए डीन बनाने के लिए प्रस्ताव राजभवन भेजा जाना है। पहले भी प्रस्ताव दे चुके हैं। डीन का कार्यकाल समाप्त हो चुकी है, लेकिन जब तक राजभवन नए मनोनयन नहीं करता तब जब इनकी सेवाएं लेनी होगी।
इनका कार्यकाल पूरा पर सेवाएं जारी
्डॉ. समित तिवारी - बीआईटी, डॉ. संतोष कुमार सार - बीआईटी, डॉ. सीपी दुबे - आरसीईटी भिलाई , डॉ. टी रामाराव - बीआईटी रायपुर , डॉ. एसके मौलिक - बीआईटी दुर्ग , डॉ. संजय गुहा - बीआईटी दुर्ग, डॉ. प्रदीप साहू - सीआईटी राजनांदगांव, डॉ. मोहन गुप्ता - बीआईटी दुर्ग, डॉ. डीके त्रिपाठी - आरसीपीएसआर भिलाई
Published on:
04 Feb 2018 11:24 am
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