
ग्राम कोटवार ने बेच दी २.६५ एकड़ शासकीय जमीन, बाउंड्रीवाल तैयार कर चल रही कॉलोनी बसाने की तैयारी
फोटो-१० तारा-१
भिलाई . ग्राम कोटवार की शासकीय जमीन की खरीदी-बिक्री का मामला सामने आया है। अब उस जमीन पर प्लाटिंग कर कॉलोनी बसाने की तैयारी चल रही है। शासकीय जमीन के कुछ हिस्से पर बाउंड्रीवाल भी तैयार हो गई है। जिला प्रशासन जांच के नाम पर खानापूर्ति कर रहा है।
पटवारी हल्का नंबर -१९/ अ खसरा नंबर- १४४(नया खसरा नंबर-२४१) में २.६५ एकड़ जमीन है। शासन ने इस जमीन को १९८७-८८ में ग्राम कोटवार नोहरदास पिता नवलदास और निर्मलदास पिता उदलादास को जीवन यापन के लिए दी थी। नोहरदास के निधन के बाद यह जमीन उनकी पत्नी दयाबाई नवलदास के नाम पर ट्रांसफर की गई। निर्मलदास पिता उदलादास की जमीन नए कोटवार अशोक कुमार पिता समलु साहू के नाम पर दर्ज की गई। जमीन शासकीय है। इस वजह से ग्राम सेवा के बदले भू-राजस्व वसूल नहीं किया जाता, लेकिन राजस्व विभाग के अधिकारी कर्मचारियों ने सांठगांठ कर शासकीय जमीन को तीन टुकड़े में विभाजित कर १४ लाख रुपए में बेच दिया गया।
तीन लोगों के नाम पर रजिस्ट्री
उप पंजीयक कार्यालय से तीन व्यक्ति के नाम पर शासकीय जमीन की बकायदा रजिस्ट्री की गई है। २.६५ एकड़ जमीन को तीन टुकड़े में विभाजित किया है। नया खसरा नंबर २४१/१ रकबा ०.५२० हेक्टेयर को जमीला मोहम्मद पिता वीके मोहम्मद को बेच दिया। २४१/२ रकबा ०.१४० हेक्टेयर को जीवन साहू पिता केशव साहू और खसरा नंबर २४१/३, रकबा ०.४०० हेक्टेयर जमीन शहनाज पति विकास मोहम्मद को बेच दी गई। राजस्व रिकॉर्ड में इनके नाम पर दर्ज है। इस जमीन पर कॉलोनी बसाने की तैयारी चल रही है।
विशेष थाना में प्रकरण दर्ज
सालभर पहले १२ सितंबर २०१७ को नगर निगम के नगरीय नियोजन विभाग के प्रभारी डॉ.दिवाकर भारती ने शिकायत की थी। शिकायत पर विशेष थाना में डॉ. दिवाकर भारती और जमीन बेचने वाले अशोक साहू का बयान भी दर्ज हो चुका है, लेकिन पुलिस की कार्रवाई इसके आगे नहीं बढ़ पाई। कलक्टर उमेश अग्रवाल ने राजस्व विभाग को मामले की जांच के लिए कहा है, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई है।
वर्तमान में कोटवार
१९९८ से पहले कुरुद ग्राम पंचायत था। ग्राम पंचायत में ग्रामसेवक (कोटवार ) की प्रशासनिक व्यवस्था है। शासन ने ग्राम कोटवार को जीवन निर्वाह के लिए २.६५ एकड़ जमीन दी थी। नियमानुसार शासकीय जमीन की खरीदी बिक्री नहीं की जा सकती। शासन जिस व्यक्ति को कोटवार नियुक्त करता है। उस जमीन को उसके नाम पर ट्रांसफर कर दिया जाता है।
Published on:
10 Aug 2018 11:15 pm
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