
छत्तीसगढ़ की दो बड़ी यूनिवर्सिटी के सही गलत में उलझे हजारों विद्यार्थी, CSVTU के इस कोर्स बताया गैरकानूनी
भिलाई . इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय (Indira Gandhi Krishi Vishwavidyalaya) , रायपुर ने भिलाई के छत्तीसगढ़ स्वामी विवेकानंद तकनीकी विश्वविद्यालय (CSVTU) की संबद्धता से चल रहे बीई एग्रीकल्चर पाठ्यक्रम को गैरकानूनी बताया है। सीएसवीटीयू को पत्र भेजकर कहा है कि प्रदेश में कृषि व इसके विज्ञान से जुड़े पाठ्यक्रम सिर्फ आइजीकेवी ही संचालित कर सकता है। यदि ऐसे में कोई अन्य विवि या संस्था कृषि संबंधित कोई पाठ्यक्रम चलाती है तो यह गैरकानूनी माना जाएगा।
विद्यार्थी उलझे
सीएसवीटीयू (CSVTU) की संबद्धता से यह कोर्स भिलाई के रूंगटा इंजीनियरिंग कॉलेज (आर-1) में संचालित हो रहा है। जिसमें सीएसवीटीयू ने 60 सीटों का इनटेक दिया। कोर्स के दो साल हो चुके हैं, जबकि अभी काउंसलिंग से तीसरा बैच शुरू होगा। काउंसलिंग के ठीक पहले दो विश्वविद्यालयों के अध्यादेश में विद्यार्थी सीधे तौर पर उलझ गए हैं।
आदेश व अध्यादेश भेजा
आइजीकेवी ने सीएसवीटीयू को पत्र में यह भी समझाया है कि कृषि व संबद्ध विज्ञानों में शिक्षण, अध्यापन, प्रशिक्षण की व्यवस्था करने के लिए आप (सीएसवीटीयू) सक्षम नहीं है। सबसे अहम बात यह है कि सीएसवीटीयू (CSVTU) प्रशासन को इस मामले में कोई जानकारी ही नहीं है, जबकि आइजीकेवी बकायदा इस बात का सबूत पेश कर रहा है। सीएसवीटीयू के रजिस्ट्रार व कोर्स संचालित करने वाले कॉलेज आर-1 प्रबंधन को जो पत्र भेजा गया है, उसमें पूर्व के आदेश व अध्यादेश और राजपत्र की प्रति भी साथ में है।
कुलपति ने कहा कुछ बोलना ठीक नहीं
कुलपति सीएसवीटीयू डॉ. एमके वर्मा ने बताया कि मुझे पहले अध्यादेश देखना होगा। यदि कृषि विवि कहता है कि इस क्षेत्र में कोर्स चलाने उनका एकाधिकार है तो हमें कोई दिक्कत नहीं है। हमें एआइसीटीइ से मान्यता मिली है, उनके कोर्स में बीइ एग्रीकल्चर भी था, इसलिए संबद्धता दी गई। समझने के बाद ही कुछ बोलना ठीक होगा।
डायरेक्टर रूंगटा इंजीनियरिंग आर 1, सोनल रूंगटा ने कहा कि हमने सीएसवीटीयू को एग्जाम्पल दिए थे कि दूसरे प्रदेशों में तकनीकी विवि कृषि के कोर्स चलाता है। एआइसीटीई से ही हमें भी मान्यता मिली है। अब यदि कृषि विवि कहता है कि हमें उनसे संबद्धता लेनी है तो, कोई दिक्कत नहीं है। हमारे विद्यार्थियों को आइजीकेवी में शिफ्ट कर देंगे।
पीआरओ आइजीकेवी संजय नैयर ने कहा कि हां.. सीएसवीटीयू को पत्र भेजा गया है। इसमें हमने विवि का अध्यादेश भी संलग्न किया है। जिसमें स्पष्ट है कि प्रदेश में सिर्फ आइजीकेवी ही कृषि से संबंधित कोर्स का संचालन कर सकता है।
नहीं दे पाए स्पष्ट जवाब
सीएसवीटीयू (CSVTU) रजिस्ट्रार के नाम आइजीकेवी का पत्र 4 जून को भेजा गया, लेकिन 11 जून तक भी वे मामले में स्पष्ट जवाब नहीं दे पाए। सीएसवीटीयू के कुलपति एमके वर्मा ने कहा है कि कोर्स अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद के द्वारा लिस्ट किया गया है। उसी आधार पर पाठ्यक्रम को मंजूरी व कॉलेज को संबद्धता दे दी गई।
Published on:
12 Jun 2019 02:16 pm
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