
हमें पानी चोर मत कहिए कलेक्टर साहब बिजली गुल नहीं, पानी सप्लाई कीजिए
बिजली गुल करने के जारी आदेश में पानी चोर कहने से भड़के कैंप क्षेत्र के रहवासी
Bhilai भिलाई. जिला प्रशासन द्वारा पटरी पार क्षेत्र में रोजाना सुबह 6.30 से 7.30 बजे तक एक घंटे बिजली गुल करने संबंधी जारी आदेश में क्षेत्र के लोगों के लिए पानी चोरी करने जैसे शब्द का इस्तेमाल करने से लोग भड़क गए हैं। लोगों ने कलेक्टर से मिलकर ऐसी भाषा पर अपनी आपत्ति जताई। कहा कि कलेक्टर कार्यालय से जारी पत्र की भाषा गंभीर रूप से पेयजल व निस्तारी की समस्या से जुझ रहे है वैशाली नगर विधान सभा क्षेत्र के लोगों के प्रति असंवेदनशील तथा असंगत है। इसके लिए पुन: संशोधित पत्र जारी किया जाए।
भारतीय जनता पार्टी के जिला मंत्री रामउपकार तिवारी ने कलेक्टर के नाम सौंपे ज्ञापन में कहा है कि 29 मार्च को जिला कार्यालय की ओर से भिलाई नगर निगम क्षेत्र के नेहरू नगर, स्मृति नगर, खम्हरिया, कोहका-1, कोहका-2, फरीद नगर, वैशाली नगर, हाउसिंग बोर्ड, मदर टेरेसा नगर, चन्द्रा मौर्या आदि क्षेत्र में विद्युत प्रवाह रोकने संबंधित पत्र कार्यपालन निदेशक छग राज्य विद्युत वितरण कंपनी मर्या. दुर्ग को जारी किया गया। इस पत्र में गैर जरूरी शब्दावली का प्रयोग करते हुए पंप से पानी खींचने वालों को पानी चोर कहा गया है।
पेयजल संकट से जूझ रहे हैं लोगों
की प्रशासन को परवाह नहीं
इन क्षेत्रों में उचित पेयजल आपूर्ति प्रणाली विकसित नहीं होने के कारण हर वर्ष गर्मी के दिनों में लोगों को गंभीर रूप से निस्तारी एवं पेयजल संकट का सामना करना पड़ता है। कुछ क्षेत्रों में तो यह समस्या वर्ष भर बनी रहती है, जिसके कारण श्रमिक क्षेत्रों में जन जीवन अस्त व्यस्त हो जाता है। कानूनी व्यवस्था तक की स्थिति निर्मित जाती है।
पानी नहीं पहुंचने का कारण कुछ और दोष दे रहे लोगों को
भिलाई नगर निगम के इन क्षेत्रों में पाइपलाइन के माध्यम से प्रदाय किए जाने वाले पानी का प्रवाह भी गर्मी के दिनों में मंद पड़ जाता है। कई बार लोगो को पीने व अन्य उपयोग के लिए पानी खरीदना पड़ता है। जल आपूर्ति व्यवस्था पूरी तरह से ठप हो जाने के कारण क्षेत्र के लोगो को असहनीय रूप से असुविधा का सामना करना पड़ रहा है। तिवारी ने कहा है कि हर घर तक उचित मात्रा में पानी नहीं पहुंचने का कारण एकमात्र पंप का उपयोग होना ही नहीं है। इसके अतिरिक्त बहुत से कारण है जिन्हें ठीक किए जाने की महती आवश्यकता है।
बिजली गुल होने से बच्चों की पढ़ाई हो रही प्रभावित
जिला प्रशासन के आदेश पर रोज सुबह 6.30 से 7.30 बजे तक बिजली गुल रहने से लोगों की दिनचर्या प्रभावित हो रही है। अभी सीबीएसई दसवीं और बारहवीं की परीक्षा शुरू नहीं हुई है। बिजली गुल होने से बच्चों की पढ़ाई पर असर पड़ रहा है। अन्य कक्षाओं के स्कूल खुल गए हैं। पैरेंट्स को बच्चों को तैयार करने व टिफिन आदि बनाने में असुविधा हो रही है।
Published on:
08 Apr 2022 12:21 pm
बड़ी खबरें
View Allभिलाई
छत्तीसगढ़
ट्रेंडिंग
