
Bhilai News : आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस मौजूदा दौर और आने वाले समय की सबसे बड़ी जरूरत बनकर उभरेगा। देश का किसान सुपर हाईटेक होगा, वहीं डॉक्टर्स भी मरीजों का इलाज आधुनिक तकनीक के जरिए कर सकेंगे। इतना ही नहीं बच्चों के लिए पढ़ाई करना भी आसान हो सकेगा। इस मिशन में सहयोग के लिए जल्द ही आईआईटी भिलाई में एआई लैब स्थापित होने जा रही है।
यह जानकारी आईआईटी भिलाई के डायरेक्टर प्रो. राजीव प्रकाश ने दी है। एआई पर बात करते हुए उन्होंने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस दुनिया का वह ईंधन है, जिसके बिना आगे का रास्ता पार नहीं किया जा सकता। जल्द ही वह दौर भी आएगा जब सेना मानवरहित टैंक्स और ड्रोन के साथ रोबोटिक्स हथियारों से लैस होगी। भारत ने डिफेंस के क्षेत्र में एआई के इस्तेमाल पर काम तेज कर दिया है। जागरूक करने विशेष प्रोग्राम डिजाइन किया जा रहा है।
शिक्षा मंत्रालय ने नई शिक्षा नीति में भारत को सही मायनों में एआई रेडी बनाने पर जोर दिया है। डिजिटल रेडिनेस की गति को बढ़ाने और सभी नागरिकों में डिजिटल फर्स्ट की मानसिकता को विकसित किया जा रहा है। युवाओं को एआई से सीधे तौर पर जोड़ने के लिए ही एआई फॉर ऑल प्रोग्राम लाया गया है।
यह एक सेल्फ लर्निंग प्रोग्राम है, जिसे आर्टिफिशियल इंटेजिलेंस की जागरुकता बढ़ाने के लिए बनाया गया है। एआई फॉर ऑल प्रोग्राम से स्कूली छात्र, हायर एजुकेशन ले रहे युवा, गृहिणी किसी भी क्षेत्र का पेशेवर हर कोई जुड़ सकता है। यह कार्यक्रम 4 घंटों में पूरा किया जा सकता है। कोर्स भारत की 11 भाषाओं में उपलब्ध कराया गया है।
वर्तमान समय में एआई की हल्की समझ रखने वाला व्यक्ति भी अपने काम को आसान बनाने के लिए चैटबॉट और चैटजीपीटी का इस्तेमाल कर रहा है। यह जागरुकता की शुरुआत है। छात्र असाइनमेंट के लिए त्वरित समाधान खोजते हुए चैटबॉट का उपयोग करते हैं। उपचार पर सुझाव के लिए डॉक्टर भी एआई की मदद लेंगे।
Updated on:
17 Aug 2024 04:22 pm
Published on:
17 Aug 2024 04:22 pm
