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मां से बिछड़े हिरण के घायल बच्चे को उपचार के बाद भेजा जंगल सफारी, पढ़ें खबर

क्षेत्र के जंगल में तीन दिन पहले मिले घायल हिरण के बच्चे को चिकित्सकों की निगरानी में उपचार के बाद विभाग ने उसे रायपुर जंगल सफारी भेज दिया है।

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Wild animal

बालोद. क्षेत्र के जंगल में तीन दिन पहले मिले घायल हिरण के बच्चे को वन विभाग ने जिला मुख्यालय लाया था। यहां चिकित्सकों की सतत निगरानी में उसका उपचार कराया गया। स्वस्थ होने के बाद विभाग ने उसे रायपुर जंगल सफारी भेज दिया है।

घायल हिरण को उपचार के बाद भेजा रायपुर जंगल सफारी

मिली जानकारी के मुताबिक मात्र एक माह के हिरण का बच्चा 13 जनवरी को बालोद वन परिक्षेत्र में अपनी मां से बिछड़ गया था। भटकते हुए दल्लीराजहरा-बालोद मुख्य मार्ग के किनारे आ गया था। यहां किसी अज्ञात वाहन की चपेट में आकर वह घायल हो गया था, जिसके बाद घायल हिरण को ग्रामीणों ने वन विभाग को सौंपा था। वन विभाग उसकी देख-रेख करते हुए चिकित्सकों से उपचार किया। वन विभाग के अधिकारी मूलचन्द शर्मा ने बताया हिरण अब स्वस्थ है, उसे रायपुर जंगल सफारी भेजा गया है। जंगल सफारी में हिरणों के बीच उसे रखा जाएगा।

जंगल में एक मादा नीलगाय मृत अवस्था में मिली

जिले के जंगल में वन्य प्राणियों के मरने का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। किसी न किसी वजह से अक्सर वन्य प्राणी असमय काल का ग्रास बन रहे हैं। इसी क्रम में एक बार फिर बालोद वन परिक्षेत्र के बालोद बीट में मुख्य मार्ग से करीब डेढ़ किलोमीटर अंदर जंगल में एक मादा नीलगाय मृत अवस्था में मिली है। इस मादा नीलगाय की उम्र करीब 4 साल बताई जा रही है।

वन अधिकारियों की मौजूदगी में नीलगाय का अंतिम संस्कार
आपको बता दें कि बीते सोमवार की शाम वन भ्रमण के दौरान वन विभाग के कर्मचारियों को यह मृत नील गाय मिली थी, जिसे पंचनामा कार्रवाई करने के बाद बालोद लाया गया। इसी क्रम में मंगलवार सुबह पोस्टमार्टम के बाद वन अधिकारियों की मौजूदगी में नीलगाय का अंतिम संस्कार किया गया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के मुताबिक नीलगाय का लीवर कमजोर हो गया था। इसी वजह से इसकी मौत हुई है। गौरतलब है कि इसके पहले भी कई बार इस जंगल क्षेत्र में वाहनों की चपेट में आकर वन्य प्राणियों की जानें जा चुकी हैं।

सूचना बोर्ड लगाकर विभाग कर रहा अनदेखी
विभाग वन्य प्राणियों की सरंक्षण के लिए महज मुख्य सड़कों के किनारे वाहन चालकों के लिए सूचना बोर्ड लगाकर अपना दायित्व निभा रहा है, जबकि इस जंगल में वन्य प्राणी चीतल, नीलगाय, जंगली सुअर, मोर, आदि बहुआयत में हैं।

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