
अटल जी के जन्मदिन पर कांग्रेस और भाजपा नेता प्रतिमा को लेकर भिड़े
भिलाई. संत रविदास नगर में रविवार को भारतरत्न पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के जन्मदिन पर कार्यक्रम रखा गया था। भाजपा के कार्यकर्ता इस स्थान पर पूर्व प्रधानमंत्री की प्रतिमा लगाने लेकर पहुंचे। इसका पार्षद व एमआईसी सदस्य मन्नान गफ्फार खान ने स्थानीय लोगों के साथ मिलकर यह कहते हुए विरोध किया, कि यहां के लोग इस पार्क में राजनीति हो यह नहीं चाहते। दुर्ग सांसद विजय बघेल और भारतीय जनता पार्टी के जिलाध्यक्ष बृजेश बिजपुरिया मौके पर पहुंचे।
दोनों पक्ष में हुई धक्का-मुक्की
दोपहर में कुछ देर के लिए दोनों पक्ष से 100-100 से अधिक संख्या में मौजूद युवाओं में धक्का-मुक्की हुई। भाजपा के पार्षद दया सिंह, पियूष मिश्रा भी मौके पर पहुंच गए। यहां नारेबाजी भी जमकर की गई। वहीं एमआईसी सदस्य भी अपने समर्थकों के साथ मौके पर डटे रहे। दोनों ओर से मामला शांत होता नजर नहीं आ रहा था। गहमा-गहमी पार्क के भीतर और बाहर दोनों ही स्थानों पर बढ़ती जा रही थी।
पुलिस ने किया बल प्रयोग
दोनों ओर से जब मामला सुलझ नहीं रहा था, तब पुलिस ने हल्के बल का प्रयोग किया। छावनी के सीएसपी को इस दौरान पीछे से पीठ पर किसी तरह का धक्का लगा, उन्होंने किसी भी तरह से चोट लगने की बात से इंकार किया है। पूरे घटनाक्रम में किसी को गंभीर चोट नहीं लगी है। एमआईसी सदस्य ने बताया कि महिलाओं पर भी बेत प्रहार किया गया है। ऐसा नहीं किया जाना चाहिए था।
सांसद ने की एसपी से चर्चा, तब निकला रास्ता
पार्क के बाहर सांसद और जिलाध्यक्ष ने एसपी, दुर्ग से चर्चा किया। पुलिस अधीक्षक, दुर्ग ने इसके बाद पुलिस से व्यवस्था बनाने कहा। पुलिस ने कमेटी के कुछ लोगों को पार्क के भीतर भेजकर प्रतिमा का लोकार्पण किया। एमआईसी सदस्य को समर्थकों समेत किनारे किया गया। इसके बाद सांसद और जिलाध्यक्ष समेत अन्य लोग भी वहां से लौट गए। एमआईसी सदस्य समर्थकों के साथ सड़क पर बैठ गए।
पुलिस ने किया पार्क को सील
पुलिस ने कानून व्यवस्था बनी रहे, इसके लिए पार्क को सील कर दिया है। इतना ही नहीं हंगामा शुरू होते ही आसपास की दुकानों को भी बंद करवा दिया गया था। इससे कानून व्यवस्था बनी रहे। हालात बिगड़े न इस ओर खास ध्यान दिया जा रहा था।
नहीं दिखा पाए अनुमति
भाजपा के जिलाध्यक्ष ने बताया कि भिलाई इस्पात संयंत्र की जमीन है। इसको लेकर 2019 में कमेटी ने निगम आयुक्त से अनुमति के लिए पत्र दिया था। आयुक्त ने उसे बीएसपी के संबंधित विभाग को भेज दिया। वहां से अनुमति को लेकर कोई जवाब नहीं आया है। इसका मतलब हां ही होता है। जैसे निगम कई काम कर रहा बिना अनुमति के। अगर अवैध तौर पर लगाया जा रहा है प्रतिमा तो रोकने के लिए बीएसपी के संबंधित विभाग को आना चाहिए। पार्षद को अधिकार नहीं है कि वह बीएसपी की जमीन पर लगाए जा रहे प्रतिमा को रोके।
अटल जी की प्रतिमा लगाने का नहीं कर रहे विरोध
इस मामले में एमआईसी सदस्य मन्नान गफ्फार खान ने बताया कि स्थानीय लोग अटल जी की प्रतिमा लगाए जाने का विरोध नहीं कर रहे हैं। पूर्व प्रधानमंत्री ने संविधान में चलने पगप्रदर्शित किया। ऐसे महान विभूति की प्रतिमा इस तरह से असंवैधानिक तरीके से नहीं लगाना चाहिए। इसके लिए जो नियम है, उसका पालन हो।
तैनात रहेगी पुलिस
सीएसपी, छावनी प्रभात कुमार ने बताया मुझ पर किसी ने कोई सीधा हमला या जान बूझकर असहज करने वाला धक्का नहीं दिया था। मुझे कोई चोट या खरोंच या यहां तक कि एक असहज धक्का भी नहीं लगा है। पुलिस ने लोगों पर या लोगों ने किसी पुलिसकर्मी पर कोई बल प्रयोग नहीं किया है। दोनों पक्षों ने पुलिस का सहयोग किया। मेरे एक आदेश पर दोनों पक्षों की भीड़ 5 मिनट के सेट टाइमर के भीतर तितर-बितर हो गई। व्यवस्था बहाल है, निरोधात्मक पुलिस उपस्थिति बनी रहेगी।
नेताओं को रोका गया स्थल में जाने से
अटल जी की प्रतिमा को लगाने का विरोध होने की बात सुनकर अलग-अलग क्षेत्र से नेता मौके पर पहुंचने निकल रहे थे। पुलिस ने संत रविदास नगर की ओर जाने वाले मार्ग को चारों ओर से रोक दिया था। इस वजह से यहां आने वालों को रास्ते से ही लौटा दिया गया।
सैकड़ों की तादात में तैनात किए जवानों को
संत रविदास नगर चंद घरों के लिए छावनी में तब्दील हो गया था। यहां की हर गली में पुलिस के जवानों को तैनात कर दिया गया था। मोहल्ले और मार्केट में भी पुलिस की तैनाती नजर आ रही थी। करीब 500 से अधिक जवानों को यहां तैनात किए थे।
दोनों पक्ष मिलकर निकालेंगे रास्ता
अंत में तय हुआ कि दोनों पक्ष से कुछ सदस्यों को मिलाकर एक कमेटी गठित की जाएगी। यह कमेटी जो तय करेगी, वैसा ही फैसला लिया जाएगा।
Published on:
25 Dec 2022 10:59 pm
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