
अगर आपकी भी आंखों की रोशनी है कमजोर तो रोज खाएं ये सब्जियां, जल्दी हटेगा मोटा चश्मा
भिलाई. छोटी उम्र में बच्चों की आंखों पर चश्मा चढऩा आजकल पैरेंट्स के लिए एक बड़ी समस्या बनती जा रही है। पहले के लोगों को जहां एक उम्र गुजरने के बाद चश्मा लगता था लेकिन आजकल के बच्चों की बहुत कम उम्र में ही नजरें कमजोर हो जाती हैं। विशेषज्ञ डॉक्टरों की मानें तो आंखों की रोशनी कम होने का एक प्रमुख कारण हमारी बदलती जीवनशैली और खानपान भी है। आजकल के ज्यादातर बच्चे हरी साग, सब्जियां खाना पसंद नहीं करते उनका दिल फास्ट फूड पर ज्यादा लगा रहता है। ऐसे में ये जरूरी पोषक तत्वों से वंचित रह जाते हैं। आज हम आपको कुछ ऐसी साग-सब्जियों के बारे में जानकारी देने वाले हैं जिनके सेवन से आंखों की रोशनी बढ़ती है। इसमें सबसे पहले नाम आता है पालक का। पालक को आंखों की रोशनी बढ़ाने में काफी योगदान करता है।
पालक
पालक को आप कई तरह से प्रयोग में ले सकते हैं। आप पालक के पत्तों की भुजिया बना सकते हैं या फिर इसका जूस पी सकते हैं। चाहें तो आप पालक को अरहर या मूंग दाल में उबालकर भी इसे खा सकते हैं। पालक आंखों की रोशनी के लिए बहुत फायदेमंद है। अगर आप रोज एक गिलास पालक का जूस पीते हैं तो इससे आपकी आंखों की रोशनी बढऩी शुरू हो जाएगी। पालक में भरपूर विटामिन ए, विटामिन सी, विटामिन के, मैग्नीशियम, मैगनीज और आयरन जैसे पोषक तत्व पाए जाते हैं। एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर पालक पुराने रोगों के खतरे को भी कम करता है।
गाजर
आंखों की रोशनी के लिए गाजर एक्सीलेंट वेजिटेबल है। आप इसे डायरेक्ट खा सकते हैं या फिर सब्जी और सलाद के जरिए भी ग्रहण कर सकते हैं। गाजर खाने और इसका जूस पीने से आंखों की रोशनी तेजी से बढ़ती है। गाजर में विटामिन ए, बीटा-कैरोटीन, फाइबर, विटामिन-के, पोटेशियम और एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर है। आंखों की रोशनी बढ़ाने के अलावा गाजर कैंसर के खतरे को भी कम करती है। साथ ही ये वेट लॉस में भी मददगार है।
ब्रोकली
आंखों की रोशनी बढ़ाने के लिए आपको अपनी डाइट में ब्रोकली की सब्जी शामिल करनी चाहिए। वैसे तो ये सब्जी हमारी समग्र सेहत के लिए जरूरी है और इसके सेवन से आंखों की रोशनी भी बढ़ा सकते हैं। ब्रोकली में सल्फोराफेन, विटामिन के, विटामिन सी, फोलेट, मैंगनीज और पोटेशियम होता है। इसके सेवन से कैंसर का खतरा भी कम होता है।
आंवला
आंवला एक ऐसा फल है जिसे आप अलग-अलग रूपों में खा सकते हैं। इसकी चटनी से लेकर इसके अचार और मुरब्बे के साथ- जूस के रूप में भी सेवन किया जाता है। आप इसे सुखाकर भी खा सकते हैं। इसमें विटामिन-सी की मात्रा पाई जाती है जो एंटीऑक्सीडेंट के रूप में कार्य करता है। एंटी ऑक्सीडेंट रेटिना को स्वस्थ रखने का काम करती है। आंवले में पाया जाने वाला बीटा-कैरोटीन फ्री रेडिक्लस को रोकने के साथ-साथ आंखों की रोशनी बढ़ाने में भी मददगार होता है। वहीं, रेटिना का स्वस्थ बने रहना हमारी आंखों की रोशनी को मेंटेन रखने में मददगार साबित होता है।
Published on:
28 Sept 2021 04:45 pm
बड़ी खबरें
View Allभिलाई
छत्तीसगढ़
ट्रेंडिंग
