
bhilai
करोड़ों की ठगी कर फरार हो गए चिटफंड कंपनीके डायरेक्टर को दिल्ली से पकड़कर लाई पुलिस
भिलाई. तीन साल पहले जिले के १४३ लोगों से १ करोड़ २५ लाख १७ हजार ५४२ रुपए की ठगी कर फरार हो गए चिटफंड कंपनी सुविधा फॉर्मिंग एंड एलाइड लिमिटेड के डायरेक्टर रजनीश दत्ता को पुलिस नई दिल्ली से गिरफ्तार कर ले आई। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ धोखाधड़ी, अपराधिक साजिश और छत्तीसगढ़ निक्षेपकों के हितों का संरक्षण अधिनियम २००५ के तहत अपराध दर्ज कर कार्रवाई की। उसे मंगलवार को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से जेल भेज दिया गया। पुलिस ने बताया कि दुर्ग के अलावा राजनांदगांव, धमतरी और महासमुंद जिले में भी कंपनी ने अपना कारोबार फैला रखा था। वहां भी निवेशकों से करोड़ों रुपए की ठगी की है।
अमलेश्वर टीआई सीताराम ध्रुव ने बताया कि आरोपी ने ग्राम पाहंदा में सुविधा फॉर्मिंग एंड एलाइड लिमिटेड कंपनी खोला। विभिन्न बचत योजनओं में निवेश की रकम एक निश्चित समयावधि में दोगुना, तीन गुना, चार गुना और यहां तक कि छह गुना लौटाने का लालच दिया। जिले के करीब १४३ निवेशक उसके झांसे में आ गए। सभी ने अलग-अलग राशि निवेश की। वर्ष २०१६ में कंपनी के डायरेक्टर ने यहां से अपना बोरिया बिस्तर समेटा और निवेशकों के १ करोड़ २५ लाख १७ हजार ५४२ रुपए लेकर फरार हो गए। वर्ष २०१७ में सभी निवेशकों ने अमलेश्वर थाना में रिपोर्ट दर्ज कराई। एडीजी हिमांशु गुप्ता ने उक्त मामले को संज्ञान में लेते हुए एसआइटी जांच के निर्देश दिए। एसपी प्रखर पांडेय ने जांच रिपोर्ट के बाद डायरेक्टर दत्ता की गिरफ्तारी करने कहा। ग्रामीण एएसपी लखन पटले के मार्गदर्शन में पाटन एसडीओपी राजीव शर्मा टीम के साथ दिल्ली रवाना हुए। पुलिस वहां कंपनी के एक डायरेक्टर को गिरफ्तार करने में सफल रही। वहीं तीन और डायरेक्टर की गिरफ्तारी की जाएगी।
दफ्तर में अचानक दबिश देकर पकड़ा आरोपी को
एसडीओपी शर्मा ने एक निरीक्षक के साथ ६ जवानों की टीम बनाई। टीम दिल्ली के लिए रवाना हुई। तीन साल से फरार कंपनी के डायरेक्टर रजनीश दत्ता के सुभाष नगर राजौरी नई दिल्ली स्थित दफ्तर में अचानक दबिश दी और उसे गिरफ्तार कर लिया। आरोपी गिरफ्तारी से बचने खूब जुगाड़ लगाया, अपनी पहुंच बताने की कोशिश की, लेकिन पुलिस किसी की नहीं सूनी और उसे पकड़कर लौट आई।
कंपनी की जमीन होगी कुर्क
एसडीओपी शर्मा ने बताया कि इस चिटफंड कंपनी की संपत्ति की जानकारी एकत्र की जा रही है। इसके बाद धारा ७ के तहत सक्षम प्राधिकारी के निर्देश पर कुर्क करने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। इसका राजनांदगांव, धमतरी, महासमुंद में भी इस कंपनी ने दफ्तर खोल रखा था। वहां से भी कई निवेशकों को झांसे में लेकर करोड़ों रुपए की चपत लगाई है। इसकी तफ्तीश की जा रही है।
२६ कंपनियां कर चुकीं ठगी
इसके पहले कई कई चिटफंड कंपनियां लोगों को अपने झांसे में फंसाने में सफल रही हैं। लम्बी रकमों से लोगों को ठगा है। यश ग्रुप समेत कई कंपनियों के खिलाफ पुलिस ने अपराध दर्ज किया है। मामला न्यायालय में है। अभी तक २६ कंपनियों के खिलाफ शिकायतें मिल चुकी हैं। एसपी प्रखर पांडेय चिटफंड कंपनियों के खिलाफ कार्रवाई जारी है। जिले के भोले-भाले लोगों को झांसा देकर उनके साथ धोखाधड़ी की। ऐसी कंपनियां के डायरेक्टर्स की गिरफ्तारी होगी। उनकी संपत्तियों का व्यौरा इक_ा कर कुर्क करने की प्रक्रिया जारी है।
इन कंपनियों ने लोगों को करोड़ों की लगाई चपत, इनकी सपत्ति होगी कुर्क
- चिटफंड कंपनी सिन्हा ग्रुप ने मई २०१४ में सुपेला भिलाई में कार्यालय खोला था। इसके बाद २०१६ तक लोगों को ज्यादा ब्याज भी दिया। धीरे-धीरे इस कंपनी से ५०० लोग जुड़ गए। इसके बाद लोगों की रकम लेकर छह महीने से कंपनी गायब है।
- एचबीएन कंपनी ने भी लोगों से करोड़ों रुपए जमा कराया। इसके संचालक रायपुर जेल में है। इस कंपनी के खिलाफ दुर्ग सिटी कोतवाली में अलग-अलग १२ प्रकरण दर्ज हैं।
- यश ग्रुप के खिलाफ खिलाफ २२ करोड़ रुपए की धोखाधड़ी का मामला है। इसके भी संचालक जेल में हैं। मामला न्यायालय में विचाराधीन है।
- सनशाइन इन्फ्रा बिल्ड कॉर्प लिमिटेड कंपनी के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज है। कंपनी के ९ डायरेक्टर पुलिस की गिरफ्त से बाहर हैं। मामला सुपेला थाने में ही दर्ज है।
- साईं प्रसाद कंपनी ने भी रुपए दोगुने करने के नाम पर लोगों को ठगा है। इस कंपनी के डायरेक्टर जेल में हैं। इसका मामला जेवरा सिरसा चौकी में दर्ज है।
Published on:
10 Jul 2019 11:50 am
बड़ी खबरें
View Allभिलाई
छत्तीसगढ़
ट्रेंडिंग
