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तीन बार खुदकुशी की कोशिश के बाद भी बच गई, चौथी बार तालाब में कूदकर दे दी जान

उसने तीन बार खुदकुशी की कोशिश की, लेकिन किसी तरह उसे बचा लिया गया। शनिवार को सुबह स्कूल गई, लेकिन घर नहीं लौटी। तालाब में डूबने से मौत हो गई।
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भिलाई

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Satya Narayan Shukla

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Updated: 30 Jun 2018, 10:45 PM IST

suicide

तीन बार खुदकुशी की कोशिश के बाद बच गई, चौथी बार तालाब में कूदकर दे दी जान

भिलाई. चार बेटियों के जन्म के बाद सनकी पिता अपनी बच्चियों और उनकी मां को छोड़कर चला गया। मां ने तीनों बेटियों को संभाला, लेकिन सबसे छोटी बेटी परिवार के बिखराव को सहन नहीं कर पाई। उसने तीन बार खुदकुशी की कोशिश की, लेकिन किसी तरह उसे बचा लिया गया। शनिवार को सुबह स्कूल गई, लेकिन घर नहीं लौटी। उसकी लाश रिसाली तालाब से निकाली गई। उसकी डूबने से मौत हो गई।

तालाब के किनारे साइकिल खड़ी की और करीब 15 फीट गहरे पानी में कूद गई

शनिवार दोपहर करीब एक बजे शीतला मंदिर तालाब में स्कूल यूनीफॉर्म में एक छात्रा डूब गई। तालाब किनारे उसकी साइकिल और स्कूल बैग रखा था। उससे उसकी पहचान के. श्रेया (17 वर्ष) के रूप में हुई। वह सीनियर सेकंड्री स्कूल सेक्टर-फाइव में कक्षा 12 वीं की छात्रा थी। सुबह 7 बजे वह घर से स्कूल के लिए निकली थी। दोपहर को 11 बजे स्कूल की छुट्टी होने के बाद वह तालाब की ओर चली गई। जहां तालाब के किनारे साइकिल खड़ी की और करीब 15 फीट गहरे पानी में कूद गई। जिसमें डूबने से उसकी मौत हो गई।

परिवार उसे तलाश रहा था वह बेटी मौत के आगोश में पहुंची
दोपहर १२ बजे तक जब श्रेया नहीं लौटी तब घरवालों ने उसकी तलाश शुरू की। इधर शीतला मंदिर तालाब नहाने गए लोगों ने एक अज्ञात लड़की के डूबने की सूचना पुलिस को दी। पुलिस के पहुंचने से पहले मोहल्ले के लोगों ने उसे तालाब से बाहर निकाल लिया था। पुलिस ने छात्रा की बैग में रखी कॉपियों में लिखे नाम से उसकी शिनाख्त की। पुलिस ने मर्ग कायम कर मामले की विवेचना शुरू कर दी।

स्कूल यूनीफार्म पहने हुए ही तालाब में कूदी
पुलिस ने बताया कि श्रेया स्कूल के यूनिफार्म में थी। बैग को साइकिल पर रख दी थी। जूता तक नहीं उतारा था। वह तालाब में कूद गई। पुलिस को बैग में कोई सुसाइड नोट नहीं मिला, लेकिन कॉपी किताब में लिखे नाम से उसकी शिनाख्त कर ली। पुलिस का कहना है कि परिजन का बयान लिया जाएगा। इसके बाद स्कूल के शिक्षकों और उसके दोस्तों से पूछताछ करेगी।

प्यारी बेटी अवसाद में थी, सब उसका ध्यान रखते थे, लेकिन नहीं बचा पाए
पुलिस को श्रेया की मां ने बताया कि १५ साल से वह अपनी तीन बेटियों के साथ सेक्टर ४ सड़क २९ क्वार्टर २ ए, मायके में रहती थी। नानी के घर पर उसकी परवरिश हुई। अभी सेक्टर ४ सड़क १९ में किराए का मकान लेकर रहने लगी थी। श्रेया के पिता ने उसकी मां को चार बेटियों की वजह से छोड़ दिया था। इस बात को लेकर वह अवसाद में थी। श्रेया अपनी बहनों में सबसे छोटी थी। उसकी एक बहन का बचपन में ही निधन हो गया था। बड़ी बहन शिल्पा की शादी हो चुकी है। एक बहन अंजली १२वीं पास करके कॉलेज की तैयारी कर रही है। श्रेया पढ़ाई में काफी अच्छी थी। 10वीं में वह प्रथम श्रेणी में परीक्षा पास हुई थी। लेकिन उसकी मानसिक स्थिति को देखते हुए घर में सभी उसका बहुत ख्याल रखते थे।