
बहुचर्चित सेक्टर-7 अपहरण कांड: आरोपियों को सात साल की सजा, फिरौती के लिए 6 साल के मासूम को किया था अगवा
दुर्ग. छह वर्ष के मासूम आरिब अपहरण कांड में शनिवार को न्यायालय ने अपना फैसला सुना दिया। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश मधुसूदन चंद्राकर ने इस वारदात की मुख्य आरोपी सरोज बाघ (50 वर्ष) व उसके दोस्त मुकेश महना उर्फ महेन्द्र (36वर्ष) को दोषी करार दिया है। दोनों को हत्या के प्रयास, अपहरण और वारदात की साजिश रचने की धारा के तहत 7-7 वर्ष कारावास की सजा सुनाई गई। न्यायाधीश ने तीनों ही धाराओं के तहत कुल 300 रुपए जुर्माना भी किया है।
जान लेने सिर फोड़ा, बोरे में भर टॉयलेट में छुपाया
प्रकरण के मुताबिक सेक्टर- ७ भिलाई निवासी बीएसपी कर्मचारी शमसूल इस्लाम का ६ वर्ष का बेटा आरिब अचानक गायब हो गया था तब वह घर के सामने अपने दोस्तो के साथ खेल रहा था। आसपास के क्षेत्र में तलाश करने के बाद भी आरिब के नहीं मिलने पर ड्यूटी छोड़ घर आए शमसूल ने भिलाईनगर कोतवाली पहुंचकर गुमशुदगी दर्ज कराई थी। पुलिस की पड़ताल के बाद आरिब को आरोपी महिला सरोज बाघ के घर से बरामद किया गया। आरिब का हाथ पैर बांध प्लास्टिक के बोरे में बंद कर टायलट में छिपाया था। आरिब बेहोशी की हालत में था। उसका सर फटा हुआ था। पुलिस ने मासूम को सेक्टर नौ अस्पताल के आईसीयू में भर्ती कराया गया।
बाल साक्षी का बयान बना सजा का आधार
वैसे तो इस प्रकरण में १५ गवाह थे। सभी गवाहों ने घटना का समर्थन किया। न्यायालय ने आरोपियों को सजा देने अपहृत मासूम व उसके दोस्त के बयान को आधार बनाया।
बाल साक्षी एक- घटना के समय मैं अपने दोस्तों के साथ कंची खेल रहा था। इसी बीच मुकेश वहां पहुंचा और कबूतर दिखाने के बहाने खंडहरनुमा बिल्डिंग में ले गया। जहां सरोज ने उसको पकड़ कर रखा था। मुकेश ने उसके हाथ पार बांधे। आवाज करने पर मुकेश ने ईंट से सिर पर वार किया था।
बाल सक्षी दो- दोनों आरोपियों की पहचान करते इस बाल साक्षी ने न्यायालय को बताया कि घटना के समय दोनों आसपास खेल रहे थे। इसी बीच वह घर चला गया। वापस आने पर वहां आरिब नहीं था।
फिरौती के लिए किया था अपहरण
पुलिस की पूछताछ में महिला ने बताया कि वे आरिब का फिरौती के लिए अपहरण किया था। अपहरण करने के बाद वे घबरा गए इसलिए आरिब के सिर पर वार किया था। वे आरिब के पिता से एक लाख रुपए की डिमांड करने वाले थे। सरोज ने बताया कि मुकेश चोरी के बाद संपत्ति उसे देता है। पुलिस ने उसके घर से जेवरात जब्त किए थे।
नाबालिग का प्रकरण किशोर न्यायालय में
इस मामले में पुलिस ने तीन लोगों को गिरफ्तार किया था। तीसरा आरोपी नाबालिग होने पर उसे बाल संप्रेक्षण गृह भेजा गया। उसका प्रकरण किशोर न्यायालय में विचाराधीन है।
Published on:
30 Jun 2018 11:34 pm
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