
गोल्ड लोन लेने वाला गिरोह पकड़ा
भिलाई. पुलिस ने एक ऐसे लोकल गिरोह का पर्दाफाश किया है जो पहचान वालों की आईडी पर नकली सोना गिरवी रखकर फाइनेंस कंपनी से लोन लेता था। पुलिस ने एेसे ही 3 लाख 3 हजार 600 रुपए की ठगी करने वाले मास्टर माइंड राहुल कुमार, रविन्द्र प्रसाद और बृजेश यादव को गिरफ्तार किया है। आरोपियों से नकली गहने बरामद कर धोखाधड़ी का प्रकरण दर्ज कर कार्रवाई की।
सुपेला टीआई गोपाल वैश्य ने बताया कि लक्ष्मी मार्केट निवासी मोहम्मद अयाज खान ने धोखाधड़ी की शिकायत की। आरोपी सेक्टर ६ निवासी राहुल कुमार (26 वर्ष), कैंप-१ के रविन्द्र प्रसाद (23 वर्ष) और रामनगर निवासी बृजेश यादव (31 वर्ष) से जान पहचान थी। आरोपी ने मां के इलाज के लिए पैसे की आवश्यकता बताकर गहने गिरवी रख्रकर लोन दिलवाने का आग्रह किया। अयाज उनके झांसे में आ गया। मुथुट और मणिपुरम फाइनेंस से 3 लाख हजार 600 रुपए का गोल्ड लोन दिलवा दिया। बाद में पता चला के आरोपियों द्वारा बैंक में रखे गहने नकली है।
झांसा देकर तीन बार में ठगा 3 लाख
पूछताछ में राहुल ने पुलिस को बताया कि अयाज से जान पहचान थी। आरोपी रविन्द्र और बृजेश को उसके घर पर भेजा। रविन्द्र बोला कि बृजेश की मां एम्स हॉस्पिटल रायपुर में भर्ती है। उसकी मां के सोने के दो कंगन है। उसको गिरवी रखवाना है। बृजेश के पास आईडी नहीं है। उसकी परेशानी पर तरस आकर अयाज ने अपनी आईडी से मुथुट फ ाइनेंस से 75 हजार गोल्ड लोन दिलवा दिया। बाद में मां की तबियत और ज्यादा खराब होना बताकर अयाज के जरिए ही उसके दोस्त दारा सिंह से 26 नवम्बर को तीन नकली कंगन के बदले मणिपुरम फाइनेंस से 85 हजार 600 रुपए लोन लिए। इसके बाद 2 दिसम्बर को फिर दारा सिंह ने 6 कंगन के एवज में अपनी पत्नी अमरजीत कौर की आईडी पर 1 लाख 45 हजार का लोन दिलवाया।
ठगी का तरीका सीखने के बाद बनाया गिरोह
रायपुर निवासी जमीन दलाल विमल कुमार नकली ज्वेलरी से ठगी करता था। राहुल से उसकी मुलाकात हुई। राहुल को अपने काले कारोबार के बारे में बताया कि पहचान वालों की आईडी पर गिरवी रखकर गोल्ड लोन ले सकते है। जब बैंक को पता चलेगा तो जिसकी आइडी होगी पुलिस उसे पकड़ेगी। इसके बाद राहुल भी गिरोह बनाकर कारोबार करने लगा।
मदद करने वालों को 77 हजार ब्याज समेत पूरा मुलधन चुकाना पड़ा
गोल्ड लोन फाइनेंस करने वाले बैंक ने बाद में चेक किया तो सभी कंगन नकली निकले। जिनकी आईडी पर लोन दिया था, उन्हें तलब कर कंगन नकली होने की जानकारी दी। बैंक ने पुलिस में रिपोर्ट दर्ज कराने की बात की तब अयाज और दारा सिंह ने मिलकर 77 हजार रुपए ब्याज समेत बैंक का पूरा मुलधन चुकाया। इसके बाद खुद आरोपियोंके खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई।
तीन गिरफ्तार
शहर एएसपी रोहित कुमार झा ने बताया कि पहचान वालों को झांसा देकर उनकी आईडी पर बैंक से लोन लेने वाले गिरोह का फर्दाफाश हुआ है। तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके खिलाफ कार्रवाई की है।
Published on:
09 Jan 2020 11:57 am
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