
राउलकेला से आए दंपती का 3.5 लाख कैश और ज्वेलरी से भरा बैग ऑटो में छूटा, लालच में ड्राइवर ने तीन दिन तक नहीं चलाया गाड़ी
भिलाई. ओडिशा राउरकेला से आए एक दंपती को होटल में छोड़कर ऑटो चालक चला गया, लेकिन कीमती सामान ऑटो में ही रह गया। दंपती ने बैग में 3 लाख 50 हजार रुपए नकद, हीरे की अंगूठी और ईयररिंग की पुलिस को जानकारी दी। पुलिस आटो की खोजबीन में जुट गर्ई और तीन दिनों की मशक्कत के बाद आटो को खोज निकाला और कीमती बैग दंपती को सौंप दिया। सुपेला टीआई सुरेश ध्रुव ने बताया कि 3 दिसंबर रात 9 बजे की घटना है। ओडिशा राउलकेला से आए इंजीनियर दंपती सचिन मिश्रा और अनु मेहता साउथ बिहार ट्रेन से पावर हाउस स्टेशन में उतरे। वे बीएसपी और ट्रांसपोर्ट नगर कंपनी में टेक्निकल काम को लेकर विजिट करने आए थे।
दंपती ने पुुलिस को सूचना दी
दंपती फ्लोरेट होटल में ठहरने के लिए एक ऑटो से पहुंचे। ऑटो चालक उन्हें उतारकर वहां से चला गया। थोड़ी देर में सचिन व अनु को याद आया कि बैग ऑटो में ही रह गया है। सचिन ऑटो के पीछे गए, लेकिन ऑटो को पकड़ नहीं पाए। इसके बाद सुपेला टीआई को घटना की सूचना दी। स्टाफ ने ऑटो स्टैंड में पूछताछ की। रेलवे स्टेशन से लेकर आस पास के सीसीटीवी कैमरा को खंगाला गया, लेकिन कोई सफलता नहीं मिली। तीन दिन तक उस ऑटो के पीछे टीम को लगाया गया। आखिरकार उस ऑटो चालक के विषय में जानकारी मिली।
बैग में रकम देख लालच में आ गया था ऑटो चालक
सेक्टर-7 निवासी ऑटो चालक पापा राव घर पहुंचा तो उसे बैग मिला। उसने बैक को चेक किया तो नकद और हीरे और सोने की ज्वेलरी मिली। उसके मन में लालच आ गया। वह पकड़े जाने के डर से तीन दिनों से ऑटो चलाना बंद कर दिया था। जब पुलिस उस तक पहुंची। तब वह रायपुर में था। उसने अपनी गलती स्वीकार की। बैग को पुलिस के हवाले किया। जिसके बाद सुपेला टीआई ने दंपती को ज्वेलरी से भरा बैग लौटा दिया।
तीन साल से फरार आरोपी पकड़ाया
हिंदुजा फायनेंस कंपनी से छल पूर्वक दो वाहन फायनेंस कराकर किस्त अदा नहीं किया और तीन साल से फरार था। शिकायत पर जांच में पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। आरोपी संजय कुमार नाग व अन्य के खिलाफ धारा 406,420,34 के तहत जुर्म दर्ज कर कार्रवाई की। सुपेला टीआई सुरेश धु्रव ने बताया कि शंकर पारा न्यू खुर्सीपार निवासी सुशांत प्रसन्न पंडा ने शिकायत की थी। आरोपी सेक्टर-8 निवासी संजय कुमार नाग, उसकी मां और संतोष कुमार नाग ने हिंदुजा लिमिटेड फायनेंस कंपनी से दो वाहन छल पूर्वक फायनेंस कराया। उसकी किस्त अदा न करने पर मामले में अपराध दर्ज कर लिया था। विवेचना के दौरान प्रकरण के आरोपी सेक्टर-4 निवासी संतोष नाग (35वर्ष) ने वाहन फायनेंस कराकर फरार हो गया था। सेक्टर-6 में संतोष को पकड़ा गया। इसके पहले संजय कुमार नाम की गिरफ्तार हो चुका था। आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की गई।
Published on:
07 Dec 2021 11:27 am
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