
भिलाई. भिलाई इस्पात संयंत्र में एमएसडीएस-5 के समीप यूनियन के पदाधिकारी व कर्मचारियों ने मिलकर महिलाओं को कोयला चोरी करते पकड़ा। महिलाओं को रोका और कोयले को लेकर सीआईएसएफ के हवाले किया। कर्मचारी अब संयंत्र से चोरी रोकने खुद ही पहल कर रहे हैं। यह प्रबंधन के लिए भी राहत देने वाली खबर है।
संयंत्र के भीतर जाने का सबसे आसान रास्ता
भिलाई इस्पात संयंत्र में देर रात पुरैना गेट व अन्य स्थानों से बड़ी संख्या में महिलाएं प्रवेश करती हैं। रात का अंधेरा गहराता है, तो वे धीरे-धीरे बीएसपी के भीतर फैल जाते हैं। पूरी रात बीएसपी में आस्ट्रेलिया से आने वाले कोल को बोरे में एकत्र कर लेते हैं। इसके बाद सुबह करीब ४ से ५ बजे के बीच वे बाहर हो जाते हैं। यह सिलसिला हर दिन चलता है। बीएसपी का पुरैना गेट व गनियारी के रेलपांत का एरिया चोरों के लिए संयंत्र के भीतर जाने का सबसे आसान रास्ता है।यहां से वे प्रवेश कर जाते हैं।
महिलाओं को कोल लेकर जाते कर्मियों ने रोका
बीएसपी के एमएसडीएस-5 के समीप अनाधिकृत तौर पर भीतर जाने वाले करीब दर्जनभर महिलाओं को छत्तीसगढ़ मजदूर संघ के पदाधिकारी श्रीनिवास राव व विभागीय कर्मचारियों ने शुक्रवार की सुबह रोका। महिलाओं से कहा कि इस तरह से संयंत्र से चोरी करना गलत है।इसकी वजह से उनको जेल भी जाना पड़ सकता है।इसके बाद कोयले को सीआईएसएफ के हवाले किया।
सीईओ को दी जानकारी
बीएसपी के सीईओ एम रवि को कर्मियों ने चोरी के संबंधमें जानकारी दी। २१ जनवरी को संघ के साथबीएसपी सीईओ की बैठक हुईथी, जिसमें संयंत्र में हो रही चोरी को लेकर चिंता जाहिर की गई थी।इसके साथ-साथ चोरी को रोकने सभी को एकजुट होकर प्रयास करने कहा गया था।इस पर यूनियन ने पहल की है।
सुरक्षा के लिए हो पुख्ता इंतजाम
संघ के अध्यक्ष गिरीराज देशमुख ने कहा कि पुरैना गेट पर सुरक्षा को और पुख्ता करने की जरूरत है। यहां से बाहरी लोग आसानी से संयंत्र के भीतर पहुंच रहे हैं।संयंत्र से कोल के साथ-साथ दूसरे कीमती सामान भी पार होने की आशंका बनी रहती है।
Published on:
09 Feb 2018 03:57 pm
बड़ी खबरें
View Allभिलाई
छत्तीसगढ़
ट्रेंडिंग
