
सोमनी सड़क हादसे में पांच साल का मासूम हुआ अनाथ, बुढ़ापे का सहारा इकलौता बेटा भी नहीं रहा
भिलाई. सोमनी केे पास हुए सड़क हादसे ने यहां प्रगति नगर के पाच साल के मासूम हितेश को अनाथ बना दिया। हादसे में उनके पिता आदिनारायण (35) और माता सावित्री (30) की मौत हो गई। हितेश भी घायल है। निजी अस्पताल में उसका इलाज चल रहा है। वहीं सम्मी खान के बुढ़ापे का एकमात्र सहारा छीन लिया। उसका इकलौता बेटा अब्दुल हसन उर्फ आसिफ (२२) अब इस दुनिया में नहीं रहा। इस हादसे में ड्राइवर समेत १० लोगों की मौत हो गई, जिनमें 9 लोग एक ही परिवार के है। इनमें तीन दंपती हैं। चार लोग घायल हैं जिनका अस्पताल में उपचार चल रहा है।
कैंप-वन तेलुगु परिवार डोंगरगढ़ मां बम्लेश्वरी का दर्शन कर लौट रहे थे
गंभीर सड़क हादसे के शिकार कैंप-वन प्रगति नगर का यह तेलुगु परिवार डोंगरगढ़ मां बम्लेश्वरी का दर्शन कर लौट रहे थे। सुबह हादसे की खबर मिलते ही पूरा मोहल्ला शोक में डूब गया। लोगों ने बताया कि इस परिवार की मां बम्लेश्वरी पर बहुत आस्था थी। हर साल नवरात्रि में पूरा परिवार माता के दर्शन के लिए डोंगरगढ़ जाता था। इस बार आंध्रप्रदेश से उनके कुछ रिश्तेदार आए थे। साथ में वे लोग भी गए थे। संख्या अधिक होने पर शनिवार को दो कार बुकिंग करवाई। एक-एक कार में 12-12 लोग सवार होकर रात ९.४५ बजे कैंप वन से मां बम्लेश्वरी का जयकारा लगाते हुए डोंगरगढ़ के लिए रवाना हुए। रात में माता का दर्शन करने के बाद रविवार को सुबह ६ बजे लौट रहे थे। सुबह ७.०५ बजे सोमनी के पास उनकी एक कार अनियंत्रत होकर सामने आ रहे ट्रक से भिड़ गई।
एक ही परिवार से तीन लोगों की मौत
अंकलु नगर निगम में सफाई कर्मी है। उन्होंने बताया कि बड़ी बेटी के. सावित्री (३०) और दामाद के. आदिनारायण (३५), छोटी बेटी एस. मंजू और बेटा एस भरत माता का दर्शन करने गए थे। सूचना मिली कि उनकी कार रास्ते में दुर्घटनाग्रस्त हो गई। उनकी दोनों बेटियां और दामाद नहीं रहे। बेटा एस भरत भी घायल हो गया है। मेरा परिवार उजड़ गया.., तीन लोगों की मौत हो गई... इतना बोलकर अंकलु फफक पड़े। हितेश के दादा की पहले ही मृत्यु हो गई है। अब मासूम हितेश का सहारा उसकी बूढ़ी दादी ही होगी।
संतान की मन्नत मांगने गई थी दंपती
पी. वेंकट लक्ष्मी (३०) और उसके पति पी. मंगैया (३५) की भी हादसे में मौत हो गई है। लक्ष्मी के भाई वेंकट रसैया ने बताया कि वह नगर निगम में सफाई कर्मी थी। जीजा आंध्रप्रदेश में रहता था। एक माह पहले पेट में ही लक्ष्मी का बच्चा खत्म हो गया। तभी से जीजा यहां आए थे। संतान की मन्नत मांगने ही उनकी दीदी और जीजा माता के दर्शन करने गए थे।
दो बहनों और बूढ़े पिता की जिम्मेवारी थी आसिफ पर
कृष्णा नगर सुपेला निवासी अब्दुल हसन उर्फ आसिफ (२२) कार चालक था। मौके पर ही उसने भी दम तोड़ दिया। उसके पिता सम्मी खान ने बताया कि वह प्लास्टिक का सामान बेचता है। दो बेटी में एक की शादी हो चुकी है। आसिफ एकलौता बेटा था। कार चलाकर घर के गुजर-बसर मेंं वह भी मदद करता था। अपने ही चाचा कलीम खान की गाड़ी चलता था। उसने दोस्तों ने गाड़ी बुक किया है कहकर रात ८ बजे घर से कार लेकर निकला। सुबह उसकी मौत की खबर मिली।
दोस्त ने कहा था आसिफ दिन अच्छे नहीं है गाड़ी संभलकर चलाना
मोहल्ले के किराना दुकान पर कुछ लोग खड़े थे। उनमें चर्चा हो रही थी कि कार से रवाना होते समय परिवार के ही एक सदस्य ने आसिफ से कहा भी देख भाई दिन ठीक नहीं चल रहा है। गाड़ी धीरे चलना। इस पर आसिफ ने जवाब में कहा कि भैया मैं गाड़ी चलाने में एक्सपर्ट हूं।
सेक्टर-9 अस्पताल से घायलों को लौटा दिया
घटना के बाद पुलिस ने घायल हितेश, एस भरत, महेंदर और वेंकटेश को मेडिकल कॉलेज राजनांदगांव में भर्ती कराया था। वहां से बेहतर इलाज के लिए बीएसपी के जवाहर लाल नेहरू चिकित्सालय एवं अनुसंधान केंद्र सेक्टर-9 रेफर कर दिया गया। यहां अस्पताल के डॉक्टरों ने आइसीयू में जगह नहीं होने का हवाला देते हुए सभी घायलों को लौटा दिया। इसके बाद शहर के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। जहां इलाज के बाद हितेश की छुट्टी कर दी गई। उसके पैर में फ्रैक्चर है। अब वह अपने नाना अंकलू के पास है।
Published on:
14 Oct 2018 11:27 pm
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