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भारतीय रेल को बीएसपी से 90 नहीं, 110 ग्रेड क्वालिटी का चाहिए रेलपांत

भारत सरकार के रेल मंत्रालय में रेल बोर्ड, सदस्य (इंजीनियरिंग) के एमके गुप्ता गुरुवार को भिलाई पहुंचे। शुक्रवार को उन्होंने बीएसपी के उच्च प्रबंधन से चर्चा की।

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भिलाई

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Bhuwan Sahu

Aug 11, 2018

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भारतीय रेल को बीएसपी से 90 नहीं, 110 ग्रेड क्वालिटी का चाहिए रेलपांत

भिलाई . भारत सरकार के रेल मंत्रालय में रेल बोर्ड, सदस्य (इंजीनियरिंग) के एमके गुप्ता गुरुवार को भिलाई पहुंचे। शुक्रवार को उन्होंने बीएसपी के उच्च प्रबंधन से चर्चा की। जिसमें साफ किया कि भारतीय रेल को वर्तमान में भिलाई इस्पात संयंत्र से यूटीएस-90 ग्रेड की क्वालिटी का रेलपांत सप्लाई किया जा रहा है। अब भारतीय रेल चाहता है कि बीएसपी ११० ग्रेड की क्वालिटी का रेलपांत की आपूर्ति करे।
भारतीय रेलवे के प्रति वैगन की लदान क्षमता औसतन 60 टन के करीब है। यह हाल ही में बढ़ाए जाने के बाद की स्थिति है। गुट्स ट्रेनों की मांग और फेरे लगातार बढ़ रहे हैं, परिवहन के लगातार बढ़ते दबाव को ध्यान में रखते हुए रेलवे फिर से गुड्स ट्रेनों में लदान क्षमता बढ़ाने की तैयारी में है। मालगाड़ी के क्षमता को बढ़ाने के लिए इसके प्रेम को किया जा रहा है। रेलवे अपनी इस योजना के विषय में बीएसपी को भी साफ तौर पर जानकारी दे दिया है। जिससे बीएसपी उनको क्षमता के मुताबिक क्वालिटी वाली पटरी दे सकें।

हर माह देना है एक लाख टन रेलपांत

12 लाख टन सप्लाई का है आर्डर रेलवे ने वित्त वर्ष २०१८-१९ में सेल-बीएसपी को हर माह १ लाख टन रेलपांत सप्लाई का आर्डर दिया है। वित्तवर्ष 2017-18 में 9,02,743 टन यूटीएस-90 रेल्स का बेस्ट उत्पादन रिकॉर्ड दर्ज किया है।

विदेशी भी चाहते हैं रेलपांत सप्लाई करना

रेल बोर्ड सदस्य ने बीएसपी उच्च प्रबंधन से कहा कि बीएसपी से भारतीय रेल लंबे समय से रेलपांत ले रहा है, पुराने व मधुर संबंध हैं। यह बने रहे, इसके लिए समय पर रेलपांत की आपूर्ति करना होगा। विदेश की कंपनी भी रेलपांत की आपूर्ति करने तैयार है।

भारतीय रेल क्यों बना रहा दबाव

उन्होंने बीएसपी के अधिकारियों से कहा कि रेल दुर्घटना एक संवेदनशील मामला है। भारतीय रेल हर हाल में जो रेलपांत पुराने व खराब होने की वजह से बदले जाने हैं, उसको समय पर बदल देना चाहती है। रेल दुर्घटना होते ही हर कोई इसको लेकर संजीदा हो जाता है। तब सभी के निशाने पर रेल प्रशासन होता है। रेल प्रशासन चाहता है कि समय पर रेलपांत बदल दिया जाए। ताकि इस तरह की कोई स्थिति निर्मित न हो।

संयंत्र का जायजा लेने के बाद हुए संतुष्ट

गुप्ता ने रेलपांत जिस यूआरएम से किया जाता है, उसे करीब से देखा। इसके साथ-साथ पुराने रेलपांत के उत्पादन को भी देखा। संयंत्र में कनवर्टर, आरएचडी गैसर, कॉस्टर एरिया, प्लेट मिल, एसएमएस-3 का भी अवलोकन किया। दोपहर में वे रेल व स्ट्रक्चरल मिल के विजिटर्स गैलरी व लॉग रेल कॉम्प्लेक्स पहुंचे। अंत में वे यूनिवर्सल रेल मिल गए। वहां पर पूरी प्रक्रिया देखने के बाद अधिकारियों से चर्चा के दौरान संतुष्ट नजर आए।

बीएसपी सीईओ से की मुलाकात

रेलवे मंत्रालय में रेल बोर्ड, सदस्य एमके गुप्ता गुरुवार को भिलाई निवास पहुंचे। शुक्रवार को इस्पात भवन पहुंचे, जहां बीएसपी के सीईओ एम रवि सहित संयंत्र के उच्चाधिकारियों से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने सीईओ सभागार में हुए कार्यक्रम में शिरकत किया। रेल बोर्ड के सदस्या के समक्ष संयंत्र के ओवरव्यू पर पेश किया।