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मल्टी स्टोरी अपार्टमेंट में फ्लैट बुक कराने वालों को यह खबर पढऩा जरुरी है

अपार्टमेंट सुविधाओं में कटौती कर घटिया निर्माण पर जिला उपभोक्ता फोरम ने कंचनपुरम अपार्टमेंट निर्माता को दोषी ठहराते कुल 44 लाख देने का निर्देश दिया।
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भिलाई

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Satya Narayan Shukla

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Updated: 28 Nov 2017, 9:03 PM IST

Decision of Durg District Consumer Forum

दुर्ग . अपार्टमेंट बनाते समय सुविधाओं में कटौती करने वाले घटिया निर्माण पर जिला उपभोक्ता फोरम ने कंचनपुरम अपार्टमेंट के निर्माता एके सिन्हा को दोषी ठहराते कुल ४४ लाख रुपए देने का निर्देश दिया है। कुल राशि में परिवादी रुपक कुमार भट्टाचार्य को दोषपूर्ण अपार्टमेंट मिलने पर पर क्षतिपूर्ति के रुप में 15 लाख रुपए, मानसिक कष्ट के लिए चार लाख और वाद व्यय की राशि पांच हजार रुपए मिलेगा। इसी तरह कंचनपुरम अपार्टमेंट के ही के.कोण्डल राव को दोषपूर्ण अपार्टमेंट मिलने पर 17 लाख रुपए, मानसिक कष्ट के लिए दो लाख रुपए और वाद व्यय पांच हजार रुपए मिलेगा। दोनों ही प्रकरणों पर फैसला जिला उपभोक्ता फोरम ने सुनाया।

जाने परिवाद को
परिवाद पत्र के मुताबिक आवेदकों ने आशीष नगर स्थित कंचनपुरम अपार्टमेंट में वर्ष 2008 में फ्लैट बुक कराया था। फ्लैट की कीमत 16 लाख 50 हजार रुपए थी। इस दौरान निर्माता ए.के. सिन्हा ने अपार्टमेंट में सुरक्षा, पार्किंग, लिफ्ट आदि के साथ सभी सुविधाएं मुहैया कराए जाने का वादा किया था। सुविधाओं के कारण ही आवेदकों ने प्लैट बुक कराया था। बाद में फ्लैट निर्माता ने निर्धारित कीमत से अधिक 21 लाख 83 हजार की वसूली के बाद फ्लैट का आधिपत्य सौंपा। आधिपत्य के बाद जो दावा किया गया था वह सुविधाए है नहीं।

बना दी निर्धारित से अधिक मंजिल
परिवाद में बताया गया है कि फ्लैट विक्रय किए जाने के दौरान निर्माता ने अपार्टमेंट के चार मंजिल होने तथा प्रत्येक मंजिल पर चार फ्लैट की जानकारी दी थी। इसके विपरीत वर्तमान में पांचवीं मंजिल के बाद छठवीं मंजिल का निर्माण कार्य कराया जा रहा है।

इसकी अनदेखी
अपार्टमेंट की मंजिल को बढ़ाने के साथ ही तकनीकी मानकों की अनदेखी की जा रही हैं। जो जानलेवा साबित हो सकती है। नियमानुसार 4 मंजिल अपार्टमेंट का निर्माण 6 1 पिलर पर किया जाना था, लेकिन निर्माता ने इसकी अनदेखी कर मात्र 44 पिलर पर अपार्टमेंट को बनाया गया है। इसके अलावा फ्लैट की बाहरी दीवारों को दो ईट की बनाए जाने की बजाए एक ईट का बनाया गया है।

फोरम का निष्कर्ष
जिला उपभोक्ता फोरम ने प्रकरण में अपार्टमेंट निवासी केंद्रीय पीडब्लूडी के सिविल इंजीनियर तपन कुमार के अभिमत के आधार पर इस निर्माण को कई व्यक्तियों की जिंदगी के साथ खिलवाड़ बताया। फोरम ने कहा कि चार मंजिल के लिए अनुमोदित नक्शे में 61 पिलर होना चाहिए, उसे 44 पिलर पर निर्मित किया गया है। इसके अलावा तकनीकी दृष्टि से जो चार मंजिल का बोझ सहन नहीं कर सकते उन पिलर पर पांचवीं और छठवीं मंजिल का निर्माण किया जाना जानलेवा है। इसके अलावा अपार्टमेंट में वांछित सुविधाएं उपलब्ध नहीं करा कर निर्माता ने सेवा में कमी के साथ व्यवसायिक दुराचरण किया है।