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वेटरनरी डॉक्टर की सैलरी से कटेगी बैल के बीमा की राशि, पढि़ए पूरी खबर

पोस्टमार्टम नहीं किए जाने से बैल की मृत्यु पर क्लेम नहीं मिलने के मामले में कलक्टर ने पशु चिकित्सक की सैलरी से बीमा राशि काटने के निर्देश दिए।

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Rajnandgaon patrika

राजनांदगांव. चौकी ब्लॉक के ग्राम निचेकोहड़ा में पशु चिकित्सक द्वारा पोस्टमार्टम नहीं किए जाने से बैल की मृत्यु पर क्लेम नहीं मिलने के मामले में कलक्टर ने तत्कालीन पशु चिकित्सक डॉ. बीपी विश्वकर्मा की सैलरी से बैल की बीमा राशि काटने के निर्देश दिए हैं। ग्राम गौलीटोला में आयोजित समाधान शिविर में आए इस आवेदन के संबंध में कलक्टर ने अपर कलक्टर ओंकार यदु को जांच के निर्देश दिए थे। जांच की रिपोर्ट आने पर कलक्टर ने 30 हजार रुपए की राशि बीमित ग्रामीण को डॉक्टर की सैलरी से दिलाने अधिकारियों को आदेशित किया।

किसान को दो साल तक भटकना पड़ा
उन्होंने कहा कि पशु चिकित्सक की लापरवाही से किसान को दो साल तक भटकना पड़ा, इसकी पूरी जिम्मेदारी पशु चिकित्सक की बनती है कि वो किसान को हुए नुकसान की भरपाई करें। ग्राम निचेकोहड़ा के राम ने दो बैल खरीदे थे, इसमें श्रीराम का एक बैल बीमारी की वजह से 11 अगस्त 2016 को मर गया। श्रीराम ने ओरियंटल इंश्योरेंस कंपनी के पास इन बैलों का बीमा कराया था और बीमा की राशि तीस हजार रुपए थी। बैल की मृत्यु की सूचना श्रीराम ने तत्कालीन पशुचिकित्सक को दी लेकिन श्रीराम के मुताबिक पशुचिकित्सक ने इसका पोस्टमार्टम नहीं किया। जब श्रीराम बीमा कंपनी के दफ्तर पहुंचे तो उनसे पोस्टमार्टम की कॉपी मांगी गई लेकिन यह श्रीराम के पास उपलब्ध नहीं थी।

निर्देशित किया
किसान ने बताया कि उसने बैल की मृत्यु के तुरंत बाद इसकी सूचना चिकित्सक को दी। प्रकरण के सामने आने पर शिविर में मौजूद ग्रामीणों ने कहा कि अन्य मौकों पर भी पशुचिकित्सक की कार्यप्रणाली लापरवाही से भरी रही है। इस पर कलक्टर ने नाराजगी जाहिर करते हुए किसान को राहत दिलाने मामले की जांच के निर्देश दिए थे। जांच रिपोर्ट के पश्चात कलक्टर ने इस मामले में पशु चिकित्सक की लापरवाही पाई और किसान को मिलने वाली बीमा राशि को पशु चिकित्सक को वहन करने के निर्देश दिए तथा यह राशि इनकी सैलरी से काटने अधिकारियों को निर्देशित किया।

लोक सुराज में आवेदन किया
बीमा कंपनी के अधिकारियों ने बताया कि आवेदन की प्रोसेसिंग तभी होती है जब पोस्टमार्टम की कॉपी मिलती है, इसके बगैर क्लेम की कार्रवाई आगे नहीं बढ़ाई जा सकती। राहत नहीं मिलने पर उन्होंने लोक सुराज में आवेदन किया। कलेक्टर जिस दिन समाधान शिविर पहुंचे, उस दिन इस आवेदन की भी बारी आई। कलक्टर ने पशु चिकित्सक से पोस्टमार्टम नहीं करने का कारण पूछा तो उन्होंने बताया कि बैल की लाश मौके पर मौजूद नहीं थी, इसलिए पोस्टमार्टम नहीं किया जा सका।