
Chhattisgarh crime rate: वीआईपी जिला होने के बाद भी अपराध का ग्राफ बढ़ना चिंता का विषय है। एनसीआरबी की वर्ष 2022 की रिपोर्ट में यह बात सामने आई है कि दुर्ग जिले में पिछले साल अपहरण और फिरौती के 261 प्रकरण दर्ज किए गए। इसके अलावा हत्या जैसी जघन्य अपराध के 39 मामाले दर्ज हुए। वर्ष 2022 की नेशनल क्राइम ब्यूरों (एनसीआरबी) की रिपोर्ट के मुताबिक अपरहण व हत्या के अलावा लूट, डकैती, हत्या का प्रयास, चोरी की घटनाएं भी बढ़ है। जबकि मुख्यमंत्री व गृहमंत्री इसी जिले थे। बावजूद अपराध पर नियंत्रण नहीं रहा।
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अपहरण में नाबालिग भी शामिल
एनसीआरबी की रिपोर्ट में अपहरण के प्रकरण में सबसे ज्यादा नाबलिग शामिल हैं। इसमें कई ऐसे मामले भी है, जिसमें नाबालिगों को बहला फुसला कर भगा लिया गया। इसके अलावा कई ऐसे गंभीर प्रकरण रहे जिसमें फिरौती तक की मांग की गई।
सोशल मीडिया में जान पहचान का भी उठाया फायदा
वर्ष 2022 में हत्या के 39 प्रकरण सामने आए है। जिसमें प्रेम प्रसंग, अवैध संबंध, मामूली विवाद और संपंत्ति संबंधित विवाद हुए। जिसमें तैश में आकर हत्या की गई। वहीं 76 प्रकरण बलात्कार के दर्ज किए गए। बलात्कार के मामले में ज्यादातर शादी करने का प्रलोभन समेत अन्य तरह के मामले हैं। सोशल मीडिया में जान पहचान होने के बाद मिले फिर बलात्कार की घटनाएं भी हुई।
जिले में लगातार बदलते रहे सेनापति
सेवानिवृत्त पुलिस अधिकारी आरके यादव का कहना है दुर्ग में लगातार सेनापति बदलते रहे है। थानों में पब्लिक रिलेशन खत्म है। टीआई एक कुनबे में बैठे रहते हैं। पब्लिक रिलेशन रहने से आधी समस्या मौके पर ही समाप्त हो जाती है। साथ ही पुलिस की मौजूदगी आम जगह और गली मोहल्ले से खत्म हो गई है। इसका फायदा अपराधी किस्म के लोग उठा रहे हैं।
Published on:
09 Dec 2023 11:34 am
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