14 अप्रैल 2026,

मंगलवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

बीएसपी में फिर रिसी गैस, छह कर्मी घायल, सभी खतरे से बाहर

भिलाई इस्पात संयंत्र के आरसीएल के मशीन शॉप में बुधवार की रात करीब 11 बजे गैस रिसने से 6 कर्मचारी चपेट में आ गए। हालांकि कोई बड़ा गंभीर हादसा नहीं हुआ।

2 min read
Google source verification
SAIL BSP

बीएसपी में फिर रिसी गैस, छह कर्मी घायल, सभी खतरे से बाहर

भिलाई. भिलाई इस्पात संयंत्र के आरसीएल के मशीन शॉप (एमटीएल) में बुधवार की रात करीब 11 बजे गैस रिसने से 6 कर्मचारी चपेट में आ गए। हालांकि कोई बड़ा गंभीर हादसा नहीं हुआ। पीआरडब्ल्यू कर्मी पी कुमार, गोपाल प्रसाद और एक अन्य कर्मी को संयंत्र के मेन मेडिकल पोस्ट में प्राथमिक उपचार के बाद वापस भेज दिया। बाकी तीन कर्मियों को जवाहर लाल नेहरू चिकित्सालय एवं अनुसंधान केंद्र सेक्टर-9 में उपचार के बाद डिस्चार्ज किया गया। इनमें एक कर्मचारी एसके पटनायक को कुछ देर के लिए वार्ड एस-3 में भर्ती रखना पड़ा। 127 पीपीएम गैस लीकेज होने की सूचना के बाद भी गैस सेफ्टी विभाग डेढ़ घंटे देर से पहुंचा, जिसकी वजह से कर्मियों ने नाराजगी जाहिर की।

कर्मियों को नहीं दी है गैस सेफ्टी की ट्रेनिंग
रात पॉली में हूटर बजने पर सभी कर्मी दौड़ते हुए मशीन शॉप (एमटीएल) से बाहर भागे। इस दौरान एक कर्मी को गिरने से चोट भी लगी। वे- एक दूसरे को गैस रिसाव होने के बारे में बता रहे थे। कर्मियों में इतनी दहशत थी कि वे गैस सेफ्टी नॉम्र्स भी भूल गए। गैस रिसाव होने पर चलते हुए आराम से जाना है, क्योंकि दौड़ते हुए व्यक्ति ज्यादा गैस अपने फेफड़ों में भरता है और ज्यादा प्रभावित होता है। यूनियन का कहना है कि चारों ओर गैस पाइप होने के बावजूद यहां किसी भी कर्मी को गैस सेफ्टी की ट्रेनिंग नहीं दी गई है।

कर्मियों ने किया था आगाह
सेफ्टी कमेटी को कर्मियों ने बताया कि एमटीएल के कई कर्मियों ने इन पाइप लाइनों के बन जाने के बाद से गैस रिसाव की आशंका प्रबंधन के सामने जताई थी। इसके बाद भी प्रबंधन ने ध्यान नहीं दिया। अब उसका असर देखने को मिल रहा है।

नहीं लगाया गैस मॉनिटर व हूटर
विभाग के कर्मियों ने सेफ्टी कमेटी को बताया कि उन्होंने प्रबंधन से गैस मॉनिटर व हूटर लगाने की मांग की थी। जिससे गैस रिसाव होते ही वहां काम करने वाले कर्मियों को जानकारी मिल जाए और जन हानि न हो। प्रबंधन का ध्यान महज आउटपुट पर है।