
भिलाई में इंजीनियर्स को सड़क बनाने की दी जाएंगी ट्रेनिंग, 5 एकड़ में कैंपस तैयार
भिलाई. प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजनाएं अब भिलाई से तैयार होगी। यहीं पर ग्रामीण क्षेत्र में बनने वाली सड़कों की गुणवत्ता की जांच भी होगी। छत्तीसगढ़ पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग ने नगर पालिक निगम भिलाई के वार्ड-16 सुंदर विहार कालोनी के 5 एकड़ कैंपस में ग्रामीण सड़क नेटवर्क प्रबंधन इकाई का भव्य बिल्डिंग बनवाया है। जहां दुर्ग संभाग के ग्रामीण सड़क नेटवर्क का रोड मैप और डीटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट तैयार होगा। वहीं आधुनिक लैब में निर्माणाधीन सड़कों की गुणवत्त्ता की जांच की जाएगी। पंचायत एवं ग्रामीण विभाग विभाग के नव नियुक्त इंजीनियरों को प्रशिक्षण दिया जाएगा।
500 गांव जुड़ेगी पक्की सड़कों से
दुर्ग संभाग के बालोद, राजनांदगांव, कबीरधाम, बेमेतरा जिले के कई गांव अब तक मेन रोड नेटवर्क से नहीं जुड़ पाया है। नवागढ़, सहसपुर लोहारा, मानपुर, मोहला विकासखंड के वनांचल गांव मुख्यालय से नहीं जुड़ पाए है। पुल-पुलिया नहीं होने की वजह से बारिश में ग्रामीणों को तकलीफ का सामना करना पड़ता है। बाढ़ की स्थिति में ग्रामीणों को जान जोखिम में डालकर नदी-नाले को पार करना पड़ता है। छत्तीसगढ़ पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग ने ऐसे गांवों को प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना से बारहमासी (पक्की) सड़कों से जोडऩे का निर्णय लिया है। 500 या इससे अधिक जनसंख्या वाले हर गांव को प्रधानमंत्री ग्राम सड़क नेटवर्क से जोड़ा जाएगा। ग्राम सड़क नेटवर्क का डीटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट से लेकर मानिटरिंग का काम ग्रामीण सड़क नेटवर्क प्रबंधन इकाई के अधिकारी करेंगे।
तीन चरणों में होगी जांच
प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना की सड़कों की गुणवत्ता से संबंधित शिकायतों को ध्यान में रखते हुए भारत सरकार ने तीन चरणों में मानिटरिंग का प्रावधान किया है। भारत सरकार, राज्य सरकार के अलावा क्षेत्रीय स्तर पर जांच के लिए ग्रामीण सड़क नेटवर्क प्रबंधन इकाई बनाई गई है जो वर्तमान तंत्र से स्वतंत्र होगा। स्वतंत्र रूप से ग्रामीण सड़कों की जांच करेगा। ग्रामीण सड़क नेटवर्क प्रबंधन इकाई में सेवा निवृत्त अभियंता की नियुक्ति की जाएगी। जिसे राष्ट्रीय गुणवत्ता मानिटर (एनक्यूएम) कहा जाएगा। उनके नेतृत्व में ग्रामीण क्षेत्र के सड़कों का डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट (डीपीआर)तैयार होगा। उनकी मानिटरिंग में सड़कें बनाई जाएंगी।
दो साल पहले खाली कराया था कब्जा
निगम प्रशासन ने दो साल पहले सुंदर विहार कॉलोनी में अवैध निर्माण के खिलाफ कार्रवाई की थी। आधा दर्जन लोगों के मकानों को तोड़कर लगभग पांच एकड़ जमीन खाली कराया था। वहीं नालंदा पब्लिक स्कूल के प्रवेश द्वार को तोडऩे के लिए नोटिस जारी किया गया था। बाद में हाईकोर्ट के आदेश पर जिला प्रशासन ने तोडफ़ोड़ की कार्रवाई को स्थगित कर दिया था। स्कूल प्रबंधन ने स्वयं कब्जा हटा लेने की चेतावनी दी थी। उसी जमीन पर छत्तीसगढ़ पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग ने तीन मंजिला बिल्डिंग तैयार किया है।
अपने तरह का नया बिल्डिंग
कार्य का नाम- ग्रामीण सड़क नेटवर्क प्रबंधन इकाई भवन
लागत-535.26 लाख का प्रोजेक्ट
स्थान- सुंदर विहार कॉलोनी कुरुद
भवन का क्षेत्रफल- 211.14 वर्ग मीटर
कार्य प्रारंभ करने की तिथि- 11 जनवरी 2019
कार्य पूर्ण करने की अवधि- जुलाई 2019
Updated on:
20 Jan 2020 12:02 pm
Published on:
20 Jan 2020 12:00 pm
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