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भिलाई स्टील प्लांट में मजदूरों का नहीं किया जा रहा अंतिम भुगतान

सेंट्रल विजिलेंस तक पहुंची शिकायत,

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भिलाई

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Abdul Salam

Aug 26, 2022

भिलाई स्टील प्लांट में मजदूरों का नहीं किया जा रहा अंतिम भुगतान

भिलाई स्टील प्लांट में मजदूरों का नहीं किया जा रहा अंतिम भुगतान

भिलाई. भिलाई स्टील प्लांट के टीएण्डडी विभाग में लोको का संचालन करने वाली ठेका कंपनी ने श्रमिकों को अंतिम भुगतान व बोनस की राशि नहीं दिया है। इस मामले में शिकायत सेंट्रल विजिलेंस कमीशन, नई दिल्ली से की गई है। दोनों ही कंपनी को बीएसपी में होने वाले अन्य निविदा में हिस्सा लेने से रोकने की मांग भी की गई है।

अंतिम भुगतान मांगा तो निकाला काम से
शिकायकर्ता ओम प्रकाश ने बताया कि अंतिम भुगतान मांगा तो ठेकेदार ने काम से निकाल दिया। काम पर रखने के एवज में जो रकम मांगा गया था, वह पैसा लौटा दिया। तब इस मामले में पहले बीएसपी और अब अन्य एजेंसी के पास भी शिकायत किया जा रहा है।

हर ठेका श्रमिक को मिलना है 37,000 से अधिक
ठेका एजेंसी को 3 साल का अंतिम भुगतान करना है। जिसमें एक मजदूर का 15 दिनों का वेतन और 18 दिन का ईएल-सीएल शामिल है। हर दिन की रोजी करीब 380 रुपए है। इस तरह से हर कर्मचारी के खाते में अंतिम भुगतान के नाम से करीब 37620 रुपए देना है। इस तरह से करीब 50 लाख रुपए तक का भुगतान कंपनी को करना है।

130 ठेका मजदूर कर रहे थे काम
अमिया इंडस्ट्री का बीएसपी के पीपी यार्ड (डीजल एंड ट्रांसपोर्ट इन ऑर्गेनाइजेशन) में लोको परिचालन का काम 2018 से 2021 तक चला। कंपनी ने तीन साल काम किया। कंपनी के अधीन 130 ठेका श्रमिक कार्य काम कर रहे थे। इसमें से लोको चालक की संख्या 40 थी। इसके अलावा 10 सुपरवाइजर और शंटिंग स्टाफ करीब 80 कार्यरत थे।

3 साल तक चला ठेका
शिकायकर्ता ने विजिलेंस विभाग, नई दिल्ली को लिखित में दस्तावेज के साथ बताया है कि अमीया इंडस्ट्रीज, भिलाई स्टील प्लांट के टीएण्डडी विभाग के पीपी यार्ड में 2018-19 ठेका आदेश क्रमांक 4270006885 था और 2019-2021 में ठेका क्रमांक 4270008218 था। जिनका अंतिम भुगतान व सही बोनस शिकायत किए गए दिनांक तक नहीं किया गया है। दोनों का वेंडर कोड एक ही है।

यहां भी नहीं किए अंतिम भुगतान
भिलाई इस्पात संयंत्र के टीएण्डडी विभाग के ओपन आर्थ स्टेशन में मेसर्स अमीया इंडस्ट्रीज ने 2018-2019 के दौरान काम किया। इसका भी अंतिम भुगतान नहीं किया गया है। यहां करीब 80 श्रमिक काम कर रहे थे। 12540 रुपए हर श्रमिक को दिया जाना है। इस तरह से करीब 10 लाख रुपए का भुगतान किया जाना है।

रोहिणी ने एक साल के लिए किया काम
रोहिणी ट्रांसपोर्ट ओपन अर्थ यार्ड (डीजल एंड ट्रांसपोर्ट ऑर्गेनाइजेशन) में लोको परिचालन का कार्य 2019 से 2020 में एक साल के लिए किया था। इस कंपनी के अधीन 80 ठेका श्रमिक कार्य करते थे। जिसमें 10 सुपरवाइजर, 70 शंटिंग स्टाफ थे। इन कर्मियों को भी अब तक अंतिम भुगतान नहीं दिया गया है। 12540 रुपए हर श्रमिक को दिया जाना है। इस तरह से करीब 10 लाख रुपए का भुगतान किया जाना है।

टेंडर पूरा होने पर करना है अंतिम भुगतान
ठेका श्रम (विनियमन और उत्सादन) अधिनियम 1971 केंद्रीय के तहत, ठेका समाप्त के 48 घंटे अंदर अंतिम वेतन देने का प्रावधान है। शिकायकर्ता का कहना है कि इन ठेका श्रमिकों को अंतिम भुगतान व बोनस अधिनियम के तहत नहीं दिया गया। वैसे ठेकेदार बोनस के नाम पर महज 5000 से 6000 रुपए ठेका श्रमिकों को भुगतान कर रहा था।

क्या कहा बीएसपी प्रबंधन ने
बीएसपी के जनसंपर्क विभाग के प्रमुख के मुताबिक मेसर्स अमिया इंडस्ट्रीज का वर्तमान में कोई ठेका भिलाई इस्पात संयंत्र में चालू नहीं है। पुराने ठेके के अंतिम 2 बिल और अंतिम भुगतान ठेकेदार को नहीं किया गया है। विदित हो कि आईआर विभाग किसी भी ठेकेदार के सांविधिक देनदारियों के भुगतान की जांच कर एनडीसी जारी करता है ना कि भुगतान करता है। इस तरह से साफ है कि मेसर्स अमिया इंडस्ट्रीज को नियम के खिलाफ कोई एनडीसी नहीं दी गई है। इसी तरह से मेसर्स रोहिणी को अंतिम भुगतान के लिए एनडीसी नहीं दी गई है।