
सिग्नल जंप करना और अपराधी का भागना नहीं होगा आसान, अब आ गया इंटेलीजेंट ट्रैफि क मैनेजमेंट सिस्टम
भिलाई. ट्रैफिक सिग्नल तोड़कर भागने वाले वाहन चालक अब पुलिस की नजर से नहीं बच पाएंगे। शहर में आपराधिक घटनाओं को अंजाम देकर भागना भी अब आसान नहीं होगा। ट्रैफिक पुलिस हाइटेक तरीके इंटेलीजेंट ट्रैफि क मैनेजमेंट सिस्टम (आईटीएमएस) से फोरलेन व ट्विनसिटी की अन्य सड़कों की निगरानी करेगी।
अब तक 11 चौराहों पर 126 कैमरे लग चुके हैं। इनमें से ९ चौराहों पर आईटीएमएस सिस्टम इंस्टॉल करने के बाद पुलिस ने इसकी टेस्टिंग भी शुरू कर दी है। यातायात नियमों का उल्लंघन करने वालों के साथ-साथ क्राइम की वारदात कर भागने वाले भी कैमरे में कैद हो जाएंगे, जिससे पुलिस को विवेचना में मदद मिलेगी।
ग्रामीण एएसपी डीआर पोर्ते ने बताया कि पहले चरण में कुम्हारी से पुलगांव चौक तक 11 स्थानों पर ऑटोमैटिक नम्बर प्लेट रिकग्नाइज कैमरे लगा दिए गए हैं। फिलहाल ९ चौक के सभी कैमरों को चालू कर दिया गया है। कंट्रोल रूम से कनेक्ट सिस्टम की टेस्टिंग की जा रही है। अगले महीने जून से इसकी शुरुआत कर दी जाएगी। ट्रैफिक पुलिस चालान भी करना शुरू कर देगी। इस टेक्रोलॉजी से कैमरे में वाहन के नंबर प्लेट कैद हो जाएंगे। पुलिस बड़ी सरलता से वाहन चालक तक पहुंच जाएगी।
यहां लगाए गए कैमरे
पहले चरण में जीई रोड पर कुम्हारी से पुलगांव चौक के बीच 11 चौक पर कैमरे लगाए गए हैं। कुम्हारी चौक, सिरसा गेट, पॉवर हाउस चौक, चंद्रा-मौर्या चौक, सुपेला चौक, गुरुद्वारा तिराहा, चिखली चौक, जेवरा सिरसा, पुलगांव चौक और पटेल चौक पर कैमरे लग गए हैं। पुलिस की टेक्रीकल विंग टेस्टिंग कर रही है।
रेड लाइट जंप करने वाले पकड़े जाएंगे
एसएसपी डॉ. संजीव शुक्ला ने बताया कि आईटीएमएस सिस्टम नौ चौराहे पर लगा दिए गए हैं। इसका ट्रायल चल रहा है। ट्रायल के बाद बहुत जल्द ही उसे लागू कर दिया जाएगा। एक्सीडेंट और रेड लाइट जंप करने वाले पकड़े जाएंगे। इससे अपराधियों को ट्रेस करने में भी मदद मिलेगी।
48 जगहों पर लगेंगे डिटेक्टर कैमरे
दूसरे चरण में शहर के 48 स्थानों पर डिटेक्टर कैमरे लगाए जाएंगे। हर चौक-चौराहों पर रेड लाइट वैलेशन डिटेक्टर कैमरे लगने से वारदातों को अंजाम देकर भागने वाले अपराधी भी आसानी से पकड़ में आ जाएंगे। इस सिस्टम को लगाने के लिए दुर्ग पुलिस ने पहले चरण में १६ करोड़ रुपए खर्च किए। टेंडर गुजरात की स्मार्ट लिंक सॉल्युशन प्राइवेट लिमिटेड कंपनी और टेक्रोसिस सिस्टम प्राइवेट लिमिटेड कंपनी को मिला है।
रेड लाइट वायलेशन डिटेक्शन (आरएलवीडी ) कैमरा - आरएलवीडी कैमरे ऑटोमैटिक ट्रैफि क सिग्नल का काम करता है। यह सुपेला घड़ी चौक और चंद्रा मौर्या चौक पर लगाया गया है। फिलहाल फोरलेन पर जेब्रा क्रॉसिंग मार्ग बनाया जा रहा है। सप्ताह भर के बाद शुरू कर दिया जाएगा।
नम्बर प्लेट डिटेक्शन (एनपीआर) कैमरा - एनपीआर कैमरा रेड सिग्नल का वायलेशन करने वाले वाहनों को रिकग्नाइज करेगा। तेज गति से संचालित वाहनों के नम्बर प्लेट को भी ट्रेस करने की छमता है। ऑटोमैटिक चालान जनरेट कर ट्रैफिक नियमों की अवहेलना करने वालों केघर भेजा जाएगा।
फि क्स्ड कैमरा - यह सीधे वाहनों पर फोकस डालेगा। इनके फुटेज को कैच करेगा। जिससे अपराधियों के फुटेज का मिलान किया जा सकता है।
Published on:
24 May 2018 01:29 pm
बड़ी खबरें
View Allभिलाई
छत्तीसगढ़
ट्रेंडिंग
