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मंद बुद्धि बच्चा ट्रैक पर चल रहा था गनीमत रही कि ट्रेन नहीं आई पुलिस ने परिजन से मिलाया

रेलवे ट्रैक पर चलते-चलते दुर्ग की तरफ आ रहा था। गनीमत रही कि उस दौरान कोई ट्रेन नहीं आई। ग्रामीणों ने उसे देख लिया ट्रैक से बाहर निकाला और पुलिस को सूचना दी।

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मंद बुद्धि बच्चा ट्रैक पर चल रहा था गनीमत रही कि ट्रेन नहीं आई पुलिस ने परिजन से मिलाया

भिलाई. गंभीर बीमारी से पीडि़त और दिमाग से कमजोर ११ वर्षीय मासूम को पुलिस ने उसके परिजनों से मिलाया। राजनांदगांव के ग्राम मनघटा में रहने वाला बच्चा घर में बिना बताए लोकल ट्रेन में बैठकर रसमड़ा पहुंच गया। वहां से रेलवे ट्रैक पर चलते-चलते दुर्ग की तरफ आ रहा था। गनीमत रही कि उस दौरान कोई ट्रेन नहीं आई। ग्रामीणों ने उसे देख लिया ट्रैक से बाहर निकाला और पुलिस को सूचना दी।

अंजोरा चौकी प्रभारी राजेश मिश्रा ने बताया कि अपने मां पिता नाम नहीं बता पा रहा था। केवल रायपुर बोलता था। बाद में अपनी बुआ का गांव कुकुरमेड़ा बताया। रायुपर पुलिस से संपर्क किया तो पता चला कि आमानाका में कुकुरबेडा मोहल्ला है। वहां बच्चे के परिजन की तलाश कराई गई, लेकिन सफलता नहीं मिली। पुलिस उसे बहलाकर फुसलकर पूछ रही थी कि अचानक कहा कि मैं तो एक पुलिस अंकल को जानता हूं। उसने नाम आलोक दीना बताया। पुलिस ने विभाग से जानकारी जुटाई तो पता चला कि सोमनी थाना में आलोक जैना पदस्थ हैं। उन्हें वाट्सएेप पर बच्चे का फोटा भेजा। जैना ने तुरंत पहचान लिया कि वह मनघटा के शत्रुहन साहू का लड़का, अनुराग साहू है। इसके बाद परिजन को खबर कर अनुराग को सकुशल सौंप दिया गया। अनुराग ब्लड कैंसर से पीडि़त है। इस कारण उसका शाराीरिक विकास नहीं हो रहा है। थोड़ी थोड़ी देर में वह सब भूल जाता है। दो- तीन घंटे के बाद याद आती है। कभी ऐसा भी होता है कि एक महीने बाद कोई बात अचानक याद आती है।

घर से स्कूल गया था, वापस नहीं लौटा
सुबह 9 बजे वह घर से स्कूल के लिए निकला था। लेकिन घर लौटकर नहीं आया। दोपहर में बच्चों से उसके बारे में पूछताछ किया। पिता ने कहा कि उसके बारे में कोई जानकारी नहीं मिली। उसकी तलाश शुरु की। शाम को सोमनी थाना से जानकारी मिली कि अनुराग अंजोरा चौकी में है।

ऐसे पुलिस पहुंची परिजनों तक
पुलिस ने बच्चे को खाना खिलाया। इसके बाद बच्चा खेलकूद कर रहा था। पुलिस ने फुसलाकर बच्चे से पूछा अचानक कुछ देर बाद वह चौकी में पुलिस की वर्दी पहने जवानों देखकर बोला मैं एक पुलिस अंकल को जानता हूं। उनका नाम आलोक दीना बताया। पुलिस ने उसका जानकारी एकत्र की। उक्त पुलिस कर्मी आलोक दीना नहीं बल्कि आलोक जैना के नाम से मिला और सोमनी थाना में पदस्थ है। पुलिस ने उसे बच्चे का फोटो पोस्ट किया। उसने बताया बच्चे का नाम अनुराग साहू पिता सत्रुहन साहू राजनांदगांव ग्राम मनघटा में रहते है। तत्काल संपर्क कर सत्रुहन साहू को बुलाया गया।