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International Women’s Day : मैत्री की पाठशाला में टीचर बनीं पूर्व जिला न्यायाधीश मैत्रेयी माथुर

पूर्व जिला एवं सत्र न्यायाधीश मैत्रेयी माथुर गरीब और श्रम बस्ती के बच्चों को घर पर ही कोचिंग देकर शिक्षा के जरिए उनकी जिंदगी को रोशन करने में जुटी हैं।पद्मनाभपुर स्थित उनका निवास मैत्री की पाठशाला में तब्दील हो चुका है।

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International Women's Day : मैत्री की पाठशाला में टीचर बनीं पूर्व जिला न्यायाधीश मैत्रेयी माथुर

कोमल धनेसर/भिलाई@Patrika. न्यायाधीश बनकर 37 साल पीडि़तों को न्याय दिया। कभी भिलाई के बहुचर्चित नियोगी हत्याकांड में आरोपियों को ज्यादा दिनों तक पुलिस रिमांड देने तो कभी उपभोक्ता फोरम में एक दिन में ही 2२8 फैसले देकर रिकार्ड बनाने वाली पूर्व जिला एवं सत्र न्यायाधीश मैत्रेयी माथुर सेवानिवृत्ति के बाद अपनी जिंदगी की नई पारी की शुरुआत कर चुकी हैं। गरीब और श्रम बस्ती के बच्चों को घर पर ही कोचिंग देकर वे शिक्षा के जरिए उनकी जिंदगी को रोशन करने में जुटी हैं।@Patrika. पद्मनाभपुर स्थित उनका निवास मैत्री की पाठशाला में तब्दील हो चुका है। स्कूल से लौटने के बाद बच्चे सीधे भागकर उनके पास पहुंच जाते हैं। बस वे भी उन बच्चों के बीच ऐसे रम जाती हैं,जैसे वह सब उनके अपने हों।

चार साल के बच्चे से लेकर पीएससी-यूपीएससी की तैयारी

पिछले साल अगस्त में शुरू हुई इस नेकी की पाठशाला में चार साल के बच्चे से लेकर पीएससी-यूपीएससी की तैयारी कर रहे यूथ उनकी पाठशाला में आते हैं।@Patrika. वे कहती हैं कि यहां बच्चों को वे केवल पढ़ाती नहीं बल्कि जिंदगी को जीने का तरीका बताती हैं, ताकि वे खुद को एक बेहतर इंसान बना सकें। वे कहती हैं कि कुछ अच्छा करने के लिए उम्र या समय का बंधन नहीं होना चाहिए। जब कुछ सोचें तो शुरुआत कर लें।

अंग्रेजी, हिन्दी, सहित कई विषयों को पढ़ातीं हैं

मैत्रेयी बताती हैं कि 21 अगस्त 2018 को वे अपनी फेयरवेल पार्टी से घर लौट रही थीं। गाडिय़ों में खूब सारे फूल थे जो उन्हें सभी ने दिए थे। तभी घर लौटते वक्त उन्हें खूब सारे बच्चे स्कूल से लौटते दिखे। उन्हें रोककर सारे फूल बांट दिए।@Patrika. तभी एक बच्चे से उन्होंने पूछा कि कुछ और चाहिए.. तब उसने कहा कि वे उन्हें पढ़ाएंगी.. बस क्या था उन्होंने बच्चों को घर बुलाया और अगले ही दिन 40 बच्चे पहुंच गए। फिर उन्होंने धीरे-धीरे इसे नेकी की पाठशाला में तब्दील किया जहां वे खुद अंग्रेजी, हिन्दी, सहित कई विषयों को पढ़ातीं हैं। वहीं गणित के लिए उन्होंने एक शिक्षक रखा है। जिसे वे वेतन भी देती है। साथ ही कई ऐसे शिक्षक भी है जो फ्री में आकर बच्चों को पढ़ाते हैं।

बच्चे बोलेंगे इंग्लिश और फ्रेंच
वे बताती हैं कि कुछ महीने बाद ही उनकी पाठशाला में बच्चों को फ्रेंच भी पढ़ाया जाएगा। साथ ही स्पोकन इंग्लिश की तैयारी कराई जाएंगी। @Patrika.उन्होंने बताया कि पढ़ाई के साथ-साथ बच्चे वहां डांस भी सीखते हैं तो पर्यावरण को सहेजना भी जान रहे है। स्वच्छता अभियान से जुड़कर वे अपनी जिम्मेदारियों को समझ रहे हैं।