
CISF आरक्षक भर्ती घोटाला के मास्टर माइंड ने किया सरेंडर, खुद को एक्स आर्मी मैन बताकर लेता था भर्ती का ठेका
भिलाई. सेंट्रल स्टाफ सलेक्शन कमीशन द्वारा आयोजित CISF आरक्षक परीक्षा भर्ती घोटाले के मुख्य आरोपी ने उतई थाना में आत्मसमर्पण किया। आरोपी हार्ट वॉल्व के साथ मेडिकल सर्टिफिकेट बनावाकर थाना पहुंचा। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार किया। इसके पहले 35 आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। फिलहाल 33 आरोपी अभी भी फरार है।
13 अगस्त को उतई भर्ती प्रशिक्षण केन्द्र (आरटीसी) में अभ्यर्थी परीक्षा देने के राजस्थान से पहुंचे थे। इस बीच उनके फिंगर प्रिंट मैच नहीं हुई। परीक्षा बोर्ड की शिकायत पर उतई पुलिस ने अपराध दर्ज किया। परीक्षा केंद्र और राजस्थान से उतई सब इंस्पेक्टर सतीश पुरिया के नेतृत्व में 35 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। इस मामले में हरियाणा तरखीदादरी निवासी मुख्य आोरोपी धन सिंह (60 वर्ष) और रवि सोवाट फरार हो गए थे। साथ ही 32 अभ्यर्थी भी फरार है। जिसे पकडऩे कई बार पुलिस हरियाणा और राजस्थान गई, लेकिन आरोपी पुलिस को चकमा देकर फरारी में रहे।
एक्स आर्मी मैन बताकर अभ्यर्थियों को पास कराने का लिया था जिम्मा
पुलिस ने बताया कि धन सिंह अपने को एक्स आर्मी मैन बताया था। हरियाणा और राजस्थान मेंं आर्मी भर्ती परीक्षा के लिए कोचिंग सेंटर भी खोल रखा था। अभ्यर्थियों को गारंटी के साथ परीक्षा में पास कराने की जिम्मेदारी लिया था। जब भर्ती घोटाले का पर्दाफाश हुआ तो धनकर फरार हो गया। पुलिस की चौतरफा दबिश की वजह से थाने में आत्मसर्मपण किया।
हार्ट वॉल्व और मेडिकल सर्टिफिकेट के साथ पहुंचा थाने
पुलिस ने बताया कि धन सिंह पूछताछ में बताया है कि वह बीमार था। हार्ट की गंभीर बीमारी का इलाज करा रहा था। इसी के चलते हार्ट वॉल्व के साथ थाना पहुंच गया। आरोपी ने हरियाणा से मेडिकल सर्टिफिकेट बनवाया है। उसे जल्दी जमानत मिल गई। टीआई उतई अवधराम साहू ने बताया कि भर्ती परीक्षा घोटाले का मुख्य आरोपी ने आत्मसर्मण किया है। उससे पूछताछ की गई। अन्य आरोपियों की तलाश की जा रही है।
Published on:
20 Feb 2020 02:33 pm
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