
दुर्ग . नगर निगम में स्वच्छ भारत मिशन से शौचालय निर्माण में घालमेल का खुलासा हुआ है। निगम के अफसरों ने एक शौचालय बनाया और इसके एवज में दो एजेंसियों को भुगतान कर दिया। मामले काखुलासा होने पर निगम कमिश्नर एसके सुंदरानी ने संबंधित उपअभियंता विनोद मांझी को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया। फर्जी बिल लगाकर दूसरी बार भुगतान लेने वाली श्रीविद्या महिला स्व सहायता समूह के विरुद्ध एफआईआर दर्ज कराने कहा है।मामले में एई, लेखाधिकारी और ऑडिट विभाग को भी नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया है।
दो बार भुगतान, बाकादया बिल भी जमा कराया है
मामला रायपुर नाका वार्ड का है। यहां स्वच्छ भारत मिशन के तहत हितग्राही सीएच नंबर 1500050944 सुशीला अधिकारी के आवास में शौचालय बनाया गया है। इसके एवज में पहले श्रीदेवगंगा एजुकेशन एण्ड वेलफेयर सोसायटी को भुगतान किया गया था। कुछ महीनों बाद उसी शौचालय को एक अन्य विद्या महिला स्व सहायता समूह द्वारा बनाया जाना बताकर बिल भुगतान कर दिया गया।
इसके लिए बकायदा दूसरी एजेंसी द्वारा बिल भी जमा कराया गया है। किसी ने गड़बड़ी की शिकायत कमिश्नर से की थी। इस पर स्वच्छ भारत मिशन के तहत घर-घर शौचालय निर्माण की माप पुस्तिका की जांच कराई गई। इसमें रायपुर नाका वार्ड में सीएच क्रमांक 1500050944 में 14 अक्टूबर 2016 को श्री देवगंगा एजुकेशन एण्ड वेलफेयर सोसायटी को भुगतान करना पाया गया। इसी सीएच नंबर पर फिर से श्रीविद्या महिला स्व सहायता समूह का बिल और भुगतान पाया गया।
इन पर संलिप्तता का संदेह, थामाया नोटिस
एक शौचालय के लिए दो बार बिल प्रस्तुत कर भुगतान का मामला संबंधित एई राजेश पांडेय, लेखाधिकारी रमाकांत शर्मा व ऑडिट विभाग के अफसर भी नहीं पकड़ पाए। इस पर अफसरों पर संलिप्तता का संदेह जाहिर करते हुए उन्हें भी कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है।
तीन दिन में मांगा जवाब नहीं तो रुकेगा वेतन
कमिश्नर सेएई, लेखाधिकारी और ऑडिट विभाग के अफसरों को तीन दिन के भीतर जवाब प्रस्तुत करने कहा है। नोटिस में कमिश्नर ने कहा है कि दो बार भुगतान से निगम को आर्थिक क्षति हुई है। उन्होंने जवाब नहीं देने की स्थिति में दो वेतन वृद्धि रोकने की चेतावनी भी दी है।
सभापति ने की थी कमिश्नर से शिकायत
निगम सभापति राजकुमार नारायणी ने एक ही सीएच नंबर पर दो लोगों को भुगतान किएजाने की शिकायत कमिश्नर से दो दिन पहले की थी। इस पर कमिश्नर ने उन्हें मामले की जांच कराने का भरोसा दिलाया था। जांच में गड़बड़ी का मामला प्रमाणित होने पर अब कार्रवाई की गई है।
सभापति राजकुमार नारायणी ने बताया कि मामले की प्रमाण सहित कमिश्नर से शिकायत की गई थी। मामला सीधे तौर पर धोखाधड़ी का है। केवल निलंबन की कार्रवाई कर खानापूर्ति की जा रही है। सभी दोषियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज नहीं कराई गई तो मैं स्वयं मामले को लेकर न्यायालय जाउंगा।
कमिश्नर एसके सुन्दरानी ने बताया कि एक ही नंबर पर दो बार बिल प्रस्तुत कर राशि आहरित कर लेने का मामला सामने आया है। इसकी जांच के बाद संबंधितों के खिलाफ कार्रवाई की गई है। इसके अलावा अफसरों से जवाब भी मांगा गया है। जवाब संतोषजनक नहीं होने पर उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।
Updated on:
17 Apr 2018 01:06 pm
Published on:
17 Apr 2018 01:26 am
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