
आईटीबीपी की पहल: धुर नक्सल क्षेत्र के बच्चे मेट्रो सिटी में करेंगे नौकरी
भिलाई. आठ महीने पहले जो युवा अपना नाम तक ढंग से नहीं बोल पा रहे थे आज वे फर्राटे से मंच पर अपनी बात रखने लगे। उनके चेहरे पर झलकता आत्मविश्वास और कुछ कर दिखाने का वादा पूरा कर वे काफी खुश नजर आ रहे थे। यह वे युवा थे जिन्हें कुछ महीने पहले इंडो तिब्बत बॉर्डर पुलिस ने सिविक एक्शन प्लान के तहत सी-पेट की ट्रेनिंग के लिए चुना था।
आईटीबीपी डीआईजी ने उन्हें यह कॉल लेटर प्रदान किया
राजनांदगांव जिले के धुर नक्सल प्रभावित गांव के इन युवाओं के हाथ में जब कंपनियों का ज्वानिंग लेटर मिला तो वे खुशी से उछल पड़े। बुधवार को राजधानी में सीआईपीईटी ( सेंट्रल इंस्टीट्यूट ऑफ प्लॉस्टिक इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी) के हेड ऑफिस में हुए एक समारोह में आईटीबीपी डीआईजी अशोक कुमार नेगी ने उन्हें यह कॉल लेटर प्रदान किया। उन्होंने कहा कि पिछले वर्ष शुरू हुई एक छोटी सी पहल बड़ी मुहिम बन गई।। युवाओं ने आईटीबीपी पर विश्वास जताया जिसके परिणाम स्वरूप नक्सल क्षेत्र के 466 युवा देशभर में स्थित 39 कंपनियों में नौकरी कर रहे हैं। इस मौके पर सी-पेट के डायरेक्टर एके जोशी सहित कई लोग मौजूद थे।
885 को चुना था
राजनांदगांव के छुरिया, मोहला, मानपुर और डोंगरगढ़ में तैनात आईटीबीपी की चार बटालियन के तहत आने वाले गांवों से 885 युवाओं ट्रेनिंग के लिए चुना था। इसमें से 626 ने ट्रेनिंग पूरी की और 466 को प्लेसमेंट मिल चुकी है। जहां उन्हें सालाना एक से डेढ़ लाख तक का पैकेज मिल रहा है।
अब पीछे नहीं लौटना
छह महीने पहले ट्रेनिंग के लिए पहुंची आदिवासी बेटियों ने कहा कि अब वे आगे बढऩा चाहती हैं। उन्होंने कहा कि गांव में पहले माओवादी के डर से बेटियां ढंग से पढ़ नहीं पाती थीं। पर आईटीबीपी के आने के बाद उन्हें जो सुरक्षित माहौल और आगे बढऩे का मौका मिला। अब वे गांव जाकर दूसरे युवाओं को प्रोत्साहित करेंगी ताकि वे भी बाहर की दुनिया देख सकें। इन्होंने बताया कि इस ट्रेनिंग के बाद उन्होंने खुद में काफी बदलाव महसूस किया। अब वे पूरे आत्मविश्वास के साथ बेहतर कार्य कर सकती हैं। 33 युवाओं के इस बैच में 29 युवा नौकरी के लिए तैयार हैं। जिसमें 11 लड़कियां और 18 लड़के शामिल हैं।
इन शहरों में हुआ प्लेसमेंट
पूणे, बेंगलुरु, नासिक, सनंद, कोलकाता, रायपुर , तारापुर महाराष्ट्र, नोयडा, रूड़की, कोयंबतूर, भिलाई, हरिद्वार, गुडग़ांव।
इन गांवों के युवा हुए शामिल
देवरचा, हातवंजा कॉलोनी, छुईखदान, भटली, कटांगी खुर्द, लक्ष्मीपुर, विक्रमपुर, केतली,ठाकुरटोला, लांजियाटोला, बिरुटोला, मांडुवाभाट,चोरलाडीह, कुकरीटोलाछिदरी, बुरहानभाट,झिरिया, तेलीबांधा, देवरी, दुवलागुंडरा, पंडूटोला, त्रिपेमेटा, पंगरी, भडसेना.कोरचाटोला, पलाली।
युवाओं की बदलेगी सोच
डीआईजी आईटीबीपी अशोक कुमार नेगी ने बताया कि आईटीबीपी की इस मुहिम से युवाओं की सोच बदल रही है। वे नेक रास्ते पर चलना चाहते हैं। हमारी फोर्स ने उन्हें आगे बढऩे का मौका दिया और उन्होंने बेहतर कर दिखाया। उम्मीद है कि बचे हुए करीब डेढ़ सौ युवाओं को भी इस वर्ष के अंत तक बेहतर प्लेसमेंट मिलेंगे।
Published on:
31 May 2018 01:07 pm
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