
पत्रिका खबर का असर: किसान की आत्महत्या के बाद जागी सरकार, तीन कीटनाशक दवा दुकानों में दबिश, कृषि विभाग ने डाला गांव में डेरा
भिलाई. मातरोडीह के युवा किसान डुगेश निषाद (34) की आत्महत्या की खबर पत्रिका में प्रमुखता से प्रकाशित होने के बाद सरकार ने तत्काल कृषि वैज्ञानिकों की एक टीम को प्रभावित इलाके की फसलों के सर्वे के लिए भेजा। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के कहने पर सोमवार को गृहमंत्री ताम्रध्वज साहू और जिला प्रशासन का अमला किसान के घर पहुंचा। गृहमंत्री ने परिजनों से मुलाकात की। उन्हें ढांढस बंधाया और चार लाख रुपए मुआवजा देने की घोषणा की। इधर कृषि मंत्री रविंद्र चौबे ने घोषणा की है कि किसान ने जिन-जिन दुकानों से दवाइयां खरीदी हैं, सभी के लाइसेंस निरस्त किए जाएंगे।
मुख्यमंत्री ने जताया शोक
मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने सोमवार को गृह मंत्री ताम्रध्वज साहू से दुर्ग जिले के ग्राम मातरोडीह में हुई किसान की आत्महत्या के मामले में पूरी जानकारी ली। उन्होंने गृह मंत्री को मृत कृषक के परिवारजनों को हर संभव मदद उपलब्ध कराने कहा। मुख्यमंत्री ने इस घटना पर शोक जताते हुए किसान के परिजनों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की।
तीन कीटनाशक दवा की दुकानों में दबिश
मातरोडीह के युवा किसान ने जिन तीन दुकानों से दवाइयों की खरीदी थी उन तीनों दुकानों में कृषि विभाग के संयुक्त संचालक राजेश कुमार राठौर ने टीम के साथ दबिश दी। दुकानों में गंभीर अनियमितता मिलने पर तीनों दुकानों को सील कर दिया गया है। किसान ने सरदार कृषि केंद्र उतई, भारत कृषि केंद्र दुर्ग और कृषि विकास केंद्र दुर्ग से कीटनाशक दवाई खरीदकर खेतों में डाला था। कृषि मंत्री और गृहमंत्री के निर्देश के बाद कृषि विभाग की टीम ने दुकानों को खोज निकाला। कृषि मंत्री ने दुकानों के खिलाफ कार्रवाई करने के निर्देश दिए थे। संयुक्त संचालक राठौर ने बताया कि दुकानों में अमानक कीटनाशक दवा और प्रतिबंधात्मक दवाओं की जांच होगी। इसके बाद दुकान संचालकों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
किसान की मौत पर सियासत
भाजपा कार्यकाल में प्रदेश अमानक दवा का बाजार बन गया
कृषि मंत्री रविंद्र चौबे का कहना है कि मातरोडीह के युवा किसान द्वारा आत्महत्या कर लेना बहुत ही दु:खद है। जानकारी मिली है उसने खेत में जो दवाई डाली थी वह अमानक पाई गई है। वैसे तो इस समय धान की फसल पर भूरा माहो का प्रकोप है। आत्महत्या करने वाले किसान की फसल उतनी भी खराब नहीं थी। किसान ने जिन दुकानों से कीटनाशक खरीदा था, सभी के लाइसेंस निरस्त किए जाएंगे। भाजपा सरकार के 15 साल के कार्यकाल में पूरे प्रदेश में अमानक दवा व अमानक खाद का बाजार बन गया है।
कांग्रेस कार्यकाल में सब्सिडी में खाद व दवाइयां मिलना बंद
पूर्व कृषि मंत्री बृजमोहन अग्रवाल का कहना है कि कांग्रेस की सरकार को दो साल होने को है। जब से ये सरकार आई है किसानों को सरकारी सब्सिडी व योजनाओं के माध्यम से खाद व दवाइयां मिलना बंद हो गई है। इसलिए किसान खुले बाजार से अमानक दवा और खाद खरीदने मजबूर हैं। कांग्रेस सरकार के संरक्षण में ही अमानक दवा और खाद का कारोबार पनप रहा है। यह पहली घटना है जिसमें अमानक कीटनाशक के कारण कोई किसान आत्महत्या करने को मजबूर हुआ है। यह सरकार के लिए बेहद शर्मनाक है।
Published on:
06 Oct 2020 02:40 pm
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