
आधी रात सड़क पर थम गई बेटे की सांसें (फोटो सोर्स- पत्रिका)
Road Accident: जिस बेटे ने तीन महीने पहले पिता को खोया था, उसी बेटे की सांसें अब सड़क पर थम गईं। सुपेला से कचांदूर जाते वक्त आधी रात हुआ सड़क हादसा केवल एक हादसा नहीं रहा, यह एक परिवार के लिए भारी त्रासदी बन गया।
जामुल टाआई रामेन्द्र सिंह ने बताया कि मंगलवार और बुधवार की रात करीब डेढ़ बजे की घटना है। कार में चार दोस्त थे। वे कंचादूर जा रहे थे। रास्ता छोटा था, मंजिल पास। लेकिन जामुल तिवारी पेट्रोल पंप के सामने कार अनियंत्रित हुई। पहले पोल, फिर शटर और अंत में लोहे के गर्डर से टकराकर पलट गई। इस भीषण टक्कर में परविंदर कुमार उर्फ पाउ की मौके पर ही मौत हो गई। उसके साथ बैठे आकाश, राहुल साहू और प्रशांत मांडले घायल हो गए।
परविंदर के घर पर अभी पिता के जाने का सन्नाटा पूरी तरह भरा भी नहीं था। परिजन के मुताबिक, पिता के निधन के बाद वह अंदर से टूट चुका था। दोस्तों के बीच हंसने की कोशिश करता, लेकिन अकेले में पिता की यादें उसे घेर लेती थीं। हादसे से कुछ घंटे पहले उसने सोशल मीडिया पर पिता को याद करते हुए एक स्टेटस लिखा था, मानो मन का बोझ हल्का करना चाहता हो।
सुबह जब हादसे की खबर घर पहुंची, तो मां की चीखें उसी आंगन में गूंज उठीं जहां कुछ महीने पहले पिता की अंतिम विदाई हुई थी। पड़ोसियों की आंखें नम थीं। सबके सामने एक सवाल था- एक ही घर से इतनी जल्दी दो जनाजे क्यों? बहरहाल हादसे ने पूरे घर को गमगीन कर दिया है। परिचित लोगों में भी बेटे के चले जाने की कसक है। लोग कह रहे हैं, जो हुआ अच्छा नहीं हुआ।
पुलिस हादसे की जांच कर रही है, रफ्तार, शराब सेवन और वाहन की स्थिति जैसे पहलुओं पर। लेकिन कागजों में दर्ज होने वाले कारण उस खालीपन को नहीं भर सकते, जो परविंदर के घर में हमेशा के लिए रह गया है। यह हादसा सिर्फ सडक़ सुरक्षा का सवाल नहीं, बल्कि याद दिलाता है कि दुख से उबरने की कोशिश कर रहे दिल कितने नाजुक होते हैं और एक पल की चूक किस तरह पूरी जिंदगी बदल देती है।
Published on:
15 Jan 2026 03:49 pm
बड़ी खबरें
View Allभिलाई
छत्तीसगढ़
ट्रेंडिंग
