
छत्तीसगढ़ के इस जिले में मिले दुर्लभ प्रजाति के विलुप्त होते चिंकू अब जंगल सफारी में रहेगा
बालोद@Patrika. जिले के गुंडरदेही ब्लॉक के ग्राम खुटेरी में बहने वाली नहर में गिरा (chinkara) चिंकारा (Wild animal) अब पूरी तरह स्वस्थ्य हो चुका है। उसे अब जंगल सफारी (Jungle safari) भेज दिया गया हैं। (Balod patrika) जिले में पहली बार मिले चिंकारा प्रजाति के हिरण ब्लैक बक को वन कर्मचारियों ने चिंकू नाम दिया है। (Chinkara species deer black buck)
चिंकारा प्रजाति का यह हिरण ब्लैक बक पहली बार बालोद जिले में देखा गया
मुख्य वन सरंक्षक (सीसीएफ) दुर्ग (Chief Forest Conservator)एसडी बडग़ैय्या घायल चिंकारा को देखने दुर्ग से बालोद पहुंचे थे। उन्होंने ने बताया कि इसे अब आगे की देखरेख के लिए जंगल सफारी भेजा जाएगा। उन्होंने कहा कि जिस तरह यह चिंकारा घायल हुआ था उसे देखते हुए इसके बचने की संभावना कम दिख रही थी। (Injured chinkara) बालोद वन विभाग की टीम ने परिवार के सदस्य की तरह अच्छे से देखभाल कर पूरी तरह स्वस्थ किया हैं। अब इसे आगे की देखरेख व निगरानी के लिए जंगल सफारी भेज दिया जाएगा। ( DFO Satovisha Samajdar) डीएफओ सतोविशा समाजदार ने बताया कि चिंकारा प्रजाति का यह हिरण ब्लैक बक छतीसगढ़ में तो है पर पहली बार बालोद जिले में देखा गया।
30 जून को नहर में बहते हुए मिला था
बता दें कि घायल चिंकारा गुंडरदेही विकासखंड के ग्राम खुटेरी के नहर में बहता हुआ 30 जून को मिला था। विगत 12 दिनों से (Balod Forest department) वन विभाग के अधिकारी व कर्मचारी इसकी देखभाल कर रहे थे। वन विभाग के कर्मचारी मानकुर ने इसे चिंकू नाम दिया हैं।
शाम को भेजा जंगल सफारी
बता दें कि शाम 5 बजे कड़ी सुरक्षा के साथ इस वन्य प्राणी चिंकू को बेहतर इलाज व अच्छे माहौल के लिए जंगल सफारी भेजा गया। इस दौरान रेंजर रियाज खान, डिप्टी रेंजर सहित वन विभाग के अधिकारी और कर्मचारी मौजूद थे।
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Published on:
13 Jul 2019 12:52 am

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