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क्लीन इंडिया मिशन: स्वच्छता सर्वेक्षण के लिए दिल्ली से पहुंची टीम ने दस्तावेज का किया परीक्षण

स्वच्छता में शहर को नंबर-1 बनाने की जिम्मेदारी हम सबकी है। हम टीम के सदस्यों के सवालों का सही जवाब देकर अच्छे नंबर दिला सकते हैं।

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भिलाई. स्वच्छता सर्वेक्षण-२०१८ में दिल्ली की टीम के पहुंचने के पहले शहर की रैकिंग में काफी सुधार हुई है। रैकिंग में लंबी छलांग लगाते हुए भिलाई २६ वें से बढ़कर १२वें स्थान पर पहुंच गया है। २०१७ की रैकिंग में भिलाई ५४वेंं पायदान पर था। शहरी आवास एवं पर्यावरण मंत्रालय नई दिल्ली और स्वच्छता सर्र्वेक्षण की क्यूसीआई टीम १८ जनवरी को भिलाई आएगी। इससे पहले निगम प्रशासन ने शहरवासियों के द्वारा एप डाउनलोड करना, उसके माध्यम से दर्ज शिकायतों का समाधान और कमियों को दूर कर रैंकिंग में सुधार किया है। इसका परिणाम है कि नगर पालिक निगम भिलाई, देशभर की स्वच्छता रैकिंग में १२वें स्थान पर काबिज हो गया है। अब टीम लोगों से फीडबैक के साथ शहर की सफाई व्यवस्था का निरीक्षण कर अंक देगा। इसके बाद अप्रैल-मई में फाइनल रैकिंग की जारी होगी।

गलत जानकारी देने पर अंक में कटौती होगी

स्वच्छता में शहर को नंबर-१ बनाने की जिम्मेदारी हम सबकी है। हम टीम के सदस्यों के सवालों का सही जवाब देकर शहर को स्वच्छता रैकिंग में अच्छे नंबर दिला सकते हैं। दिल्ली की टीम मोहल्ले में जाकर किसी भी व्यक्ति से सवाल कर सकती है। वार्ड का नाम, रिक्शा में घरों से कचरा एकत्र करने वाले सफाई मित्र, सड़क और नाली की सफाई, शौचालय की उपयोगिता, मोहल्ले की सफाई व्यवस्था को जानकारी ले सकती है। वार्ड की सफाई व्यवस्था को लेकर किए गए सुधार कार्य के संबंध में भी सवाल -जवाब कर सकती है। हम उनके सवालों का सही जवाब देकर अंक जुटा सकते हैं। फीडबैक और निरीक्षण में खरा उतरने पर शहर को पूरे१२०० अंक मिल सकते हैं। गलत जानकारी देने पर अंक में कटौती होगी।

21 तक शहर में रहेगी टीम
स्वच्छता सर्वेक्षण के क्यूसीआई टीम में दिल्ली के शहरी आवास एवं स्वच्छता मंत्रालय के अधिकारी रहेंगे। चार दिन २१ जनवरी तक शहर में रहेगी। इस बीच टीम के सदस्य चारों जोन के इलाकों में घूमकर स्थानीय लोगों से फीडबैक से लेंगे। फोटो खींचकर भारत सरकार को भेजेगा। टीम अलग-अलग जगहों में सर्वे कर अपनी रिपोर्ट तैयार करेगी। इसके आधार पर ही स्वच्छता की रैंकिंग तय की जाएगी।

5 फीसदी का वेटेज
घरों से सूखा और गीला कचरे को अलग एकत्र करना, गीले कचरे का प्रबंधन, कंपोस्ट खाद बनाने आदि के लिए भी वेटेज 5 प्रतिशत बढ़ाया गया है। इन नंबरों से भी निगम को अपनी रैकिंग सुधारने में मदद मिलेगी।

शहर को बांटा है चार जोन में
स्वच्छता सर्वे के लिए दिल्ली से आने वाली टीम ने शहर को चार जोन में बांटा है। उत्तर, दक्षिण, पूर्व और पश्चिम के हर जोन में कुछ क्षेत्र चुने गए हैं। जोन में बाजार, रेलवे स्टेशन, रेलवे लाइन, बस स्टैंड, खेल मैदान, उद्यान, मंगल भवन, सुपर बाजार, कॉलोनी, पॉश इलाके और निचली बस्तियां शामिल हैं।

कमियों को दूर करने जुटी निगम की टीम
दिल्ली की टीम के पहुंचने से पहले राज्य शहरी विकास अभिकरण के नोडल सयुंक्त संचालक एसके दुबे के नेतृत्व में टीम शहर का सर्वे कर रही है। पिछले तीन दिन से १३५० कामगारों की टीम, १२ स्वच्छता पर्यवेक्षक, ६ स्वच्छता निरीक्षक, ६ जोन कमिश्नर, २४ इंजीनियर, स्वास्थ्य अधिकारी और आयुक्त सड़क, नाली की सफाई की कमियों को दूर करने में जुटी हुई है। मुख्य सड़कों के किनारे की सफाई कराई गई है। २५ हजार घरों में डस्टबीन का वितरण किया गया है। शौचालयों की सफाई और साइन बोर्ड लगाने कार्य किया गया है। कोहका और हुडको माइनर की सफाई, मार्केट में स्टैंड वाले नीला और हरा डस्टबीन लगाए गए हैं।

दस्तावेज गलत पाए तो कटेंगे 35 अंक
सर्वेक्षण में ७३ मापदंडों को देखते हुए माइनस मार्किंग का भी प्रावधान रखा गया है। इसमें यदि शहर की सरकारों द्वारा किए गए दावे जांच में गलत पाए गए तो उन्हें शून्य नंबर तो दिए जाएंगे। साथ ही उनके कुल अंक में से 35 नंबर भी माइनस कर लिए जाएंगे। यदि पाए गए तो अंक कटने से शहर की रैंकिंग पर असर पड़ेगा।