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सैकड़ों छात्रों की भीड़ सुनने बैठी थी कि कैसे पढ़कर बनते हैं IAS और IPS, तब कलेक्टर ने दिए टॉपर बनने के ये टिप्स

कलेक्टर ने बताया कि यूपीएससी (UPSC) परीक्षा देनी है या नहीं इसका फैसला करने से पहले वे 2009 में एक टॉपर के अनुभव को सुनने गए थे।

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भिलाई

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Dakshi Sahu

Nov 21, 2021

सैकड़ों छात्रों की भीड़ सुनने बैठी थी कि कैसे पढ़कर बनते हैं IAS और IPS, तब कलेक्टर ने दिए टॉपर बनने के ये टिप्स

सैकड़ों छात्रों की भीड़ सुनने बैठी थी कि कैसे पढ़कर बनते हैं IAS और IPS, तब कलेक्टर ने दिए टॉपर बनने के ये टिप्स

भिलाई . यदि आप संदीप माहेश्वरी का वीडियो सुनकर मोटिवेट होते है और पीएससी की तैयारी कर रहे हैं तो शायद आधे घंटे में आपका मोटिवेशन समाप्त हो जाए, लेकिन यदि खुद से मोटिवेट होकर लक्ष्य लेकर हार्ड वर्क और स्मार्ट स्ट्रेटजी से कार्य करें तो सफलता जरूर मिलेगी। पहले ही प्रयास में सफलता हासिल करने वाले बालोद जिले के छोटे से गांव अवारी के दिलीप उइके ने जब यह बातें मंच से कही तो युवा तालियां ही बजाते रह गए। कुछ ऐसे ही कई टिप्स सीजीपीएससी के टॉपर्स ने जिले के युवाओं को दिए। कला मंदिर में हुए कार्यक्रम में कलेक्टर डॉ. सर्वेश्वर भुरे ने भी अपने आईएएस बनने तक के सफर को साझा किया।

कलेक्टर ने बताया कि यूपीएससी परीक्षा देनी है या नहीं इसका फैसला करने से पहले वे 2009 में एक टॉपर के अनुभव को सुनने गए थे। इस कार्यशाला में टापर्स में शिल्पा देवांगन, जांजगीर-चांपा, अमित श्रीवास्तव, विकास चौधरी, डिगेश देवांगन और दिलीप कुमार उईके ने युवाओं को मोटिवेट किया। डिप्टी कलेक्टर जागेश्वर कौशल एवं उपसंचालक जनशक्ति नियोजन राजकुमार कुर्रे भी मौजूद रहे।

टॉपर्स की अपनी कहानी
हर टापर्स की अपनी कहानी बताई। पहले से आठवें प्रयास में सफलता हासिल करने वाले ने सफलता का केवल एक ही मंत्र बताया-लक्ष्य पर फोकस, मेहनत। आठवीं बार में पीएससी में सफलता हासिल करने वाले टापर ने बताया कि उन्होंने टेक्स्ट बुक नहीं पढऩे की आरंभ में गलती की, अंतिम प्रयास में यह गलती दूर की और स्वर्णिम मौका हाथ लगा।

बेहतर लिखने से नंबर
कलेक्टर डॉ. भुरे ने मेंस में उत्तर कैसे लिखे के सवाल पर बताया कि इंटरव्यू में वेल ड्रेस जाते हैं तभी नंबर मिलते हैं, उसी तरह उत्तर का प्रस्तुतिकरण भी मायने रखता है। कई बार भ्रम होता है कि ज्यादा लिखने से नंबर मिलते हैं। ऐसा नहीं होता, आपके पास बताने के लिए अच्छी सामग्री होनी चाहिए, साथ ही उसका प्रेजेंटेशन भी अच्छा होना चाहिए। क्योंकि पेपर चेक करने वाला काफी अनुभवी होता है। अगर अपने उत्तर को अंडरलाइन कर लिखा है या प्वाइंट में लिखा है तो वह समझ जाएगा कि आपको कितना नॉलेज है।
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युवाओं ने पूछे प्रश्न तो मिला जवाब
Q. करेंट अफेयर्स को कैसे पढ़े और कब-कब रिवीजन करें
A. करंट अफेयरर्स को स्मार्ट तरीके से पढऩा चाहए। इसका क्षेत्र व्यापक है। रोजाना राष्ट्रीय स्तर के अखबार को पढ़कर उसी में अंडरलाइन कर जरूरी चीजों को टिक करें और उसकी नोट्स बनाकर लगातार रिवीजन करें।

Q. इंटरव्यू में अपने डिस्ट्रिक्ट के सवाल ज्यादा आते हैं या प्रदेश के
A. इंटरव्यू ओवरआल पर्सनाल्टिी को चेक करने के लिए होता है। इसमें पैनल यह जानना चाहता है कि आप जहां से आते हैं उस क्षेत्र के बारे में आपको कितना पता है? खुद के बारे में कितनी जानकारी है और वे आपका कॉन्फिडेंस देखते हैं। अगर आपको सवाल का जवाब नहीं आता तो मना कर दीजिए,लेकिन गलत जवाब देना आपकी छवि को खराब करता है।

Q. आंसर ज्यादा पेज में लिखना सही या प्वाइंट में लिखने से मिलेंगे माक्र्स
A. प्रश्न की व्यापकता को समझना जरूरी है कि प्रश्न में क्या पूछा गया है। मेंस में 15 नंबर के अधिकतम प्रश्न का उत्तर 17 लाइन में लिखना होता है। जबरन पेज भरने की बजाए सटीक और अच्छा लिखें। इसके लिए लगातार प्रैक्टिस करें और नोट्स बनाकर उसे फिल्टर करते जाएं। साथ ही प्रश्नों के स्वरूप को पहचाने ताकि जहां अभिमत देना हो वहां विस्तार से और जहां विशेषता बतानी हो वहां प्वाइंट वाइज उत्तर देना सही है।

Q. आधे घंटे बाद से ही पढ़ाई में मन नहीं लगता, लगातार कैसे पढ़े?
A. लगातार पढऩे के लिए रोजाना अपने पढऩे के घंटों में आधे-आधे घंटे बढ़ाए और उन सारी चीजों से दूर रहे जो आपका ध्यान भटकाती है, फिर चाहे मोबाइल बंद करना पड़े या दोस्तों से दूरी बनानी पड़े। अपनी पॉजीटिव एनर्जी के साथ एकाग्र होकर पढ़ाई करेंगे तो अपने आप लगातार बैठने की क्षमता बढ़ेगी। इसके साथ ही रूटीन में एक्सरसाइज और योग को भी शामिल करें।