
पाटन के ग्राम सांतरा में डायरिया ने पैर पसारा
भिलाई. पाटन के ग्राम सांतरा में डायरिया से पीडि़त लोग अस्पताल का रुख कर रहे हैं। अब तक करीब 24 मरीज चिंहित हुए हैं। इसमें से 8 सरकारी स्वास्थ्य केंद्र, पाटन में दाखिल हैं। वहीं अन्य निजी अस्पताल में भी इलाज करवा रहे हैं। अचानक लोगों को उल्टी दस्त क्यों हो रहा है, यह स्पष्ट नहीं है। यह दिक्कत भोजन या दूषित जल का उपयोग करने से होने की आशंका है।
घर-घर किया जा रहा सर्वे
स्वास्थ्य विभाग की टीम घर-घर सर्वे कर रही है कि आखिर, जो उल्टी दस्त से पीडि़त हुए हैं, उन्होंने खाया क्या और पानी कहां का उपयोग किए हैं। सर्वे के बाद साफ होगा, कि असल में इसके पीछे की वजह क्या रही। वहीं ग्राम सांतरा के सरकारी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, पाटन में 8 मरीजों को दाखिल किए हैं। निजी अस्पताल में भी कुछ मरीज उपचार करवा रहे हैं।
डायरिया की वजह पहली नजर में
पाटन के बीएमओ ने बताया कि प्रथम दृष्टया, पंचायत भवन के पास लगी पानी का स्टैंड पोस्ट है। इससे दूषित पानी आपूर्ति होने की आशंका है। इसके साथ-साथ दो दिनों में त्योहार व विश्वकर्मा पूजा के दौरान दूषित भोजन, मिठाई का सेवन भी एक कारण हो सकता है।
बंद करवाया टंकी से पानी की आपूर्ति, सैंपल कर रहे एकत्र
संभावित दूषित पानी की टंकी से पानी की सप्लाई बंद करवा दी गई है। इससे अगर दूषित जल से ही लोग प्रभावित हो रहे थे, तो नियंत्रण हो जाएगा। एसडीएम, पाटन के निर्देश पर प्रकाश सोनी, तहसीलदार, पाटन ने भी प्रभावित क्षेत्र का जायजा लिया। कोटवारों को मुनादी के लिए निर्देशित किया गया है। पीएचई ने पानी का सैंपल लिया है।
स्वास्थ्य विभाग की टीम कर रही घर-घर सर्वे
डायरिया की शिकायत सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग की टीम घर-घर दस्तक दे रही है। रहवासियों की घरों में जाकर जांच व इलाज की जा रही है। लोगों को सलाह दिया जा रहा है कि पानी को उबालकर पीना है। गांव में अस्थाई शिविर लगाया गया है। ग्रामवासियों को स्वास्थ्य विभाग के सीएचओ, पर्यवेक्षक, खंड विस्तार व प्रशिक्षण अधिकारियों ने स्वास्थ्य शिक्षा भी दी जा रही है।
मरीजों की चल रही जांच
बीएमओ पाटन डॉक्टर आशीष शर्मा ने सूचना मिलते ही तत्काल मरीजों की जांच की। ग्राम सांतरा में एंबुलेंस तैनात कर दी गई है। बीएल वर्मा, बीईटीओ, उत्तम मधुकर, सावित्री अग्रवाल व मितानिनों ने सतत निगरानी रखे हुए हैं।
बांट रहे क्लोरिन टैबलेट
सरपंच व सचिव व ग्राम वासियों ने भी सहयोग कर रहे हैं। लोगों को घर-घर जाकर क्लोरिन टैबलेट बांटा जा रहा है। इसे पानी में घोलकर जलशुद्धिकरण कर पीने की सलाह दी जा रही है। प्रभावित घरों के शौचालय में विसंक्रमण के लिए ब्लीचिंग पाउडर का छिड़काव करने सलाह दी गई है।
Published on:
19 Sept 2023 09:55 pm
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