
चंदूलाल हॉस्पिटल की जमीन को बंधक रखने की CBI जांच कराने हाईकोर्ट में याचिका, पूर्व सांसद के पौत्र ने लगाए गंभीर आरोप
भिलाई. चंदूलाल चंद्राकर मेमोरियल हॉस्पिटल की संपत्तियों की भूमि के पट्टे के संबंध में कथित भ्रष्टाचार की जांच के लिए केन्द्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) और सीरियस फ्रॉड इन्वेस्टिगेशन ऑफिस (एसएफआई) को निर्देश देने की अनुरोध वाली स्पेशल लीव पिटिशन पर शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई। न्यायालय ने याचिकाकर्ता को अंतरिम उपाय (इंट्रीम रेमिडी) व आर्टिकल 226 के तहत पहले बिलासपुर उच्च न्यायालय में याचिका दायर करने की सलाह दी है। दिवंगत पूर्व सांसद चंदूलाल चंद्राकर के पौत्र अमित चंद्राकर ने बताया कि उन्होंने अपनी दाखिल याचिका में चंदूलाल चंद्राकर मेमोरियल अस्पताल प्राइवेट लिमिटेड के संबंध में कथित रूप से आपराधिक साजिश रचने और सरकारी पट्टे पर ली गई जमीन को लेकर वित्तीय धोखाधड़ी की जांच कराए जाने का अनुरोध किया था।
पैसों का गबन किया गया
अपने अधिवक्ता अश्वनी कुमार दुबे के जरिए दाखिल याचिका में सीबीआई के साथ-साथ सीरियस फ्रॉड इन्वेस्टिगेशन ऑफिस द्वारा भी इसकी जांच कराए जाने का आग्रह न्यायालय से किया था। याचिका में दलील दी थी कि पट्टानामा (लीज डीड) की शर्तों के अनुसार, बैंक से ऋण लेने के लिए इसे गिरवी रखने की अनुमति नहीं थी, लेकिन निगम और बैंक अधिकारियों की मिलीभगत से ऋण लिया और पैसों का गबन किया गया। लीज डीड के अनुसार, जमीन को बेचा नहीं जा सकता है और इसे हस्तांतरित नहीं किया जा सकता है। हालांकि बाद में संदिग्ध परिस्थितियों में, बैंक ने पूरी परियोजना की ई-नीलामी शुरू की।
अस्पताल के नाम पर मिली जमीन को बंधक रख ले लिया 143 करोड़ ऋण
चंदूलाल चंद्राकर मेमोरियल हॉस्पिटल प्रबंधन और इंडियन बैंक शाखा सेक्टर-6 भिलाई के प्रबंधक की मिलीभगत से करोड़ों रुपए के घोटाले का खुलासा हुआ है। हॉस्पिटल के डायरेक्टर ने नगर निगम से बिना अनापत्ति प्रमाण पत्र लिए ही साडा कार्यकाल में अस्पताल के नाम पर मात्र 5 रुपए प्रति वर्ग फीट की टोकन दर से आवंटित जमीन को बंधक रखकर बैंक से करीब 143 करोड़ रुपए ऋण ले लिया। बैंक प्रबंधन ने भी हॉस्पिटल के लीज डीड को बंधक रखने के संबंध में निगम की अनापत्ति के बगैर ऋण दे दिया। अब नगर निगम प्रशासन ने मूल लीज लीड की कंडिका 7 का हवाला देते हुए इस अवैधानिक करार दिया है। निगम की ओर से साफ कहा गया है कि उक्त भूमि अपने आधिपत्य में लेने का उन्हें पूरा अधिकार है।
गरीबों का रियायत दर पर इलाज करने टोकन दर पर दी गई थी जमीन
चंदूलाल चंद्राकर मेमोरियल हॉस्पिटल को साडा कार्यकाल में नेहरू नगर चौक के ठीक सामने 12,025 वर्ग मीटर भूखंड आवंटन किया गया है। इसका पंजीयन क्रमांक 8126 दिनांक 1 फरवरी 1996 है, जिसकी 30 वर्षीय लीज अवधि 31 मार्च 2025-26 को समाप्त होगी। यह जमीन टोकन दर पर इस शर्त पर दी गई थी कि अंचल के गरीबों और साडा कर्मचारियों (अब नगर निगम) को इलाज में रियायत में मिलेगी। अमित चंद्राकर, शिकायतकर्ता ने बताया कि सर्वोच्च न्यायालय ने मेरी याचिका को सुना। मुझे अंतरिम उपाय (इंट्रीम रेमिडी) व आर्टिकल 226 के तहत पहले बिलासपुर उच्च न्यायालय में याचिका दायर करने की सलाह दी है। मैं जल्द ही उच्च न्यायालय में याचिका दायर करूंगा। यह बहुत बड़ा आर्थिक क्रिमिनल फ्रॉड है।
Published on:
13 Mar 2021 01:16 pm
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