
भिलाई. छत्तीसगढ़ स्वामी विवेकानंद तकनीकी विश्वविद्यालय की स्थापना को १२ साल हो गए हैं, बावजूद परीक्षा से जुड़े कार्य अभी तक व्यवस्थित नहीं हो पाया है। इसका ताजा उदाहरण है विवि प्रशासन पॉलीटेक्निक में चलने वाले मॉर्डन ऑफिस मैनेजमेंट कोर्स की मार्कशीट में विद्यार्थियों की टाइपिंग स्पीड लिखना ही भूल गया।
प्रिंट कर सुधार रहे मार्कशीट
एमओएम कर रहे विद्यार्थियों के लिए टाइपिंग स्पीड जरूरी मानी जाती, जबकि विवि ने इसे ही मार्कशीट में लिखना जरूरी नहीं समझा। एमओएम के दूसरे और चौथे सेमेस्टर में यह गलती हुई हैं, जिसे अब विवि दोबारा मार्कशीट प्रिंट कर सुधारेगा। गलत मार्कशीट को निरस्त कर अब नष्ट करना पड़ेगी।
किसी काम की नहीं मार्कशीट
एमओएम के विद्यार्थियों के दूसरे सेमेस्टर में अंग्रेजी और चौथे सेमेस्टर में हिंदी की टाइपिंग कराई जाती है। इसका टेस्ट भी होता है। विद्यार्थी जहां भी नौकरी के लिए आवेदन करते हंै, वहां उनसे टाइपिंग की स्पीड भी मांगी जाती है। बिना टाइपिंग स्पीड वाली मार्कशीट विद्यार्थियों के लिए किसी काम की नहीं मानी जाती।
नए साफ्टवेयर से यह स्थिति बनीं
बताया जाता है कि २०१३ तक की मार्कशीट में विवि यह गलती नहीं करता था, लेकिन बाद में इस्तेमाल में आए नए सॉफ्टवेयर की वजह से यह स्थिति बनीं। दुर्ग या आसपास के विद्यार्थी तो अपनी मार्कशीट की गलतियां सुधारने विवि का रुख कर लेते हैं, लेकिन जगदलपुर के पॉलीटेक्निक से यह कोर्स कर रहे विद्यार्थियों को खासी परेशानियों का सामना करना पड़ता है।
अन्य कोर्स की मार्कशीट भेजी ही नहीं
एक तरफ जहां विवि गलत मार्कशीट प्रिंट कराके अपनी फजीहत करा रहा है तो वहीं इससे कॉलेज और विद्यार्थियों का काम भी बढ़ा है। बड़ी बात यह भी है कि विवि प्रशासन ने अब तक एमई के कई विषयों की मार्कशीट भी कॉलेजों को नहीं भिजवाई है।
मार्कशीट प्रिंटिंग का काम जारी है
रजिस्ट्रार सीएसवीटू डीएन सिरसांत ने बताया कि मार्कशीट प्रिंटिंग का काम जारी है। एक-दो दिनों में कॉलेजों में भेज दी जाएगी। मार्कशीट की गलतियां रेयर केस में है, इसे भी सुधारा जा रहा है।
Published on:
17 Jan 2018 10:53 am
बड़ी खबरें
View Allभिलाई
छत्तीसगढ़
ट्रेंडिंग
