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धन दुगुना करने का झांसा, तांत्रिक सहित दो गिरफ्तार

उत्तराखंड का बाबा नासिक व गुजरात में भी कर चुका है वारदातें, देबारी के ईंट भट्टा व्यवसायी से की पांच लाख की ठगी

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crime news in udaipur

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धन दुगुना करने का झांसा देकर एक फर्जी तांत्रिक ने देबारी के ईंट भट्टा व्यवसायी से पांच लाख रुपए की ठगी की। आर्थिक तंगी से परेशान व्यवसायी ने यह पैसा लोगों से दस प्रतिशत ब्याज पर उधार लाकर तांत्रिक को दिया था। मामला दर्ज होने के बाद प्रतापनगर थाना पुलिस ने बांसवाड़ा के कलिंजरा से तांत्रिक व सहयोगी चालक को गिरफ्तार किया।

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उपाधीक्षक (पूर्व) भगवतसिंह ङ्क्षहगड़ ने बताया कि तांत्रिक भोला उर्फ भूतनाथ पुत्र रामभगत मूलत: रामनगर बोरी गढ़वाल (उत्तराखंड) का रहने वाला होकर काफी शातिर है। वर्तमान में वह गुजरात के जूनागढ़ में डेरा डालकर लोगों से ठगी कर रहा था। पूछताछ में उसने महाराष्ट्र के नासिक व गुजरात में कुछ जगह वारदातें करना स्वीकार किया, लेकिन मामला दर्ज नहीं होने से वह बच निकला। पुलिस ने उसके साथ बडौडि़या कलिंजरा निवासी विशाल पुत्र सोहन कनिपा को भी गिरफ्तार किया है। सीआई सुरेन्द्रसिंह व एएसआई कैलाश ने आरोपित के पास से दिल्ली रजिस्ट्रेशन की एक कार बरामद की है। पुलिस गाड़ी की तस्दीक करने में जुटी है। मामले में धरियावद निवासी आरोपित ईश्वर मीणा फरार है।

तांत्रिक के कहने पर लाया उधार

झरनों की सराय, देबारी निवासी गोपालदास पुत्र मोतीदास वैष्णव ईंटों का व्यवसाय करता है। कर्ज होने व पारिवारिक परेशानी के बारे में उसने अपने मित्र मांगीलाल पटेल को बताया। पटेल ने वैष्णव को बताया कि उत्तराखंड का एक प्रसिद्ध बाबा है, जो परेशानी दूर करने के साथ ही नोटों को भी दुगुना करता है। इसका पता लगाने के लिए दोनों भैरूलाल मेघवाल के मार्फत ईश्वर मीणा से मिले। ईश्वर बाबा व विशाल के सम्पर्क में था। उसने बाबा को फोन किया तो वह 21 अगस्त को देबारी आ गया। बाबा ने व्यवसायी को तंत्र विद्या से परेशानी दूर करने का झांसा देते हुए नोट मंगवाए। तांत्रिक के कहने पर व्यवसायी अपने जानकारों से दस प्रतिशत ब्याज पर पांच लाख रुपए उधार लेकर आया।

लच्छा बांधने भेजा, फिर भाग निकले

दे वता का मनाने के बहाने तांत्रिक व्यवसायी को साथ लेकर विशाल की गाड़ी से झरनों की सराय में गया। उसके साथ ईश्वर मीणा, भैरूलाल मेघवाल व युवराज सिंह भी गए। एक स्थान पर आरोपित ने टोने-टोटके किए। युवराज सिंह को शक होने पर वह गाड़ी के पास ही खड़ा रहा। उसे देख तांत्रिक ने कहा कि कई और जगह का लफड़ा है, इसी कारण नोटों की बारिश नहीं हो रही है। वे युवराज को वहीं छोड़कर सभी गीताजंलि अस्पताल के निकट सुनसान जगह आ गए। वहां पर तांत्रिक ने गाड़ी में बैठा रहा। उसने वैष्णव व भैरूलाल को लच्छा दिया और दूर पेड़ पर बांधकर आने को कहा। दोनों पेड़ तक पहुंचे, तभी आरोपित भाग निकले।

अम्बाजी में हुई थी विशाल से मुलाकात

तांत्रिक भूतनाथ की विशाल से गुजरात के अम्बाजी में डेढ़ माह पहले ही मुलाकात हुई थी। तांत्रिक ने स्वयं को प्रसिद्ध बाबा बताते हुए उसे भी अपने वश में लिया और कहा कि वह धन दुगुना करता है। कहीं उसकी जरूरत पड़े तो बताना। विशाल ने धरियावद के ईश्वर मीणा को इसके बारे में बताया। ईश्वर ने कई ग्रामीणों से सम्पर्क कर इसकी जानकारी दी। भैरूलाल के मार्फत उसे वैष्णव के बारे में पता चला तो वह बाबा को लेकर यहां आ गया।

पूजा कर दो सूटकेस में भरे नोट

बाबा ने नोटों को कमरे में रखा तथा पूजा व हवन के लिए काफी सामग्री मंगवाई। व्यवसायी के सामने ही उसने पूजा शुरू की। बाद में दो सूटकेस लाकर उसने दोनों में नोट इस तरह जमाए कि वे पूरे भर गए। इनके नीचे कपड़े जमा रखे थे। नोटों से सूटकेस भरे देखकर व्यवसायी की भी एक बार आंखें चकाचौंध हो गई। व्यवसायी के पूरी तरह से झांसे में आने पर तांत्रिक ने कहा कि 'नोटों की बारिश होनी बंद हो गई है, गांव में ही किसी देवी-देवता ने रोडा अटका दियाÓ हमें वहां जाना पड़ेगा। व्यवसायी ने इसकी सूचना सरपंच पति युवराज सिंह को दी। वह भी तांत्रिक को देख एक बार पूजा में बैठ गया।

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