
पैरामिलिट्री फोर्स भर्ती में फर्जीवाड़ा करने वाला एक्स आर्मी जवान हरियाणा से गिरफ्तार, चलाता है डिफेंस एकेडमी, पढि़ए कैसे फंसा पुलिस के बिछाए जाल में
भिलाई. पैरामिलिट्री फोर्स की भर्ती (Paramilitary Force recruitment) परीक्षा में अभ्यर्थियों को फिजिकल की ट्रेनिंग देने वाला आरोपी एक्स आर्मी जवान को पुलिस (Bhilai police)ने हरियाणा के चरखी दादरी से गिरफ्तार किया है। ट्रांजिंट रिमांड पर पुलिस दुर्ग लाई। हरियाणा पुलिस की मदद से 7 दिन तक कड़ी मशक्कत के बाद पुलिस को सफलता मिली। पाटन एसडीओपी राजीव शर्मा ने बताया कि हाल में ही सीआइएसएफ (CISF Bhiali)के उतई ट्रेनिंग सेंटर में एसएससी परीक्षा (SSC Exam)भर्ती फर्जीवाड़ा का भंडाफोड़ हुआ था। इस मामले का मास्टर माइंड और अभ्यर्थियों की जगह परीक्षा देने वाले आरोपी अभी नहीं पकड़े गए हंैं।
आरोपी को दुर्ग लाई पुलिस
एसपी प्रखर पांडेय और ग्रामीण एएसपी लखन पटले के मार्गदर्शन में टीम गठित की। उतई थाना प्रभारी सतीश पुरिया के नेतृत्व में दिल्ली और हरियाणा टीम रवाना हुई। हरियाणा के चरखी दादरी में पुलिस को सूचना मिली कि आरोपी राजेश कुमार तक्षक अपने परिचित के यहां छुपा हुआ है। हरियाणा पुलिस की मदद से आरोपी को हिरासत में लिया गया। आरोपी को गिरफ्तार कर चरखी दादरी न्यायालय में पेश किया गया। वहां से ट्रांजिट रिमांड लेकर पुलिस आरोपी राजेश को दुर्ग लाया गया। एएसपी ग्रामीण लखन पटले ने बताया कि एसएससी भर्ती परीक्षा में फर्जीवाड़ा करने वाले 35 लोगों को गिरफ्तार कर लिया गया है। हरियाणा से एक आरोपी को गिरफ्तार कर ट्रांजिट रिमांड पर लाया गया है। इस मामले का मास्टर माइंड हमारी गिरफ्त से बाहर है। जल्द ही उसे भी गिरफ्तार कर लेंगे।
डिफेंस एकेडमी चला रहा था आरोपी एक्स आर्मी
पुलिस की पूछताछ में राजेश कुमार तक्षक ने बताया कि चरखी दादरी हलीमंडी में शहीद भगत सिंह स्पोट्र्स एंड डिफेंस ऐकेडमी का संचालन करता है। वह आरोपियों के झांसे में आकर फर्जीवाड़ा का सहभागी बन गया। मुख्य आरोपी ने इसे फिजिकल परीक्षा को पास करने की ट्रेनिंग देने की जिम्मेदारी दी थी। वर्ष 2015 से राजेश कुमार तक्षक अब तक 100 अभ्यथियों को ट्रेनिंग दे चुका है। पुलिस ने एकेडमी से एडमिशन रजिस्टर, 25 हजार 800 रुपए नकद सहित दस्तावेज जब्त किया है।
यह है मामला
उतई सीआइएसएफ ट्रेनिंग सेंटर भर्ती परीक्षा में फिजिकल परीक्षा देने 32 अभ्यर्थियों ने हिस्सा लिया था। जब उनका थंब और फोटो मिलान किया गया तो लिखित परीक्षा देने वाले अभ्यर्थियों के फोटो मैच नहीं किए। तब सीआइएसएफ के अधिकारियों ने 32 अभ्यर्थियों को फर्जीवाड़े में गिरफ्तार कर उतई थाना पुलिस को सौंप दिया था। इसके पहले आरोपी सतपाल सिंह और भूपेन्द्र कुर्रे समेत अब तक 35 की गिरफ्तारी हो चुकी है।
मुख्य आरोपी पुलिस को दे गया चकमा
उतई थाना प्रभारी सतीश कुमार पुरिया, हेड कांस्टेबल नरेन्द्र सिंह राजपूत, कांस्टेबल वार नायक, चंद्रा, अजय ढीमर, जगजीत सिंह हरियाणा चरखी दादरी पहुंचे। पुलिस की मदद से आरोपी राजेश कुमार तक्षक को गिरफ्तार कर लिया। अब इस फर्जीवाड़े के मास्टर माइंड की गिरफ्तारी में टीम जुट गई। टीम को मुखबिर से पता चला कि मास्टर माइंड मथुरा से दादरी आ रहा है। तब टीम रेवाड़ी स्टेश पहुंच गई। मथुरा से आने वाली करीब 11 ट्रेनों में उसकी तलाश की, लेकिन शातिर नहीं मिला। फिर पुलिस उसके गांव पहुंची और जब पतासाजी की तो यह जानकारी मिली कि उसका परिवार और रिश्तेदार गांव छोड़कर भाग गए हैं। तब पुलिस आरोपी राजेश को लेकर वापस लौट आई।
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Published on:
26 Aug 2019 10:53 am
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