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फिटनेस फ्रेंडली बन रहे भिलाइयंस, अब स्लिम नहीं फिट बॉडी पर फोकस

परफेक्ट फिटनेस भला किसे पसंद नहीं होती। हर कोई फिटनेस फ्रैंडली बनने के लिए कई तरह की जद्दोजहद भी करता है। इसके लिए कोई फिटनेस क्लासेज जॉइन करता है, तो कोई मॉर्निंग एंड इवनिंग वॉक के कॉन्सेप्ट पर फोकस कर रहा है।

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भिलाई. परफेक्ट फिटनेस भला किसे पसंद नहीं होती। हर कोई फिटनेस फ्रैंडली बनने के लिए कई तरह की जद्दोजहद भी करता है। इसके लिए कोई फिटनेस क्लासेज जॉइन करता है, तो कोई मॉर्निंग एंड इवनिंग वॉक के कॉन्सेप्ट पर फोकस कर रहा है। इस तरह से शहर में अब फिटनेस फ्रैंडली लोगों की संख्या भी बढ़ती जा रही है। इसमें सिर्फ अब लोग अलग-अलग जिम जॉइनिंग तक ही सीमित नहीं हैं, बल्कि होम जिमिंग के साथ योग और अदर फिटनेस एक्टिविटी करने में ही पीछे नहीं हट रहे हैं।

फिटनेस ट्रेनर ने बताया कि बदलती लाइफस्टाइल के बीच फिटनेस बनाए रखना बहुत जरूरी है। खासतौर पर महिलाओं में आफ्टर ४० कई तरह की प्रॉब्लम और बीमारियां डवलप होना शुरू हो जाती है। इसके लिए सबसे पहले बॉडी की फिटनेस पर ही ध्यान देना जरूरी हो जाता है। वुमन में थायराइड, ब्लड प्रेशर, शुगर के साथ बोन्स से जुड़ी हुई प्रॉब्लम भी पनपने लगती है। एेसे में यदि डेली रूटीन में फिटनेस पर ध्यान देते हुए कुछ एक्सरसाइज की जाएं, तो इस तरह की प्रॉब्लम से बचा जा सकता है।

स्लिम नहीं परफेक्ट टोन :
सिटी गल्र्स और लेडीज का कहना है कि अब उन्हें स्लिम बॉडी की चाह नहीं हैं, क्योंकि स्लिम बॉडी पर हमेशा फोकस रख पाना पॉसिबल नहीं हो पाता है। इसके विपरीत वे फिट बॉडी टोन के कॉन्सेप्ट पर फोकस कर रही हैं, ताकि वे हमेशा एक ही बॉडी टोन के शेप में रह सकें।

एरोबिक्स एंड जुम्बा

लेडीज के लिए अब फिट रहने के लिए सबसे ज्यादा एरोबिक्स और जुम्बा एक्सरसाइज पर फोकस किया जा रहा है। इसके साथ ही पावर योगा, स्ट्रेचिंग और अदर योग के आसनों पर लोगों का भरोसा फिटनेस फ्रैंडली बनने के लिए बढ़ गया है।

होम जिमिंग का भी ट्रेंड
कस्टोमाइज एक्सरसाइज पर फोकस करते हुए शहरवासी अब होम जिमिंग के कॉन्सेप्ट पर भी फोकस कर रहे हैं। एेसे में खासतौर यह उन महिलाओं के लिए बेस्ट है जो कि बिजी शेड्यूल होने के कारण जिम या फिर फिटनेस सेंटर्स का रुख नहीं कर सकती हैं। इसके चलते वे ट्रेड मिल और एब्स डवलपिंग जैसी एक्सरसाइज किट्स को घर पर ही कैरी कर रही हैं।