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संविलियन की मांग करने वाले शिक्षाकर्मी वोटरों को क्यों कर रहे जागरूक, ये है वजह

शिक्षाकर्मियों ने नाराजगी जताई कि सरकार पिछले 22 सालों से सौतेला व्यवहार कर रही है। सरकार के वादों के बाद भी संविलियन की दिशा में पहल नहीं हो रही है।

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संविलियन की मांग करने वाले शिक्षाकर्मी वोटरों को क्यों कर रहे जागरूक, ये है वजह

रायपुर . संविलियन के लिए नेताओं की शरण में जाने वाले शिक्षाकर्मियों ने अब उनसे मुंह मोड़ लिया है। शिक्षक पंचायत नगरीय निकाय मोर्चा ने फरमान जारी करते हुए कहा है कि 26 मई को प्रदेश की सभी 90 विधानसभाओं में होने वाले संविलियन संकल्प दिवस में राजनीतिक दलों के सदस्यों और नेताओं को आमंत्रित नहीं किया जाए। इस कार्यक्रम में समाजसेवी, शिक्षाविद्, पत्रकार, विद्यार्थी व उनके पालक, कर्मचारी संगठन, वकील, मित्र, रिश्तेदार और परिवार के सदस्य ही शामिल होंगे।

मोर्चा के प्रदेश संचालक वीरेन्द्र दुबे, विकास राजपूत और चंद्रदेव राव ने पत्रकारवार्ता संविलियन संकल्प दिवस के दिन होने वाले कार्यक्रमों के संबंध में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि 26 मई को राजधानी के आशीर्वाद भवन में यह कार्यक्रम होगा। इसके अलावा प्रदेश की सभी 90 विधानसभाओं में इसका आयोजन होगा। इसमें अनुकंपा नियुक्ति, गंभीर बीमारी से पीडि़त, वेतन विसंगति, पदोन्नति, तीन संतान, स्थानांतरण और सेवा गणना से पीडि़त शिक्षाकर्मी और उनके परिजन शामिल होंगे। मोर्चा ने सभा के बिंदु भी तय कर दिए हैं। कुल १२ बिंदुओं पर ही संविलियन संकल्प का कार्यक्रम होगा।

मोर्चा के नेताओं ने इस बात को लेकर नाराजगी जताई कि सरकार पिछले 22 सालों से शिक्षाकर्मियों के साथ सौतेला व्यवहार कर रही है। सरकार के वादों और घोषणाओं के बाद भी संविलियन की दिशा में पहल नहीं हो रही है। जबकि पड़ोसी राज्य मध्यप्रदेश में न केवल संविलियन की घोषणा हो गई है, बल्कि 29 मई को इस संबंध में बड़ा आदेश भी जारी हो सकता है। शिक्षाकर्मियों ने मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद गठित हाईपावर कमेटी के कार्यों पर भी गंभीर सवाल उठाए हैं।

संभाग स्तर पर शुरू करेंगे बड़ा आंदोलन
मोर्चा के प्रदेश संचालक वीरेन्द्र दुबे ने बताया कि शिक्षाकर्मी चरणबद्ध तरीके से आंदोलन कर रहे हैं। राजधानी में महापंचायत करने के बाद सोशल मीडिया पर कई तरह की मुहिम शुरू की गई है। सभी की सहमति से 26 मई को संविलियन संकल्प दिवस के रूप में मनाया जा रहा है। यदि सरकार ने उनकी मांगों पर गंभीरता नहीं दिखाई तो, 26 मई को ही बड़े आंदोलन की घोषणा की जाएगी। यह आंदोलन प्रदेश के पांचों संभाग में शुरू होगा।

चला रहे मतदाता जागरूकता कार्यक्रम
शिक्षाकर्मियों ने बताया कि प्रदेश में मतदाता जागरूकता कार्यक्रम चलाया जा रहा है। हर शिक्षाकर्मी को 50-50 मतदाताओं को जागरूक करने का निर्देश दिया गया है, ताकि आगामी विधानसभा चुनाव में एक मजबूत सरकार चुनकर आ सके। इस अभियान के सरकार विरोधी होने के सवाल के जवाब में कहा, हम केवल मतदान करने के लिए जागरूक कर रहे हैं।