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नवगठित रिसाली निगम में सफाई घोटाला, शासन तक पहुंची शिकायत, पूर्व नेता प्रतिपक्ष ने राज्यपाल और संचालक को लिखा पत्र

ठेकेदार को प्रतिमाह 7 लाख 15 हजार एवं प्रतिवर्ष 85 लाख 80 हजार का अतिरिक्त भुगतान करना घोर वित्तीय अनियमितता की श्रेणी में आता है।

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भिलाई

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Dakshi Sahu

Aug 10, 2021

नवगठित रिसाली निगम में सफाई घोटाला, शासन तक पहुंची शिकायत, पूर्व नेता प्रतिपक्ष ने राज्यपाल और संचालक को लिखा पत्र

नवगठित रिसाली निगम में सफाई घोटाला, शासन तक पहुंची शिकायत, पूर्व नेता प्रतिपक्ष ने राज्यपाल और संचालक को लिखा पत्र

भिलाई. नवगठित नगर पालिक निगम रिसाली में सफाई ठेके में गड़बड़ी का मामला राज्य शासन तक पहुंच गया है। भिलाई नगर निगम के पूर्व नेता प्रतिपक्ष जे. संजय दानी ने राज्यपाल और संचालक, नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग अलरमेल मंगई डी से इसकी शिकायत की है। उन्होंने कहा है कि वार्डवार सफाई व डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण कार्यों से संबंधित आमंत्रित निविदा में ठेकेदार को लाभ पहुंचाने की नीयत से नगर पालिक निगम अधिनियम एवं नियम 1956 को दरकिनार कर दिया गया है।

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कंपनी को दिया गया है नोटिस
दानी ने कहा है कि रिसाली निगम क्षेत्र में सफाई से संबंधित समस्त कार्यों को ठेका देने वाले ठेकेदार पीवी रमन (केस डायरी आईडी. नं. 228/2019, भविष्यनिधि कोड संख्या सीजी /1320210) को सफाई कर्मचारियों के भविष्य निधि का पैसा जमा नहीं करने के कारण भविष्य निधि विभाग की ओर से धारा (7।) के तहत नोटिस दिया गया है। इसके पूर्व नगर पालिक निगम भिलाई में भी इनके खिलाफ अनियमितता की शिकायत थी। निगम की सामान्य सभा ने बहुमत के आधार पर काली सूची में दर्ज करने का फैसला किया था।

ठेकेदार को किया गया है अतिरिक्त भुगतान
दानी ने कहा है कि उक्त ठेकेदार के विरुद्ध उचित कार्रवाई कर तत्काल प्रभाव से उसे छत्तीसगढ़ के समस्त नगर निगमों में कार्य करने के लिए काली सूची में दर्ज किया जाना उचित होगा। उक्त ठेकेदार को प्रतिमाह 7 लाख 15 हजार एवं प्रतिवर्ष 85 लाख 80 हजार का अतिरिक्त भुगतान करना घोर वित्तीय अनियमितता की श्रेणी में आता है। इसकी सूक्ष्मता से जांच कर उचित कार्रवाई करना अत्यंत आवश्यक है।

निविदा निरस्त कर पुन: आमंत्रित करें
नियम अधिनियमों का पालन करते हुए तत्काल प्रभाव से आमंत्रित निविदा को निरस्त कर पुन: निविदा आमंत्रित करने नगर निगम रिसाली को आदेश जारी करना चाहिए न्यायोचित होगा। पूर्व पार्षद रंगबहादुर सिंह ने भी इसे रिसाली क्षेत्र की जनता से धोखा बताते हुए दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।