
दुर्ग . विधानसभा चुनाव से पहले टिकट की दावेदारी को लेकर खेमे में बंटे शहर के जोगी कांग्रेस के नेता पार्टी के मुखिया और पूर्व सीएम अजीत जोगी के नाम पर भी एक नहीं हो पाए। पूर्व सीएम के जन्मदिन पर 72 सीटों में जीत के दावे के साथचुनावी आगाज के लिएरविवार को प्रदेश भर के जोगी कांग्रेस के नेताओं व कार्यकर्ताओं को राजधानी बुलाया गया था। इसके लिए नेताओं को एकजुटता के साथ ज्यादा से ज्यादा कार्यकर्ताओं को लेकर पहुंचने की खासतौर पर हिदायत दी गई थी। इसके विपरीत खेमे में बंटे जिले के नेता 3 गुटों में 3 अलग-अलग जगहों से रवाना हुए।
शक्ति प्रदर्शन की तर्ज पर अलग-अलग जगहों से गुटों में रवाना हुए
शहर विधानसभा सीट के लिएजोगी कांग्रेस की ओर से व्यवसायी प्रकाश देशलहरा, पूर्व पार्षद प्रताप मध्यानी और पार्षद डी प्रकाश प्रमुख दावेदार हैं। इन तीनों नेताओं के बीच दावेदारी को लेकर लंबे समय से घमासान चल रहा है। हालत यह है कि तीनों नेता एक मंच में आने से भी परहेज करते रहे हैं। इसे देखते हुए रविवार को राजधानी में होने वाले संकल्प सभा के लिए करीब 15 दिन पहले ही विधायक अमित जोगी ने नेताओं को कार्यकर्ताओं की विशेष रूप बैठक लेकर एकजुटता की हिदायत दी थी। इसके बाद भी नेता एकजुट नहीं हो पाए और शक्ति प्रदर्शन की तर्ज पर अलग-अलग जगहों से गुटों में रवाना हुए।
देशलहरा कार्यालय, मध्यानी निकले बस स्टैंड से
प्रदेश महामंत्री प्रकाश देशलहरा पटेल चौक स्थित पार्टी कार्यालय से रवाना हुए। उनकी टीम में युवाओं की संख्या ज्यादा रही। वहीं प्रदेशमहामंत्री प्रताप मध्यानी व उनके समर्थक पुराना बस स्टैंड में इक_ा हुए।जबिक पार्षद डी प्रकाश समर्थकों के साथसाइंस कॉलेज के सामने इक_ा हुए। यहां उन्होंने पहले केक काटा फिर राजधानी के लिएरवाना हुए।
दावा 10 हजार का गए केवल 15 सौ
इससे पहले जोगी कांग्रेस की ओर से प्रेस कांफ्रेंस लेकर प्रत्येक जिले से कम से कम 10 हजार कार्यकर्ता जुटाने का दावा किया था। जिले के नेताओं ने भी करीब इतने ही कार्यकर्ताले जाने की बात कही थी, लेकिन तीनों नेता मिलकर करीब 15 सौ कार्यकर्ताही जुटा पाए। सबसे ज्यादा संख्या प्रकाश देशलहरा के साथरवाना होने वालों की रही।
गुटीय संघर्ष के कारण अटकी है टिकट
विधानसभा चुनाव के लिएजोगी कांग्रेस की ओर से टिकट का वितरण शुरू हो गया है। अब तक 90 में से 24 सीटों के प्रत्याशी घोषित भी किएजा चुके हैं, लेकिन दुर्ग शहर की सीट नेताओं के गुटीय संघर्ष के कारणअटका है। यहां गुटबाजी का आलम यह है कि नेता कार्यक्रमों में तो दूर पार्टीकी बैठकों में भी एक साथनहीं दिखते।
Updated on:
29 Apr 2018 09:20 pm
Published on:
29 Apr 2018 09:34 pm
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